
डैम, जिसमें दो साल से पानी नहीं रुक रहा।
कटनी. जल संसाधन विभाग द्वारा बनाए गए जलाशयों में मनमाने तरीके से काम कराने का नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। ऐसी ही स्थिति बहोरीबंद के पठार क्षेत्र की ग्राम पंचायत डिहुटा के शांतिनगर जलाशय की है। पिछले दो साल से जलाशय के गेट के पास से सीपेज होने के कारण पानी बह जा रहा है और किसानों को समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। जलाशय का निर्माण विभाग ने वर्ष 2015~16 में कराया था, जिसमें 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। जलाशय की क्षमता 529 हेक्टेयर में सिंचाई की थी और खरीफ सीजन में लगभग 100 एकड़ में सिंचाई होनी है। डेम के पानी से पांच गांवों के लगभग 15 सौ किसानों के खेतों तक नहरों से पानी पहुंचाया जाता है लेकिन भराव न होने से किसानों को उसका लाभ ही नहीं मिल पा रहा है। विभागीय अधिकारियों के साथ ही जल उपभोक्ता समिति के अध्यक्ष, सचिव भी जानकर अनभिज्ञ बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि हाल में रीठी के पबरा जलाशय की मेड़ बहने की घटना हुई है और सीपेज से बह रहे पानी से शांतिनगर जलाशय के बहने की आशंका बनी हुई है। लोगों ने बताया कि डेम के निचले हिस्से में ही गाताखेड़ा गांव बसा है और यदि मेढ़ फूटती है तो गांव में भी लोगों को नुकसान हो सकता है।
इनका कहना है...
जलाशय में सीपेज के कारण पानी कम रुक पा रहा है। रिपेरिंग को लेकर टेंडर हो चुके हैं और जैसे ही बारिश समाप्त होती है जलाशय के रिपेरिंग का काम प्रारंभ कराया जाएगा।
आरएस नप, एसडीओ जल संसाधन विभाग
Published on:
31 Aug 2019 12:39 pm
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