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यहां का नजारा देख देशभर में हमारा शहर हो रहा बदनाम

गंदगी दिखे और आए दुर्गंध तो समझो आ गया कटनी

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Dirt spread in settlements of Katni

Dirt spread in settlements of Katni

कटनी. दिल्ली से आने वाली स्वच्छता सर्वेक्षण टीम के निरीक्षण के पहले शहर को चकाचक करने और स्वच्छ छवि प्रदर्शित करने जिले के अफसर और जनप्रतिनिधि जुटे हुए हैं, लेकिन जंक्शन के कटनी और मुड़वारा रेलवे स्टेशन से होकर गुजरने वाली ट्रेनों में सवार देशभर के यात्रियों के सामने हमारे शहर की छबि बिगड़ रही है। दरअसल इसका कारण ट्रैक के किनारे बसी बस्तियों में फैली गंदगी है। सतना की ओर से आने वाले यात्री खिरहनी फाटक के समीप रेलवे ट्रैक के दोनों और बनी कालोनियों के पिछवाड़े खुले नाले और कचरे के ढेर से रूबरू हो रही है तो यही स्थिति बीना रेलखंड की ओर बन रही है। आलम यह है कि कटनी में टे्रन प्रवेश करने से दुर्गंध और कचरे के ढेर से लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि कटनी शहर आ गया। इन दिनों सोशल मीडिया पर भी इसपर खूब चर्चा हो रही है। जानकारों का कहना है कि इस समस्या का सबसे प्रमुख कारण रेलवे व नगरनिगम के बीच आपसी सामंजस्य की कमी है।
दोनों रेलखंड पर मुसीबत झेल रहे लोग
कटनी-सतना रेलखंड में ट्रैक किनारे दोनों और बस बस्तियों के पिछवाड़े कचरे का ढेर और गंदे पानी का जमावड़ा। वर्षों से लोग समस्या से पीडि़त हैं और नगरनिगम व रेलवे एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। इसी तरह की स्थित कटनी-बीना रेलखंड पर चंद्रशेखर आजाद वार्ड की ट्रैक किनारे बस्ती की है।
सोशल मीडिया में कहते हैं युवा
कटनी स्टेशन से ठीक पहले पटरी किनारे की गदंगी कटनी स्वच्छता मिशन को मुंह चिढ़ा रही और ट्रेनों में गुजरने वाले यात्री भी हकीकत से रूबरू हो रहे हैं। यहां के रहवासी तो ३६५ दिन और २४ घंटे ऐसी गंदगी के बीच रहने मजबूर हैं।
सुयश पुरवार
शहर में खूब डिब्बे रखवा लो पर ट्रैक के किनारे कौन से डिब्बे रखवाओगे साहब...
राजेश सिंह
इनका कहना
रेलवे ट्रैक के किनारे बनी बस्तियों में ट्रैक किनारे गंदगी के चलते लोगों को समस्या हो रही है। इस संबंध में डीआरएम से निगम व रेलवे द्वारा संयुक्त रूप से सफाई अभियान चलाने चर्चा की जा चुकी है। जल्द ही ट्रैक किनारे सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराएंगे।
शशांक श्रीवास्तव, महापौर