
Condition of Government Schools : मध्यप्रदेश के शासकीय स्कूलों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। इसका ताज़ा नमूना आज कटनी के गांव चाका के शासकीय हाई स्कूल में देखने को मिला है। यहां शिक्षकों की अनुशासनहीनता एक गंभीर समस्या बन गई है क्योंकि शिक्षक स्कूल देरी से पहुंच रहे है और स्कूल का ताला सुबह 11 बजे तक भी नहीं खुला था।
ताला न खुलने के कारण स्कूल के बच्चे गेट को कूदने का असफल प्रयास करते रहे। मिली जानकारी के अनुसार, यह अनुशासनहीनता इस स्कूल की आम बात बन चुकी है जहां बच्चों के पढाई के पीरियड्स भी सही से नहीं लगते है। इस अनुशासनहीनता का कारण ग्रामवासियों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा स्कूलों का समय पर औचक निरीक्षण न करने को बताया है।
कटनी के चाका ग्रामवासी अब जिले के कलेक्टर से आस लगाए बैठे हैं कि वे इस मुद्दे पर ठोस कार्रवाई करें, ताकि सभी शासकीय स्कूलों के शिक्षक समय पर अपने स्कूलों में पहुंचें और नियमित रूप से शिक्षण कार्य करें। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो शासकीय स्कूलों की हालत और भी बदतर हो जाएगी, और सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा खत्म हो जाएगा। ग्रामवासियों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करें और अनुशासनहीन शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की है कि वे समय पर स्कूल पहुंचकर बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें। ग्रामीणों का मानना है कि यदि अधिकारी और शिक्षक मिलकर अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे, तो शासकीय स्कूलों में भी उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान की जा सकेगी।
इसी साल जुलाई मे आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, साक्षरता अभियान में सुधार के संबंध में किए गए बड़े-बड़े दावों के बावजूद, मध्य प्रदेश में स्कूली शिक्षा की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसा इसलिए क्योंकि स्कूलों में इस शैक्षणिक वर्ष में 400 सरकारी स्कूलों ने इस वर्ष कक्षा 1 से कक्षा 10 तक शून्य नामांकन दर्ज किया गया है। यही अगर बात प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के स्कूलों की बात करे तो स्थिति और गंभीर है।
Updated on:
09 Sept 2024 05:33 pm
Published on:
09 Sept 2024 05:14 pm
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