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इस दाल को खाने से होती है गंभीर बीमारियां, खाद्य विभाग ने जब्त की 53 बोरियां, आप भी रखें ध्यान

यह मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है, जिसके चलते प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके बाद भी मुनाफा कमाने के लिए दाल मिल संचालक द्वारा मिलावटखोरी के लिए उपयोग किया जा रहा था।    

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इस दाल को खाने से होती है गंभीर बीमारियां, खाद्य विभाग ने जब्त की 53 बोरियां, आप भी रखें ध्यान

इस दाल को खाने से होती है गंभीर बीमारियां, खाद्य विभाग ने जब्त की 53 बोरियां, आप भी रखें ध्यान

कटनी. क्या आप जानते हैं, बाजार में इन दिनों ऐसी दाल की काफी मिलावट हो रही है, जो शरीर के लिए बहुत नुकसान दायक है, इस दाल को लगातार खाने से कई प्रकार की गंभीर बीमारियां भी होती हैं, क्योंकि ये दाल काफी सस्ती होती है, इस कारण कई दुकानदार महंगी दालों में भी इसकी मिलावट करते हैं, चूंकि ये अपकी सेहत का मामला है, इसलिए आप जब भी दाल खरीदें, देखभाल कर लें। क्योंकि खासकर तुअर की दाल में ये सस्ती दाल काफी मिलाई जाती है, जिसे तेवड़ा दाल कहते हंैं। खाद्य विभाग ने इस दाल से हो रही बड़ी मिलावट को पकड़ा है।

तुअर दाल में करते हैं भारी मात्रा में मिलावट
मोटी कमाई करने के चक्कर में कुछ लोग तुअर सहित अन्य दालों में ऐसी दालें मिला देते हैं, जो सेहत के बहुत गुप्त सूचना पर बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग व कुठला पुलिस ने लमतरा इंडिस्ट्रयल एरिया में संचालित केबीसी एक्सपोर्ट दाल मिल में छापामारी की। मिल से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित तेवड़ा व दाल जब्त की। यह मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है, जिसके चलते प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके बाद भी मुनाफा कमाने के लिए दाल मिल संचालक द्वारा मिलावटखोरी के लिए उपयोग किया जा रहा था। टीम ने दाल का नमूना भी लिया है, जिसे जांच के लिए राज्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
खाद्य विभाग और पुलिस ने दी दबिश

जानकारी के अनुसार लमतरा इंडस्टियल एरिया में ब्लॉक नंबर 53/55 में केबीसी एक्सपोर्ट दाल मिल का संचालन हो रहा है। इसका संचालन जिनेंद्र जैन बाहुबली कॉलोनी सागर द्वारा किया जा रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय गुप्ता, ब्रजेश विश्वकर्मा जांच के लिए पहुंचे। इस दौरान कुठला थाना प्रभारी रोहित डोंगरे भी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। जब टीम ने जांच की तो मुखबिर की सूचना सही पाई गई।

53 बोरी तेवड़ा दाल जब्त
इस दौरान टीम ने दालमिल में 53 बोरी तेवड़ा व उसकी दाल जब्त की, जिसका उपयोग अरहर आदि की दाल में करना बताया जा रहा है। मौके पर संचालक के पुत्र अभिषेक जैन व कर्मचारी पाए गए। पंचनामा कार्रवाई करते हुए दाल को जब्त किया गया। सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी तेवड़ा का उपयोग करते पाए जाने पर संचालक के खिलाफ कुठला थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई है।

इसलिए प्रतिबंधित है तेवड़ा दाल
जानकारों के अनुसार तेवड़ा में बीटान ऑक्सिलाइन डाइएमिनो प्रोपिओनिक अम्ल (ओपडीएपी) होता है। इसको लगातार चार माह खाने से लकवा, गठिया रोग सहित अन्य बीमारियां होती हैं। तेवड़ा की दाल सस्ती मिलने के कारण बहुत से लोग खाने में इसकी उपयोग करते हैं। लगातार व कारोबार चना व अरहर की दाल में मिक्स कर तेवड़ा का उपयोग करके मुनाफा कमाते हैं। मिलवटखोरी करके लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। बेसन में भी इसका आटा मिक्स किया या जाता है। गंभीर रोग से बचाने सरकार ने यह कदम उठाया था।

इनका कहना है
गुप्त सचूना पर लमतरा में संचालित केबीसी एक्सपोर्ट में जांच की गई। जांच में बड़ी मात्रा में तेवड़ा दाल मिली है। जिसे जब्त किया गया है। प्रतिबंधित तेवड़ा का उपयोग करते पाए जाने पर प्रकरण बनाया गया है व कुठला थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई है।
संजय गुप्ता, खाद्य सुरक्षा अधिकारी।