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कटनी. शहर में 2017 में शुरू हुए सीवर लाइन के प्रोजेक्टर को 2019 में पूरा हो जाना था। पहले केके स्पन कंपनी को काम दिया गया था, लेकिन वह नहीं कर पाई। दो साल से जयंती सुपर कंपनी काम कर रही है, लेकिन इस कंपनी की भी मनमानी चरम पर हैं। नगर निगम ने शेष बचे 145 किलोमीटर सीवर लाइन कार्य, 3 एसटीपी के सिविल व मैकेनिकल वर्क के लिए 51 करोड़ रुपए का डीपीआर बनाया गया। इसमें ठेका कंपनी ने लगभग 52.77 प्रतिशत अधिक का याने कि 96 करोड़ 64 लाख रुपए का टेंडर लिया है। इसके बाद भी समय पर काम नहीं हो पा रहा।
रामनिवास सिंह वार्ड साउथ रेलवे स्टेशन, मंगलनगर मार्ग में चल रहे काम में पर्याप्त बेरीकेटिंग, डायवर्सन आदि न करने के कारण जाम के हालात तो बन ही रहे हैं, बल्कि लोग खतरे भरे मार्ग से आवागमन करने को विवश हैं। उल्लेखनीय कि मई माह में भट्टा मोहल्ला में खोदे गए सीवर लाइन के गड्ढे में गिरने से एक वृद्ध की मौत हो गई थी, इसके बाद भी गंभीर लापरवाही जारी है। सेवानिवृत्त आयुध निर्माणी के कर्मचारी हरिओम कोरी जयंती सुपर कंपनी द्वारा खुले छोड़े गए गड्ढे में गिरने से चोट लगने के कारण मौत हो गई थी, इसके बाद भी पूरे शहर में चल रहे सीवर लाइन कंपनी के काम में सुरक्षा नियम तक पर रख दिए गए हैं।
कंपनी द्वारा शहर में जहां-जहां काम किया जा रहा वहां पर नियमों की अनदेखी हो रही है। गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। सीवर लाइन के नए चेम्बर टूट जा रहे हैं। सडक़ धंस जा रही है, इसके बाद भी कोई जांच-कार्रवाई नहीं हो रही। शहर में चल रहे सीवर लाइन के मनमाने काम पर जनप्रतिनिधि से लेकर अफसर तक मौन हैं। केंद्र सरकार की योजना बताकर सभी कार्रवाई करने से डर रहे हैं।
झर्राटिकुरिया रंगनाथ नगर वाले ग्राम की बारिश के पहले भी खराब थी। किसी तरह यहां पर काम बंद हुआ और लोगों ने राहत की सांस ली। बारिश के बाद भी यहां पर पीड़ा बढ़ गई थी। लेकिन अब एक बार फिर काम शुरू होने से मुश्किलें बढ़ गई हैं। यहां पर बोल्डर, कांक्रीट के बीच से लोगों को सफर करना पड़ रहा है। हर समय हादसे का अंदेशा बना रहता है, इसके बाद भी जिम्मेदार लोग ध्यान नहीं दे रहे।
यह नजारा साउथ रेलवे स्टेशन मार्ग का है, जहां पर सीवर लाइन का काम चल रहा है। सीवर लाइन का पाइप डालने के लिए बड़ी मशीन से खुदाई की जा रही है। भारी भरकम गड्ढा व नाला बनाया जा रहा है। मशीन रनिंग में और यहां पर बेरीकेटिंग नहीं है। इसी गड्ढे के किनारे से अंधेरे में लोग आवागमन करने को विवश हैं। यहां पर न तो संकेतक हैं और ना ही कोई मार्ग डायवर्ट किया गया।
सीवर लाइन कंपनी द्वारा शहर में व्यवस्थित तरीके से काम नहीं किया जा रहा है। फेज-1 के काम को थोड़ा-थोड़ा कई वार्डों में फंसाकर रखा गया है। कभी बरगवां में तो कभी नई बस्ती में, कभी राम निवास सिंह वार्ड तो कभी कटायेघाट मार्ग पर काम कराया जा रहा है। सीवर लाइन डाल देने के बाद फिर समय से रोड रोस्टोरेशन न कराना कंपनी की आदत में शुमार हो गया है।
सीवर लाइन का काम 2017 से चल रहा है। शहर में पहले केके स्पन कंपनी ने योजना को पलीता लगाया और अब लगभग दो साल से जयंती सुपर कंपनी काम कर रही है। सीवर लाइन के काम करने की मियाद पूरी हो गई है, समय सीमा बढ़ाई गई है, बावजूद इसके समय पर व्यवस्थित काम नहीं कराया जा रहा है। मनमानी करने पर नगर निगम द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
सीवर लाइन कंपनी को हर हाल में सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा। डायवर्सन का भी नियम है। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी। लोगों को भी सावधानी रखनी होगी।
Updated on:
16 Dec 2025 10:05 am
Published on:
16 Dec 2025 10:05 am
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