
कटनी के अमेहटा में कोरोना से मौत पर दहशत
कटनी. कोरोना संक्रमण ने कटनी की हालत बिगाड़ सी दी है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और आयुक्त नगर निगम सत्येंद्र सिंह धाकरे के तमाम प्रयासों के बाद भी कोरोना संक्रमण में कमी नहीं आ रही। अब तो कोरोना से होने वाली मौत ने लोगों को दहशत में ला दिया है। लोग इतने डरे हैं कि किल कोरोना सर्वे पर भी ग्रहण लगगया है।
जानकारी के मुताबिक जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर स्थित विजयराघवगढ़ ब्लॉक के महगांव पंचायत की साइडिंग बस्ती में संक्रमण ऐसा फैला है कि 350 लोगों की आबादी वाली इस बस्ती में 8 दिन के भीतर 4 लोगों की संदिग्ध मौत हो गई। स्थानीय लोगो के अनुसार मई महीने के 17 दिन में कुल 7 लोग कोरोना की भेंट चढ़ गए हैं। महगांव में संक्रमण का खौफ इस कदर है कि एएनएम राजकुमारी सोनी ने गांव से दूरी बना ली, इस दौरान उनकी बीमार पुत्री की भी मौत हो गई।
एएनएम के नहीं आने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता माया नामदेव ने किल कोरोना सर्वे बंद कर दिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने स्वीकार किया कि 73 घरों की बस्ती में ज्यादातर लोग बीमार हैं। क्षेत्र में कोई अस्पताल नहीं होने से यहां के खांसी-बुखार के मरीज निजी क्लीनिक के भरोसे हैं या फिर 10 किलोमीटर दूर कैमोर पीएचसी इलाज कराने जाते हैं। महगांव निवासियों का आरोप है कि गांव में सर्दी, खांसी, बुखार से कई लोग पीड़ित हैं, पर न तो किसी की जांच की जा रही और न ही सैंपल लेने कोई टीम अब तक पहुंची है।
महगांव ग्राम पंचायत क्षेत्र में 1 से 17 मई तक कुल 7 लोगों की मौत के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। क्रेशर संचालक की जबलपुर में मौत के बाद दो अन्य महिलाओं की मौत होने पर बस्ती के लोगों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि महगांव साइडिंग निवासी क्रेशर संचालक 15 दिन से बीमार था। क्रेशर में ही आइसोलेट होकर काढ़ा पीते रहे, लेकिन हालत ज्यादा बिगड़ी तो जिला अस्पताल कटनी पहुंचे। यहां से जबलपुर रेफर कर दिया गया। 11 मई को जबलपुर के निजी अस्पताल में मौत हो गई। जबलपुर में ही उनका कोविड प्रोटोकॉल से अंतिम संस्कार किया गया। क्रेशर संचालक के सम्पर्क में रहा उनका भाई भी बीमार है।
ग्रामीण बता रहे हैं कि लल्लू चौधरी (65) की 27 अप्रैल को, भीमबहादुर नेपाल (80) की 8 मई को, वीरेंद्र सिंह बघेल (47) की 11 मई को, लच्छोबाई कोल (55) की 13 मई को, राजकुमारी पाठकर (60) की 14 मई को मौत हो गई।
ग्रामीण बताते हैं कि कोरोना संक्रमण की पहली लहर में भी अमेहटा में वायरस का व्यापक प्रकोप था। 10 अक्टूबर को यहां 36 पॉजिटिव मिले थे। इनमें 21 लोग एक ही परिवार के थे। कोरोना संक्रमण की उस विभीषिका में स्वास्थ्य विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक में हड़कंप मच गया था।
माइक्रो कंटेनमेंट जोन अमेहटा सीमेंट प्लांट में काम जारी रहने से गुस्सा
ग्राम पंचायत महगांव के सचिव राजीव सिंह क्षत्रिय का कहना है कि साइडिंग बस्ती के सामने अमेहटा में सीमेंट प्लांट का काम जारी है। वहां रोजाना 50 से अधिक बाहरी मजदूरों का आना-जाना है, जबकि प्रशासन ने प्लांट को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर रखा है। यहां आने वाले मजदूर बस्ती में घूमते रहते हैं, जिनसे संक्रमण की आशंका है। पंचायत में अभी तक कोरोना के केवल दो पॉजिटिव मिले थे, दोनों स्वस्थ हो चुके हैं। उनका कहना है कि मृत क्रेशर संचालक की जांच तक नहीं हई थी।
एसडीएम को कोई जानकारी नहीं
लेकिन इस बार आलम यह है कि इस बारे में विजयराघवगढ़ एसडीएम प्रिया चंद्रावत को कोई जानकारी नहीं। उनका कहना है कि महगांव साइडिंग में मौत एवं बीमार लोगों की जानकारी नहीं है। मोबाइल टीम गांव-गांव जा रही है। मंगलवार को वहां टीम भेजकर सैंपलिंग कराई जाएगी।
Published on:
18 May 2021 01:32 pm
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