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आंगनवाड़ी में टीका लगने से बिगड़ी बच्ची की हालत, परिजनों को हाल पूछना पड़ा भारी, भड़के डॉक्टर ने कहा ‘मैं कोई भगवान नही’

जिला अस्पताल में बच्चों के इलाज में डॉक्टर की संवेदनहीनता का मामला समाने आया है। इस पर बच्ची के परिजनों ने शिशु रोग चिकित्सक जेपी वर्मा पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। परिजनों का चिकित्सक से यह पूछना की बच्ची को क्या हो गया है और कबतक ठीक हो जाएगी, यह भारी पड़ गया।

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Balmeek Pandey

Jan 08, 2020

कटनी. जिला अस्पताल में बच्चों के इलाज में डॉक्टर की संवेदनहीनता का मामला समाने आया है। इस पर बच्ची के परिजनों ने शिशु रोग चिकित्सक जेपी वर्मा पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। परिजनों का चिकित्सक से यह पूछना की बच्ची को क्या हो गया है और कबतक ठीक हो जाएगी, यह भारी पड़ गया। जानकारी के अनुसार सावरकार वार्ड निवासी गुप्ता सुनील गुप्ता मंगलवार को 5 वर्षीय पोती रिद्धि गुप्ता को जिला अस्पताल में उपचार के लिए लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी में टीके का इंजेक्शन लगा था। इंजेक्शन लगने के डेढ़ घंटे के बाद ही बच्ची की आंखें व चहरे में सूजन आ गई। बच्ची की तबियत बिगड़ते देख परिजन जिला अस्पताल लेकर आए, जिसका इलाज डॉ. जेपी वर्मा ने शुरू किया। सुनील गुप्ता ने बताया कि बच्ची को तेज बुखार भी था। सूजन बढ़ रही थी। पोती काफी तकलीफ में थी। इस पर जब हमने चिकित्सक से बच्ची के स्वास्थ्य के बारे में पूछे कि इसको क्या हो गया है डॉक्टर साहब और कबतक ठीक हो जाएगी। यह सुनते ही डॉ. जेपी वर्मा भड़क उठे। सभी को चिल्लाते हुए चिकित्सक ने कहा कि ‘मैं कोई भगवान थोड़ी हूं जो ठीक कर दूं’ आपको ज्यादा अच्छा इलाज चाहिए तो कही और ले जाओ। जिसके बाद सुनील सहित अन्य साथियों ने कहा कि डॉक्टर साहब आप नाराज क्यों हो रहे हैं, हमने सिर्फ हाल ही तो पूछा है। इसको लेकर परिजनों व डॉक्टर के बीच जमकर कहासुनी हुई। डॉक्टर की संवेदनहीनता पर परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा मचा दिया। मामले की जानकारी सिविल सर्जन एसके शर्मा को लगी और वो मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराते हुए बेहतर उपचार करने को कहा।

 

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इनका कहना है
जिला अस्पताल में कुछ डॉक्टरों का बातचीत करने का रवैया अच्छा नहीं है, जिसके चलते आय दिन मरीजों से विवाद भी होता है। फिलहाल इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर चिकित्सक पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
डॉ. एसके शर्मा, सिविल सर्जन।

मैं एक ड्यूटी पूरी किए हुए था। दो पोस्ट मार्टम भी किया। वर्क लोड ज्यादा है। परिजन ठीक होने की गारंटी मांग रहे थे। गारंटी तो भगवान ही दे सकता है। परिजनों को भी ऊल-जलूल बात नहीं करनी चाहिए।
डॉ. जेपी वर्मा, जिला अस्पताल।