
बच्चे के शव को दफना दिया था पिता, अस्पताल से फोन आया जिंदा है बच्चा, देखें वीडियो
कटनी. जिला अस्पताल में एक बार फिर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जिला अस्पताल के बच्चों के लिए बने एसएनसीइयू वार्ड में भर्ती बच्चे की मौत हो गई, बल्कि उसके शव के दफना दिए जाने के बाद अस्पताल प्रबंधन के एक कर्मचारी ने बच्चे के जिंदा होने की सूचना देकर परिजनों को अस्पताल बुला लिया। जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो कह दिया गया है प्रिया चौधरी नामक महिला का बच्चा है। एक ही नाम के कारण प्रिया कुशवाहा को फोन लग गया। इस मामले को लेकर मृत नवजात के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप मढ़ते हुए मामले की जांच कराए जाने कोतवाली टीआइ आशीष कुमार शर्मा को पत्र देकर जांच की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से भी शिकायत की है। प्रिया कुशवाहा के पति श्रीकांत कुशवाहा ने मांग रखी है कि प्रिया चौधरी नामक महिला को जो प्रसव हुआ है, वह बच्चा उन्हें दिखाया जाए व उसका डीएनए कराया जाए। परिजनों का आरोप है कि बच्चे को बदल दिया गया है।
यह है मामला
कोतवाली पुलिस को की गई शिकायत में श्रीकांत कुशवाहा निवासी तेवरी थाना स्लीमनाबाद ने बताया कि 5 सितंबर को शारदा हॉस्पिटल में सिजेरियन ऑपरेशन से पत्नी प्रिया कुशवाहा को बच्चा पैदा हुआ था। बच्चे के मुंह में पानी चले जाने की बात कहकर महिला चिकित्सक डॉ. श्रद्धा द्विवेदी एवं डॉ. मनीष मिश्रा के द्वारा जिला चिकित्साल रैफर कर दिया गया था। शाम 6 बजे बच्चे को एसएनसीइयू में भर्ती किया गया। 6 दिन तक इलाज चलता रहा। 10 सितंबर की शाम सूचना दी गई कि बच्चो गंभीर है, रुक-रुककर सांस आ रही है। ऑक्सीजन लगाना होगा। 10 मिनट बाद कहा कि बच्चे की मौत हो गई है। जब बच्चे के शव को सौंपा गया तो कोई टैग नहीं लगा मिला। कोई प्रमाणित पहचान नहीं हुई। 11 सितंबर को बच्चे के शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया।
चिकित्सक पर लगाया धमकी का आरोप
बच्चे के पिता ने बताया कि सोमवार की रात 9.43 बजे मोबाइल नंबर 9630379815 से फोन आया और कहा गया कि तुम्हारा बच्चा भर्ती है। उसको इंजेक्शन लगना है, उसे दूध भी पिलाना है, आप लोग अस्पताल आ जाओ। जब अस्पताल पहुंचे तो यह कह दिया गया कि गलती से फोन लग गया था। श्रीकांत ने तत्काल डॉ. मनीष मिश्रा व एसएनसीइयू प्रभारी डॉ. नीलम सोनी से चर्चा की, तो उन्होंने सुबह आकर मिलने कहा। मंगलवार सुबह जब फिर परिजन अस्ताल पहुंचे तो गलती से फोन लग जाने की बात दोहरा दी गई। श्रीकांत आरोप लगाया है कि डॉ. नीलम सोनी द्वारा धमकी दी गई है कि जो करना है कर लेना और बात करना बंद कर दिया। परिजनों ने इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराते हुए दोषियों पर कार्रवाई करने मांग की है।
वर्जन
कम वजन, उच्च रक्तचाप व अन्य जटिलताओं के चलते प्रिया पति श्रीकांत कुशवाहा के बच्चे को गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती किया गया था। 10 सितंबर की रात 8.30 बजे बच्चे की मृत्यु हो गई। शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया था। इकाई के किसी स्टॉफ ने बच्चे के पिता को फोन लगाकर बच्चे को इंजेक्शन लगवाने व दूध पिलाने के लिए सूचना दे दी गई। किन परिस्थितियों में यह गंभीर त्रुटी हुई है, इसकी जांच कराई जा रही है। इसी प्रारंभिक जांच आरएमओ से कराई जा रही है।
डॉ. यशवंत वर्मा, सीएस।
Published on:
13 Sept 2023 10:34 pm
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