नगर निगम की पहल, एक हजार श्वानों के बधियाकरण का लक्ष्य, नसबंदी के बाद 7 दिन तक मिलेगा इलाज और देखभाल
कटनी. नगर निगम द्वारा शहर में बढ़ती श्वानों की संख्या और उनके हमलों की घटनाओं पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से कटायेघाट फिल्टर प्लांट के समीप एनीमल बर्थ कंट्रोल यूनिट (एबीसी) खोली जा रही है। इस यूनिट के माध्यम से श्वानों का नसबंदी (बधियाकरण) कर उन्हें नियंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा।
नगर निगम द्वारा इस सेंटर का ठेका चेरीटेबल वेलफेयर सोसायटी फॉर ह्यूमन काइंड एंड एनीमल्स भोपाल को दिया गया है। इस संस्था को प्रति श्वान बधियाकरण पर 1599 रुपए भुगतान किया जाएगा। शुरुआत में एक हजार श्वानों के बधियाकरण का लक्ष्य तय किया गया है। नगर निगम इस यूनिट के लिए भवन और मूलभूत ढांचा उपलब्ध करा रहा है, जबकि उपकरण, मेडिकल स्टाफ, दवाइयां व अन्य जरूरी इंतजाम ठेका संस्था करेगी। यूनिट में 10 श्वानों के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।
सेंटर में लाए गए मेल और फीमेल श्वानों की नसबंदी की जाएगी। इसके बाद उन्हें 7 दिनों तक सेंटर में ही रखा जाएगा, ताकि उचित इलाज व देखभाल की जा सके। इस अवधि में उनके खाने-पीने और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जाएगा। स्वस्थ होने के बाद श्वानों को उसी स्थान पर वापस छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। शहर में बढ़ती श्वान समस्या के समाधान की दिशा में नगर निगम द्वारा कदम उठाया गया। नसबंदी के साथ-साथ श्वानों की देखभाल और पुनर्वास की योजना लागू की जा रही है।
नीलेश दुबे, आयुक्त नगर निगम का कहना है कटायेघाट में एनिमल बर्थ कंट्रोल यूनिट खोलने टेंडर किया गया है। शहरवासियों की सुरक्षा व स्वच्छता के लिए एबीसी यूनिट एक प्रभावी कदम है। बधियाकरण से श्वानों की अनियंत्रित वृद्धि रोकी जा सकेगी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पूरी प्रक्रिया मानवीय तरीके से हो और श्वानों को कोई असुविधा न हो।