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तमाम चुनौतियों के बाद भी इस स्कूल का 80 प्रतिशत से ऊपर रहता है रिजल्ट

विद्यार्थियों ने कहा- जब सरकारी स्कूल में निजी स्कूल की तरह मिल रही शिक्षण व्यवस्था तो क्यों जाए पैसे खर्च कर महंगी शिक्षा गृहण करने 

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sudhir@123 shrivas

Jan 19, 2017

chatra

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कटनी शहर में संचालित शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय माधवनगर। यह एक ऐसा सरकारी स्कूल है, जिसमें सबसे ज्यादा विद्यार्थियों की संख्या है। पढ़ाई के मामले में भी यह निजी स्कूलों को टक्कर दे रहा है। पिछले पांच साल में बोर्ड परीक्षा कक्षा 10 और कक्षा 12वीं का रिजल्ट देखा जाए तो यहां का सलाना परीक्षा परिणाम 80 प्रतिशत से ऊपर रहा है।

खेलकूद में भी इस स्कूल से कई विद्यार्थी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहरा रहे हैं। विद्यार्थियों को स्कूल में बेहतर शिक्षा मिल सकें, इसके लिए 25 शिक्षकों का स्टॉफ है। सभी स्टॉफ शिक्षण व्यवस्था बेहतर से बेहतर बनाने अथक परिश्रम भी करते हैं।

स्कूल की प्राचार्य अर्पणा अग्निहोत्री बताती है कि सरकार द्वारा स्कूल के शिक्षकों से कई प्रकार के काम कराए जाते है। तरह-तरह की जानकारी मांगी जाती है। शासन के इस काम में शिक्षकों के फंस जाने के कारण पढ़ाई का नुकसान होता है। ऐसी परेशानियों के अलावा समय-समय पर आने वाली और दूसरी चुनौतियों के बीच यहां बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। यहां प्रवेश के लिए सरकार द्वारा सीट निर्धारित की जाती है। प्रवेश लिए परीक्षा होती है।

यह बात जरूर है कि कुछ विद्यार्थियों को सीट फुल हो जाने के कारण दाखिला नहीं मिल पाता है। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय शहर में संचालित कक्षा 9वीं से 12वीं तक दूसरी सरकारी स्कूलों की अपेक्षा सबसे अधिक संख्या वाला विद्यालय है। बेहतर अनुशासन और पढ़ाई पर जोर दिया जाता है। प्रवेश परीक्षा के बाद ही इस स्कूल में दाखिला मिलता है। पिछले पांच साल में बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट भी 80 प्रतिशत से ऊपर रहा है। आने वाले समय में हमारी कोशिश रहेगी की विद्यार्थी प्रदेश स्तर पर टॉप करें।

फैक्ट फाइल
- 32 शिक्षकों का है स्टाफ। इसमें 25 नियमित और 7 अतिथि शिक्षक शामिल है। सभी शिक्षक शिक्षण व्यवस्था के जरूरी मापदंडों की करते हैं पूर्ति।
- खेलकूद के लिए भी पर्याप्त जगह। क्रिकेट, एथलेटिक्स और वॉलीबाल में पिछले 12 साल में करीब 17 खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर फहरा चुके है परचम।
- राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा पास करने पर ही मिलता है, स्कूल में दाखिला। कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए कक्षा 8वीं में 50 प्रतिशत से अंक होना होता है अनिवार्य। खाली सीटों पर दिया जाता है कक्षा 11वीं में प्रवेश। वह भी मैरिट के आधार।
- कलेक्टर की चयन समिति द्वारा लिया जाता है शिक्षकों का टेस्ट। इसके बाद होती है, उत्कृष्ट विद्यालय में नियुक्ति। बच्चों को मिलती है छात्रावास की सुविधा।
- स्किल डेवलपमेंट, आईआईटी, सिक्योटिरी सहित अन्य अतिरिक्त विषयों की कराई जाती है पढ़ाई।
कम पैसे में अच्छी मिलती है शिक्षा
छात्र अश्वनी कांछी ने बताया कि शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में कम पैसे में अच्छी शिक्षा मिलती है। इसके साथ ही आईआईटी, सिक्योरिटी, स्किल डेवलपमेंट जैसे कई तरह के कोर्स संचातिल है। बेहतर तरीके इन कोर्सों की पढ़ाई कराई जाती है। इनता ही नही बेहतर अनुशासन का पाठ पढ़ाया जाता है।
निजी स्कूलों की अपेक्षा अच्छी पढ़ाई होती है
छात्रा प्रियंका साहू ने बताया कि जो शिक्षा हमें सरकारी स्कूल में कम पैसे पर ही मिल जा रही है, तो ज्यादा पैसा खर्च कर हम सरकारी स्कूल में क्यों जाए। सरकारी स्कूल में हम लोगों को आने-जाने के लिए साइकिल, रहने के लिए छात्रावास और पढ़ाई के लिए स्कालरशिप दी जाती है। जबकि निजी स्कूलों में इन सब जीचों के लिए भारी भरकम राशि खर्च होती है। पढ़ाई के मामले में भी सरकारी उत्कृष्ट विद्यालय निजी स्कूलों से काफी आगे है।

6 साल में यह रही स्कूल की छात्र संख्या
सनछात्र
2011-12805
2012-13914
2013-14971
2014-15957
2015-161025
2016-17923

बीते चार साल में परीक्षा परिणाम प्रतिशत में
सन10वीं12वीं
2010-11100100
2011-129599
2012-13100100
2014-1599100
2015-1684.5493.77

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