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शिक्षक ने प्रतिभा पर्व परीक्षा में बोर्ड में लिखकर कराई नकल, समय से पहले ही जमा कर ली गईं थीं कॉपियां, ऐसे हुआ खुलासा

प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल में अध्ययनरत बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता को परखने और उसके परिणाम अनुसार आगे सुधार लाने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही कवायद पर एक शिक्षक ने बड़ी बेपरवाही की है। शिक्षक ने खुलेआम बोर्ड में नकल कराकर समय से पहले ही 'प्रतिभा पर्व' की औपचारिकता की है।

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कटनी

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Balmeek Pandey

Dec 14, 2019

Critical negligence of teacher in Pratibha Parv exam

Critical negligence of teacher in Pratibha Parv exam

कटनी. प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल में अध्ययनरत बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता को परखने और उसके परिणाम अनुसार आगे सुधार लाने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही कवायद पर एक शिक्षक ने बड़ी बेपरवाही की है। शिक्षक ने खुलेआम बोर्ड में नकल कराकर समय से पहले ही 'प्रतिभा पर्व' की औपचारिकता की है। इसका खुलासा ओआइसी के औचक निरीक्षण से हुआ है। जानकारी के अनुसार गुरुवार से शनिवार तक जिलेभर के प्राथमिक और माध्यम स्कूलों में प्रतिभा पर्व का आयोजन चल रहा है। गुरुवार और शुक्रवार को परीक्षा व शनिवार को बालसभा होनी है। कन्हवारा शासकीय कन्या प्राथमिक शाला के सहायक शिक्षक राजेश कुमार पांडेय की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सुबह 11 बजे से डेढ़ बजे तक परीक्षा होनी थी। यहां पर 11.30 बजे ओआइसी डॉ. तनुजा श्रीवास्तव राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल औचक निरीक्षण पर पहुंची। इन्होंने पाया कि परीक्षा के निरीक्षण समय में शिक्षक परीक्षा लेने के स्थान पर ग्राउंड में बैठकर धूप सेंक रहे थे। समय से पूर्व ही बच्चों की कॉपियां एकत्रित कर ली गईं थीं।

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शैक्षणिक स्तर मिला कमजोर
ओआइसी ने पाया कि बच्चों का शैक्षणिक स्तर बड़ा ही कमजोर है। समय से पहले ही परीक्षा करा लेने पर ओआइसी को शंका हुई। उन्होंने स्कूल के बच्चों से बात की। बच्चों ने बताया कि शिक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बोर्ड में लिखकर और मौखिक रूप से नकल कराई है। इस पर ओआइसी ने कड़ी फटकार लगाई और जिला शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई करने निर्देश दिए। शिक्षक के इस कृत्य को मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विपरीत कदाचरण की श्रेणी में माना गया।

इनका कहना है
सहायक शिक्षक की इस गंभीर लापरवाही पर शोकाज नोटिस जारी किया गया है। 18 दिसंबर को समझ प्रस्तुत होकर जवाब देने कहा गया है। संतोषजनक जवाब न होने पर नियम 1966 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बीबी दुबे, जिला शिक्षा अधिकारी।

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