कटनी

रेडी टू ईट आहार: पहली बार ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी बच्चों और महिलाओं को मिलेगा पोषण आहार

जिले में 1.32 लाख से अधिक बच्चों और 21,798 महिलाओं को मिलेगा लाभ, 28 मई तक होगा का वितरण, महिला बाल विकास विभाग ने शुरू की तैयारी

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May 27, 2025
Children and women will get nutritious food

कटनी. मध्यप्रदेश शासन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश 1 जून से 15 जून तक लागू किया जा रहा है। इस दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों से पात्र हितग्राहियों को रेडी टू ईट आहार वितरित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस आदेश के अनुसार आंगनवाड़ी सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे बच्चों एवं महिलाओं को छुट्टी के दिनों में भी निरंतर पोषण मिलता रहे, इसके लिए पूर्व नियोजित व्यवस्था की जा रही है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्तमान में कुल 1 लाख 32 हजार 678 बच्चे और 21 हजार 798 महिलाएं (गर्भवती, धात्री माताएं एवं किशोरी बालिकाएं) महिला एवं बाल विकास विभाग के पोषण कार्यक्रम में पंजीकृत हैं। इन्हें ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान 12 दिनों की मात्रा के अनुसार रेडी टू ईट आहार सामग्री दी जाएगी।

तय की गई है रणनीति

रेडी टू ईट सामग्री का वितरण 28 मई तक सभी आंगनवाड़ी केंद्रों से कर लिया जाना है, ताकि 1 जून से शुरू हो रहे अवकाश के दौरान हितग्राहियों को पूर्व में ही पोषण आहार मिल सके। सभी परियोजनाओं को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के माध्यम से समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह रहेगी वितरण की मात्रा

  • 3 से 6 वर्ष तक के सामान्य बच्चों के लिए 150 ग्राम प्रतिदिन के हिसाब से कुल 1.8 किलो रेडी टू ईट मिश्रण 12 दिन के लिए मिलेगा।
  • 6 माह से 5 वर्ष तक के अति गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए 230 से 240 ग्राम प्रतिदिन, कुल 2.76 किलो तक 12 दिन के लिए मिलेगा आहार।
  • गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए 235 से 240 ग्राम प्रतिदिन के हिसाब से लगभग 2.88 किलो 12 दिन के लिए के लिए मिलेगा आहार।3 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए, किशोरी बालिकाएं के लिए टेक होम राशन पूर्व की भांति होगा वितरण।
  • पोषणआहर में गेहूं, मूंग दाल मिक्स दलिया चूरा, गेहूं, चना दाल मिक्स सोया चूरा, गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का, मूंग, चना, सोया मिक्स फॉर्मूला लागू किया गया है।

सीडीपीओ को निगरानी के निर्देश

इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सभी परियोजना अधिकारियों, पर्यवेक्षकों एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि वे वितरण कार्य की पूर्ण निगरानी करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। आयुक्त महिला एवं बाल विकास ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पात्र हितग्राहियों को समय पर और गुणवत्ता युक्त पोषण आहार प्रदान करना विभाग की प्राथमिकता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के दौरान भी बच्चों एवं महिलाओं के पोषण में कोई रुकावट न आए। यह कदम कुपोषण को रोकने, बाल विकास को बनाए रखने और मातृ स्वास्थ्य सुधारने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।

Published on:
27 May 2025 09:11 pm
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