'आंगनवाड़ी शिक्षा ई-लर्निंग' एप से इस जिले में दूर होगा कुपोषण

- जिले की आंगनवाडिय़ों को अब और हाइटेक बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। महिला-बाल विकास विभाग ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को और अधिक दक्ष बनाने के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 'आंगनवाड़ी शिक्षा' ई-लर्निंग व्यवस्था शुरू की है।

- अंतर्राष्ट्रीय संस्था जीआइजेड के सहयोग से तैयार इस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम जिले राज्य में सभी परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित कर मास्टर्स ट्रेनर्स बनाया गया है। सैकड़ों की संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षकों ने यह कोर्स प्रारंभ कर दिया है अंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अब सुपरवाइजर ट्रेनिंग देगी।

- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने वार्ड और मोहल्ले की महिलाओं को अपने मोबाइल पर वीडियो दिखाकर आसान तरीके से बच्चों को स्वस्थ और पोषण आहार की जानकारी देगी।

By: balmeek pandey

Published: 06 Jul 2019, 01:02 PM IST

कटनी. जिले की आंगनवाडिय़ों को अब और हाइटेक बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। महिला-बाल विकास विभाग ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को और अधिक दक्ष बनाने के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम 'आंगनवाड़ी शिक्षा' ई-लर्निंग व्यवस्था शुरू की है। अंतर्राष्ट्रीय संस्था जीआइजेड के सहयोग से तैयार इस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम जिले राज्य में सभी परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित कर मास्टर्स ट्रेनर्स बनाया गया है। सैकड़ों की संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षकों ने यह कोर्स प्रारंभ कर दिया है अंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अब सुपरवाइजर ट्रेनिंग देगी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने वार्ड और मोहल्ले की महिलाओं को अपने मोबाइल पर वीडियो दिखाकर आसान तरीके से बच्चों को स्वस्थ और पोषण आहार की जानकारी देगी। ई-लर्निंग पाठ्यक्रम को आसान, मनोरंजक और प्रभावी बनाया गया है। इसमें गेम, क्विज, फिल्म आदि को भी शामिल किया गया है। आँगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने मोबाइल पर पालकों को वीडियो के माध्यम से घर पर मौजूद खाद्य सामग्री से बच्चों को पौष्टिक आहार बनाने की जानकारी देंगीं। बच्चों के पालन-पोषण को लेकर भी वीडियो में छोटी-छोटी बातों को रोचक तरीके से बताया गया है।

 

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यह है इ-लर्निंग के सात मॉड्यूल
- ई-लर्निंग के सात मॉड्यूल तैयार किए गए हैं, इसमें 6 माड्यूल कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों दोनों के लिए और एक मॉड्यूल (सेक्टर प्रबंधन) केवल पर्यवेक्षकों के लिए तैयार किया गया है।
- वृद्धि निगरानी मॉड्यूल से बच्चों के विकास का वर्णन किया जा सकेगा, कुपोषण प्रबंधन मॉड्यूल से कुपोषण के प्रकार और दुष्प्रभाव की जानकारी से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपडेट रहेंगी।
- स्थूल एवं सूक्ष्म पोषक तत्व मॉड्यूल से बच्चों को दिये जाने वाले पोषक तत्वों की जानकारी दी जा सकेगी।
- सूचना, शिक्षा एवं संचार मॉड्यूल से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सूचनाओं के साथ ही उनके काम के लिए सजग रखा जा सकेगा।
- सामुदायिक सहभागिता मॉड्यूल से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सामुदायिक सहभागिता के तरीके सिखाये जाएंगें।

यह भी हो रही पहल
प्रारंभिक बाल अवस्था और अनौपचारिक शिक्षा मॉड्यूल से कार्यकर्ताओं को बच्चों को आंगनवाड़ी केन्द्र पर दी जाने वाली शिक्षा के तरीके सिखाये जाएंगे। सेक्टर प्रबंधन मॉड्यूल से ऑगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को, अन्य सेक्टर किस तरह से काम कर रहे है की जानकारी मिलेगी। आंगनवाड़ी शिक्षा ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे विश्व में सबसे अधिक उपयोग होने वाले सुरक्षित लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम मूडल फ्रेमवर्क में तैयार किया गया है। पाठ्यक्रम को मोबाइल एप के रूप में भी विकसित किया गया है, जो एंड्राइड बेस्ड है। इसका उपयोग किसी भी समय कहीं भी किया जा सकेगा।

इनका कहना है
आंगनवाडिय़ों की स्थिति को सुधारने के लिए यह निर्णय लिया गया है। बच्चों की सहेत संवरे इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। कुपोषण मिटाना अब पहल प्राथमिकता है।
नयन सिंह, जिला परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग।

balmeek pandey Reporting
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