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इस बड़े स्टेशन में प्रस्ताव तक सीमित विकास कार्य, नहीं हो पा रहे शुरू, यात्री परेशानी

रेलवे को हर दिन 5 से 6 लाख रुपये का राजस्व देने वाला मुड़वारा रेलवे स्टेशन सुविधाओं के लिए मोहताज है। इसका खामियाजा रेलवे के राजस्व में बढ़ोत्तरी करने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं अधिकारी-कर्मचारी भी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

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कटनी

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Balmeek Pandey

Jan 11, 2020

Special trains arranged on Pongal,Girl missing in train, mother reached railway station to search

Development work is not being done in Mudwara railway station

कटनी. रेलवे को हर दिन 5 से 6 लाख रुपये का राजस्व देने वाला मुड़वारा रेलवे स्टेशन सुविधाओं के लिए मोहताज है। इसका खामियाजा रेलवे के राजस्व में बढ़ोत्तरी करने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं अधिकारी-कर्मचारी भी समस्याओं से जूझ रहे हैं। बता दें कि यहां से औसतन प्रतिदिन 38 ट्रेनों का स्टॉपेज है। रोजाना 14 से 15 हजार से अधिक यात्री यात्रा करते हैं। यह स्टेशन कई माइनों में अहम हैं। देश व प्रदेश की राजधानी से जोडऩे वाला प्रमुख स्टेशन है, इसके बाद भी उपेक्षित है। यहां पर यात्री और अधिकारी-कर्मचारी की सुविधाओं के लिए विस्तार नहीं हो पा रहा। कई प्रस्ताव हैं जिनकी स्वीकृति तो है, लेकिन अबतक शुरू नहीं हो पाए। स्टेशन में रैम्प की सबसे बड़ी समस्या है। रैम्प न होने के कारण मजदूर जान को जोखिम में डालकर पटरियां पार कर एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म में पार्सल पहुंचाते हैं। यात्री सुविधा के लिए एस्केलेटर निर्माण का काम अबतक नहीं शुरू हुआ। वेटिंग हॉल नहीं हैं। स्लीपर वेटिंग हॉल, एसी वेटिंग हॉल, महिला-पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था, फुट ओवर ब्रिज का दोनों तरफ खुलना, सीसीटी कैमरे, दो, तीन प्लेटफॉर्म पर कोच इंडीकेटर बोर्ड की सख्त जरुरत है। इसके अलावा स्टेशन प्रबंधक कार्यालय, एसएमसी शिकायती कक्ष, उद्घोषणा कक्ष, सुरक्षित परिसर, व्यवस्थित पार्किंग, कचरा निपटान के लिए व्यवस्था नहीं पर काम शुरू नहीं हुआ। स्टेशन में पर्याप्त प्रसाधन का होना अत्यंत आवश्यक है।

अधिकारियों के दौरे से भी नहीं बनी बात
रेलवे स्टेशन में विकास के लिए जीएम, डीआरएम सहित अन्य अधिकारी यात्रा करते हैं। पिछले माह में प्रभारी जीएम पमरे गौतम बैनर्जी, डीआरएम संजय विश्वास सहित पूर्व में डीआरएम डॉ. मनोज सिंह कई बार निरीक्षण कर चुके हैं। स्टेशन में समस्याओं और आवश्कताओं पर चर्चा की। प्रस्ताव भी तैयार किया, लेकिन अधिकांश यात्री व कर्मचारियों की सुविधाओं के लिए काम शुरू नहीं हुआ।

खास-खास:
- रेलवे स्टेशन के आउटर को जाली से अबतक नहीं किया गया सुरक्षित, बाउंड्रीवॉल का निर्माण भी पड़ा बंद।
- स्टेशन के आउटर में ट्रेनों को अनावश्यक रूप से खड़ा करना, जिससे हो रहीं चोरी, लूट की घटनाएं।
- रेलवे स्टेशनों के आउटर में हाइ मॉस्ट लाइट न होने से जीआरपी व आरपीएफ को सुरक्षा में हो रही समस्या।
- स्टेशन में कुली की नहीं है व्यवस्था, माल ढुलाई के लिए भी नहीं हैं इतजाम, व्यवस्थित नहीं है मार्ग।
- मुड़वारा रेलवे स्टेशन की एप्रोच रोड नहीं है सही, प्रकाश का भी नहीं है पर्याप्त व्यवस्था, जिससे यात्री होते हैं परेशान।

इनका कहना है
रेलवे स्टेशन में जो काम स्वीकृत हैं उनपर शीघ्र काम शुरू होगा। अधिकारियों द्वारा स्टेशन का निरीक्षण किया गया है। यात्री सुविधाओं सहित स्टेशन में अन्य स्वीकृत विकास कार्य पर ध्यान दिया जाएगा।
प्रियंका दीक्षित, सीपीआरओ।