कटनी. कटनी-बीना रेल खंड में मंगलवार को रेल यातायात चार घंटे से भी अधिक समय तक बाधित रहा। इसी मुख्य वजह थी ओवह हेड एक्शटेंशन (ओएचइ) वायर का टूट जाना। पायलट और स्टेशन मास्टर की सूचना पर रेलवे कंट्रोल ने सुधार के प्रयास शुरू किया। देर शाम सुधार के बाद यातायात को बहला किया गया। इससे आधा दर्जन यात्री ट्रेन सहित 10 से अधिक मालगाडिय़ां प्रभावित हुईं। जानकारी के अनुसार टे्रन क्रमांक 11465 सोमनाथ-जबलपुर दमोह से छूटकर कटनी आ रही थी। सलैया स्टेशन और बकलेहटा स्टेशन के बीच 1193 किलोमीटर पर 2 बजकर 20 मिनट पर पहुंची तो पायलट की नजर पड़ी की ट्रैक पर ओएचइ लाइन टूटी हुई है। बताया जा रहा कि तत्काल पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोकी और अधिकारियों को मामले की जानकारी दी।
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ऑटोकट सिस्टम से टला हादसा
आएचइ लाइन के टूटते ही बिजली की सप्लाई बंद हो गई और सोमनाथ एक्सप्रेस मौके पर ही खड़ी हो गई। कटनी से टॉवर वैगन सुधार कार्य के लिए रवाना हुई। सुधार के बाद यातायात बहाल हुआ। रेल अधिकारियों ने बताया कि लाइन में ऑटो पॉवर कट सिस्टम लागू है, जब भी ओएचइ केबिल टूटती है करंट की सप्लाई बाधित हो जाती है। ऑटो कट सिस्टम लागू होने से बड़ा हादसा टला, वरना पूरी ट्रैक व ट्रेन पर करंट फैल जाता।
ये ट्रेनें हुईं प्रभावित
ट्रेन क्रमांक 18235 भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस कम पैसेंजर, ट्रेन क्रमांक 51603 बीना-कटनी पैसेंजर, ट्रेन क्रमांक 22896 फिरोजपुर-दुर्ग अंत्योदय एक्सप्रेस, ट्रेन क्रमांक 11464 जबलपुर-सोमनाथ, ट्रेन क्रमांक 19608 एमएडीएआर-कोलकाता 51601 कटनी-बीना पैसेंजर सहित 10 गुड्स ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।
यात्री में मची अफरा-तफरी
सोमनाथ-एक्सप्रेस जैसे ही इमरेजेंसी ब्रेक के साथ रुकी तो हादसे के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गए। ट्रेन के रुकते ही यात्रियों ने कूंदफांद मचा दी। जैसे ही लोगों को मालूम चला कि सिर्फ लाइन टूटी है तो उनके सांस में सांस आई। हालांकि तीन घंटे से अधिक समय तक ट्रेन के खड़े रहने के कारण यात्रियों को खासी समस्या हुई।
इनका कहना है
बकलेहटा और सलैया स्टेशन के समीप ओएचइ लाइन टूट गई है, जिसके कारण कटनी-बीना मार्ग लगभग चार घंटे तक प्रभावित रहा। टॉवर वैगन भेजकर सुधार कार्य कराया गया, इसके बाद यातायात बहाल हुआ।
प्रसंन्न कुमार, एरिया मैनेजर, कटनी।