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तंग हालत में नगर सरकार: 9.50 करोड़ रुपए न होने से नहीं बन पा रहा सब स्टेशन, अटका आवंटन

एक माह से बनकर तैयार 280 फ्लैट, बिजली न होने से अटका आवंटनकेंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना प्रेमनगर का हाल, खिरहनी सब स्टेशन बनने से मिल सकती है राहत

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कटनी

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Balmeek Pandey

Sep 18, 2023

तंग हालत में नगर सरकार: 9.50 करोड़ रुपए न होने से नहीं बन पा रहा सब स्टेशन

तंग हालत में नगर सरकार: 9.50 करोड़ रुपए न होने से नहीं बन पा रहा सब स्टेशन

कटनी. नगर सरकार की आर्थिक हालत सुदृढ़ नहीं है...। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई दिनों से प्रेमनगर-एनकेजे थाना के समीप में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मल्टी का निर्माण कराया जा रहा है। यहां लगभग दो माह से गरीबों के लिए 280 फ्लैट बनकर तैयार हैं, लेकिन आवंटन नहीं हो पा रहा है, इसकी मुख्य वजह यह है कि फ्लैट में बिजली की सुविधा नहीं है। यहां पर 9.50 करोड़ रुपए की लागत से बिजली सब स्टेशन स्थापित होगा, तभी बिजली पहुंच पाएगी। यहां पर जो ट्रांसफार्मर हैं उनमें लोड नहीं है। नगर निगम के पास वर्तमान में सब स्टेशन निर्माण के लिए पर्याप्त राशि का इंतजाम नहीं है, जिसके चलते दिसंबर माह से मामला ठंडे बस्ते में है।
जानकारी के अनुसार एनकेजे पीएम आवास योजना में वर्तमान में 10 ब्लॉक बनकर तैयार हैं। इन दस ब्लॉकों में 280 फ्लैट तैयार हो चुके हैं। बिजली कनेक्शन होने पर ही आवंटन की प्रक्रिया हो पाएगी। उल्लेखनीय है कि यहां पर 1744 फ्लैट इडब्ल्यूएस (कमजोर आय वर्ग के लोगों के लिए) योजना के तहत निर्माण होना था। 2017 में योजना को स्वीकृति मिली थी, 22 माह में कार्य को पूर्ण होना था, लेकिन अभी तक योजना पूरी नहीं हुई। यहां पर अभी तक 432 फ्लैटों का निर्माण हो रहा है, जबकि 700 प्लैट निर्माणाधीन हैं।

योजना को लेकर खास-खास
- 2800 फ्लैटों का यहां पर होना था निर्माण, कल्याण टोल इन्फ्रास्ट्रक्चर को दिया गया है ठेका।
- 332 इडब्ल्यूएस के फ्लैट राशि के अभाव में पहले ही कर कर दिए गए हैं रद्द, उनका भी निर्माण अधूरा।
- 700 फ्लैट अभी भी हैं निर्माणाधीन, ठेका कंपनी द्वारा समय पर नहीं कराया गया फ्लैटों का निर्माण।
- 20 हजार रुपए की किश्त जमा करने के कई साल बाद भी हितग्राहियों को नहीं मिल रहे फ्लैट।

यह बनी स्थिति
जब कुछ आवास पूरे हुए और जो बने थे वह भी आवंटित करने थे। यहां पर एक या दो किलोवाट के बिजली कनेक्शन उपभोक्ताओं को देने थे। नगर निगम द्वारा ट्रांसफार्मर लगाने के लिए बिजली विभाग को कहा गया। बिजली विभाग ने यह कह दिया कि सब स्टेशन में लोड नहीं है, कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। नया सब स्टेशन स्थापित कराने के लिए प्रस्ताव दीजिए। जब प्रस्ताव मांगा गया तो 9.50 करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाया।

यहां से पहुंचनी है लाइन
मझगवां से गुजरी मेन लाइन से बिजली लाकर सब स्टेशन स्थापित करने योजना बनाई गई है। इसका बजट 9.50 करोड़ रुपए का है। दिसंबर माह में यह प्रक्रिया अपनाई गई है। महापौर ने कलेक्टर से भी इस संबंध में चर्चा है। वर्तमान में हालात ऐसे हैं कि नगर निगम 9.50 करोड़ रुपए जमा करने की स्थिति में नहीं है और मामला लंबित पड़ा है।

इस मंशा पर फिरा पानी
नगर निगम प्रधानमंत्री आवास योजना को पूरा करने के लिए एलआइजी और एमआइजी योजना को बेचकर राशि जुटाने के मूड में था। झिंझरी और प्रेमनगर की कास्टिंग निकालकर बेचने का निर्णय लिया गया। वहां से रुपए आने के बाद बिजली के सब स्टेशन में लग पाते और प्रोजेक्ट पूरा हो पाता, लेकिन परिषद की बैठक में मामला मचने के बाद प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया है।

वर्जन
प्रधानमंत्री आवास योजना प्रेमनगर में बिजली मुहैया कराने के लिए सब स्टेशन निर्माण की प्रक्रिया प्रचलन में है। बिजली कंपनी ने प्रस्ताव बनाकर दिया है। जैसे ही 9.50 करोड़ रुपए राशि की व्यवस्था होती है तो बिजली की व्यवस्था कराई जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैटों का आवंटन हितग्राहियों को कराए जाएंगे।
प्रीति सूरी, महापौर।