
Doctors shortage in District hospital katni
कटनी. प्रदेश सरकार द्वारा सुबह 9 बजे से 4 बजे तक अस्पतालों की ओपीडी व जांच केंद्रों का समय बढ़ाया गया है। यह सिस्टम भी जिला अस्पताल में लागू हुआ है, लेकिन मरीजों के सामने चिकित्सकों की कमीं उनके इलाज में बाधक बन रही है। जिला अस्पताल में मरीज उपचार के लिए तो पहुंच रहे हैं, लेकिन चिकित्सक न मिलने से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 700 से लेकर 800 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, जिसमें लगभग 30 मरीज दांतों की समस्या लेकर पहुंचते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि जिला अस्पताल में पिछले तीन माह से दंत रोग विशेषज्ञ ही नहीं है। इससे साफ जाहिर है कि समय के साथ-साथ स्टॉफ का बढ़ाया जाना बेहद जरुरी है। यही हाल कैंसर रोग विशेषज्ञ, मनोचिकित्सक सहित अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों की है। जिला अस्पताल में सिर्फ कटनी जिला ही नहीं बल्कि सतना, पन्ना, दमोह, उमरिया आदि जिलों के मरीज भी उपचार के लिए पहुंचते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दंत, सर्जन और मेडीसिन विशेषज्ञ को लेकर है। एक होने से वार्ड और ओटी देखने में अधिक समय लगता है। जिससे वह प्रतिदिनि काफी प्रभावित होती है। हैरानी की बात तो यह है कि सर्जरी की नियमित रूप से ओपीडी नहीं चल पाती।
36 चिकित्सकों के पद खाली
जिला अस्पताल में एक-दो नहीं बल्कि 36 चिकित्सक और विशेषज्ञों की कमी बनी हुई है। रिक्तपदों की पूर्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई पहल नहीं की जा रही। चिकित्सा विशेषज्ञ के तीन, स्त्रीरोग विशेषज्ञ का एक, शिशुरोग विशेष के 3, निश्चिेतना विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, नाक, कान, गलाविशेषज्ञ, दंत रोग, आयुष चिकित्सा, चिकित्सा विशेषज्ञ के एक-एक पद खाली हैं। इसी प्रकार चिकित्सा अधिकारी के 13, दंत शल्य विशेषज्ञ, निश्चेतना और अस्थि रोग विशेषज्ञ के दो-दो पद खाली पड़े हैं।
इनका कहना है
जिला अस्पताल में चिकित्सकों और विशेषज्ञों की भारी कमी है। दंत चिकित्सक तीन माह से नही है। इसके अलावा सर्जरी की ओपीडी प्रभावित होती है। मेडीसिन विशेषज्ञों के भी पद रिक्त हैं। किसी तरह से काम चल रहा है।
डॉ. एसके शर्मा, सिविल सर्जन।
Published on:
22 Jun 2019, 9:46 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.