
doctor's Saying innocence to police
कटनी. आज पुलिसकर्मियों को सिविल यूनिफार्म को देखकर मालूम चला कि पुलिसकर्मी भी कितने मासूम लगते हैं। जबलपुर के डॉक्टर बीके डांग के यह शब्द कहते ही पुलिस अफसरों से भरा हॉल तालियों से गूंज उठा। इसी बीच डॉक्टर ने फिर कह दिया कि मैने कहा कि ही मासूम लगते हैं...। दरअसल डॉ. डांग मानवाधिकार संरक्षण परिषद एवं जिला पुलिस के तत्वाधान में रविवार को आयोजित उत्प्रेरण एवं पुनर्जीवन तकनीक प्रशिक्षण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
समारोह में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कपिलदेव मिश्र, एसपी मिथिलेश शुक्ला व परिषद अध्यक्ष प्रो. डॉक्टर दिनेशदत्त चतुर्वेदी, जेल अधीक्षक लीना कोष्टा, संजीव सिन्हा मुख्य रूप से मौजूद रहे। समारोह की शुरूआत में एसपी शुक्ला ने पुलिसकर्मियों को संबोधित किया। इसके बाद अतिथियों का स्वागत एएसपी सहित आलाअधिकारियों ने किया। इस दौरान प्रोफेसर चतुर्वेदी ने कहा कि मानवाधिकारों को लेकर पुलिस सबसे ज्यादा भ्रम में है। पुलिस जैसा सेवाभावी विभाग कोई नहीं है। सबसे बड़ा दान अभयदान है, जो सिर्फ पुलिस ही दे सकती है। उन्होंने कहा कि पुलिस देश की बैकबोन है। यदि बोन टूटी तो देश टूट जाएगा। प्रो. कपिलदेव मिश्र ने भी पुलिसकर्मियों को संबोधित किया। थाना प्रभारी कुठला समरजीत ङ्क्षसह ने वीर कविताओं की प्रस्तुति दी, जिन्हें खूब सराहा गया। इस अवसर पर एएसपी विवेककुमार लाल, सीएसपी विजयप्रताप सिंह, एसडीओपी स्लीमनाबाद, कोतवाली टीआई शैलेष मिश्रा, जीआरपी टीआई डीपी चड़ार, परिषद के संयुक्त सचिव प्रो. सुरेन्द्र दुबे, जितेन्द्र कुमार तिवारी सहित उपनिरीक्षक व अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
डेमो देकर सिखाया, कैसे बचाएं जान
समारोह में पुनर्जीवन तकनीक प्रशिषज्ञ डॉ. बीके डांग अपनी टीम के साथ शामिल हुए। हार्टअटैक के दौरान जीवन बचाने की तकनीक का उन्होंने डेमो देकर प्रशिक्षण दिया। मानव आकृति के एक पुतले से डेमो देते हुए नाड़ी और सांस चैक कर पंपिंग करना, पैरों को ऊपर उठाकर गर्दन आसमान की तरफ कर देना सहित अन्य रोचक जानकारी पुलिसकर्मियों को दी, जिससे हार्टअटैक से लोगों की जान बचाई जा सके।
Published on:
05 Aug 2018 10:25 pm
बड़ी खबरें
View Allकटनी
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
