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कटनी। शहर सहित जिलेभर में झोलाछाप डॉक्टरों की बाढ़ आई है। ये तथाकथित चिकित्सक छोटी बीमारी से लेकर बड़े-बड़े मर्ज बिना योग्यता व अनुभव के करते हुए लोगों की जान से खुला खिलवाड़ कर रहे हैं। इसके अलावा दवाओं का कारोबार भी कई जगह नियमों को ताक में रखकर किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने जिम्मेदारों से की गई शिकायत में बताया है कि बिना ड्रग लाइसेंस के दवाओं का कारोबार चल रहा है। शिकायत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कलेक्टर, ड्रग इंस्पेक्टर, पुलिस अधीक्षक, कोतवाली थाना प्रभारी को की गई शिकायत में मुकेश कुमार सितपाल निवासी शांतिनगर ने बताया कि शहर में कई दवा कारोबारी नियमों को ताक में रखकर कारोबार कर रहे हैं। हीरागंज में एक मेडिकल एजेंसी के पास कोई मान्य ड्रग लाइसेंस नहीं है। कारोबारी द्वारा हर दिन हजारों रुपए का कारोबार किया जा रहा है। बिना किसी भय के रिटेल और होलसेल में कारोबार चल रहा और ड्रग इंस्पेक्टर सहित स्वास्थ्य अधिकारियों को जानकारी तक नहीं है। शिकायतकर्ता ने लोगों की जान से खिलावड़ न हो, इस पर तत्काल रोक लगाए जाने मांग की है। शहर सहित जिलेभर की अधिकांश होलसेल मेडिकलों में बिना डॉक्टर के पर्चे के दवाएं धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। कई जगह पर प्रतिबंधित दवाओं का भी जमकर कारोबार हो रहा है।
एक एमआर के दस्तावेज से ले रहे हैं लाइसेंस
दवाओं का मनमाना कारोबार कैसे होता है इसका यह खुला प्रमाण है। दो साल से बिना ड्रग लाइसेंस व फार्मासिस्ट के मेडिकल का कारोबार हो रहा है। एक मेडिकल संचालक का कहना है कि पिता के नाम पर लाइसेंस था। उनका देहांत हो गया है तो लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। पिछले साल एक एमआर से बातचीत हो गई थी, दस्तावेज तैयार थे, लेकिन उस एमआर ने कंपनी छोड़ दी है तो बात नहीं बन पाई। अब एक मेडिकल वाले से ही लाइसेंस के लिए बात हुई है। एक और एमआर से संपर्क में हैं। उनके दस्तावेज में हम मेडिकल चलाएंगे। प्रक्रिया चल रही है। वे कह रहे हैं कि मेरे दस्तावेज में मेडिकल चला लो। हम बड़ी दवाइयां नहीं देते हैं। होलसेल के कारोबार में तो सब कम्प्यूटराइज्ड है तो कोई दिक्कत नहीं होती। यह कोई बड़ी समस्या नहीं है।
ड्रग इंस्पेक्टर को इस मामले में दो दिन पहले जांच कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिलेभर में ड्रग लाइसेंस, फार्मासिस्ट डिग्री आदि की जांच करने कहा है। जांच क्यों नहीं की गई इसका पता लगाते हैं। अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. प्रदीप मुडिय़ा, सीएमएचओ
Published on:
03 Nov 2022 07:09 pm

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