
ढीमरखेड़ा के पिपरिया सहलावन ग्राम पंचायत में मेढ़ बंधान में कार्य में लगे श्रमवीर।
कटनी. दुनिया में तांडव मचाकर लाखों लोगों की जीवन लेने वाले कोरोना वायरस को कटनी जिले के 310 गांव में जागरूक ग्रामीणों ने गांव के अंदर नहीं घुसने दिया। ग्रामीणों ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए समझदारी दिखाई। जनता कर्फ्यू से लेकर गांव के प्रवेश द्वार को बंद करने जैसे प्रयास किए। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने का सख्ती से पालन किया। नियम तोडऩे वालों के लिए गांव में ही जुर्माना लगाने जैसे पहल भी की। इसका असर हुआ। कटनी जिले के 407 ग्राम पंचायत में 310 गांव ऐसे हैं, जहां कोरोना के एक भी एक्टिव केस नहीं हैं। इन गांव में रहने वाले ग्रामीणों की जिंदगी सुकून के बीच कट रही है।
बतादें कि कटनी जिले के 310 गांव में एक भी केस नहीं, 84 में एक से चार और 13 गांव में ही पांच से ज्यादा एक्टिव केस हैं। इसमें बहोरीबंद, ढीमरखेड़ा, बड़वारा, कटनी, विजयराघवगढ़ और रीठी विकासखंड में क्रमश: एक भी एक्टिव नहीं होने वाले गांव की संख्या 68, 59, 56, 46, 45 व 36 हैं। वहीं एक से चार केस वाले गांव 8, 9, 10, 12, 27 व 18 हैं। पांच से ज्यादा एक्टिव केस वाले गांव की संख्या 3, 5, 0, 1, 2 और 2 गांव शामिल हैं।
कोरोना संक्रमण से गांव की सुरक्षा और बाहरी लोगों का गांव में प्रवेश वर्जित करने को लेकर ग्रामीणों की प्रतिबद्धता का उहाहरण 24 अप्रैल को ढीमरखेड़ा विकासखंड के बिचुआ गांव में सामने आया। यहां ग्रामीणों ने कोविड-19 वेक्सीनेशन टीम को ही गांव के अंदर नहीं जाने दिया। गांव के बुजुर्गों ने टीम के सदस्यों से दो टूक कहा कि गांव में बाहरी नहीं आएंगे तो कोरोना नहीं आएगा। बाद में समझाइश के बाद ग्रामीण गांव के बाहर ही टीम से टीकाकरण करवाने को तैयार हुए।
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा बताते हैं कि कटनी जिले के 310 गांव ऐसे हैं जहां कोरोना के एक भी एक्टिव केस नहीं हैं। कुछ गांव में मामले हैं भी तो संख्या बहुत कम है। गांव को कोरोना मुक्त रखने के लिए ग्रामीण अभी भी प्रयासरत् हैं। बाहरियों का प्रवेश रोकने से लेकर गांव के अंदर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे उपाय अपना रहे हैं।
Published on:
03 May 2021 07:27 am
