
जिला अस्पताल में बंद पड़ी डायलिसिस मशीन।
कटनी. जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा दिलाने के नाम पर बेपरवाही का आलम है। डायलिसिस की सुविधा गुर्दा (किडनी) के मरीजों को कटनी में ही मिले इसके लिए 2015 में काम शुरू हुआ। रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से यहां डायलिसिस की एक मशीन उपलब्ध करवाई गई। जानकर ताज्जुब होगा कि यह मशीन कुछ दिन चलकर ही बंद हो गई, चार साल से मरीज इस मशीन का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसके अलावा साल 2016 में दिल्ली की संस्था द्वारा दो मशीनें लगाई गई। इसमें से एक मशीन तकनीकी खराबी बताकर 6 माह से बंद है। जानकर ताज्जुब होगा कि जिला अस्पताल में मरीजों को डायलिसिस सुविधा के लिए कागजों में तो तीन मशीन है, लेकिन लाभ एक ही मशीन का मिल पा रहा है।
हर दिन 6 मरीजों को इलाज में सुविधा, 2 को ही मिल पा रहा लाभ
डायलिसिस मशीन की सुविधा एक दिन में दो ही मरीज को मिल पाती है। ऐसे में यहां तीनों मशीन के चालू रहने पर प्रतिदिन 6 मरीज डायलिसिस करवा पाते, लेकिन एक मशीन चालू रहने के कारण 2 मरीज ही डायलिसिस सुविधा का लाभ ले पा रहे हैं।
डायलिसिस के रोज आ रहे 9 से ज्यादा मरीज, लगा रहे जबलपुर तक दौड़-
जिला अस्पताल में डायलिसिस कराने के लिए हर दिन 9 से अधिक मरीज पहुंच रहे। इन मरीजों को अगले दिन का समय दिया जा रहा है। कई बार वेटिंग ज्यादा होने और डायलिसिस अनिवार्य होने के कारण इन मरीजों को डायलिसिस के लिए जबलपुर तक दौड़ लगानी पड़ रही है।
कई बार किया पत्राचार फिर भी नहीं सुधार रहे मशीन
जिला अस्पताल सूत्रों के अनुसार डायलिसिस मशीन में आई तकनीकी खराबी में सुधार कराने के लिए संबंधित संस्था से कई बार पत्राचार किया गया। मशीन सुधारने को लेकर अस्पताल के उच्चाधिकारी भी बेपरवाह हैं। अपरोक्ष रूप से निजी संस्थानों को लाभ पहुंचाने की बात कही जा रही है।
मानव स्वास्थ्य में डायलिसिस मशीन से यह लाभ
डायलिसिस मशीन खून को साफ करने की कृतिम विधि होती है। जब किसी व्यक्ति का गुर्दा (किडनी) खराब हो जाता है जब इस प्रक्रिया को अपनाया जाता है। जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक लंबे समय से मधुमेह रोगी, उच्च रक्तचाप जैसी स्थितियों में कई बार डायलसिस की आवश्यकता पड़ती है। यह स्थाई और अस्थाई दो तरह की होती है।
-जिला अस्पताल में डायलिसिस की तीन मशीनें थी। दो मशीन लंबे समय से खराब होकर बंद पड़ी हुई है। जिस संस्था ने मशीन लगाई है। सुधार करवाने के लिए कई बार पत्राचार किया गया है। एक मशीन काम कर रहीं है, लेकिन उसमें भी तकनीकी खराबी आ रही है, इसकी जानकारी आपके माध्यम से मिली है। सुधार कराया जाएगा।
डॉ. एसके शर्मा, सिविल सर्जन।
Published on:
09 Jan 2020 09:30 pm
बड़ी खबरें
View Allकटनी
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
