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इस जिले के हजारों किसानों को मिली बड़ी सौगात, मुख्यालय में मिलेगी सुविधा

खाद के लिए 50 किलोमीटर का चक्कर नहीं काटेंगे हजारों किसान, ब्लॉक मुख्यालय में ही मिलेंगे उर्वरकडिफाल्टर होने व अधिक खाद की जरुरत होने पर शहर आकर लेनी पड़ती थी खाद, घंटाघर व डबल लॉक केंद्र में परेशान होते थे किसानढीमरखेड़ा में डबल लॉक केंद्र खोलने शुरू हुई पहल, 2000 मैट्रिक टन क्षमता के केंद्र की मांग

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कटनी

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Balmeek Pandey

Jun 03, 2023

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Farmers will get fertilizer in blocks of Katni district

कटनी. किसानों को अच्छी पैदावार के लिए उपयोगी रसायनिक खाद और उर्वरक के लिए भटकना पड़ रहा था। स्थानीय स्तर पर ब्लॉक मुख्यालय में खाद न मिलने के कारण शहर आकर घंटाघर केंद्र व डबल लॉक केंद्र पुरैनी आदि से किसान खाद का इंतजाम करते थे। खाद के लिए किसानों को कई किलोमीटर का न सिर्फ चक्कर काटना पड़ रहा था, बल्कि समय पर खाद भी नहीं मिल पा रही थी, भाड़ा, खर्चा लगता था वह अलग। पत्रिका ने भी किसानों की समस्या को कई बार प्रमुखता से उजागर किया, जिसके बाद कलेक्टर अवि प्रसाद ने संज्ञान में लिया है। किसानों को परेशान होना पड़े इसके लिए जिले में पहली बार व्यापक स्तर कार्रवाई कर उर्वरक उपलब्धता की समस्या के स्थायी निदान की पहल की जा रही है। शहडोल सांसद हिमाद्रि सिंह की मांग और जनजाति बाहुल्य क्षेत्र ढीमरखेड़ा के किसानों की सुविधा के मद्देनजर कलेक्टर ने ढीमरखेड़ा में डबल लॉक केंद्र स्थापित किए जाने के लिए प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित भोपाल को पत्र लिखा है।

किसानों की समस्या पर लिया गया निर्णय
वर्तमान में मात्र दो डबल लॉक केंद्र कटनी और बहोरीबंद विकासखंड में संचालित हो रहे हैं। जिले की भौगौलिक स्थिति के आधार पर किसानों को डबल लॉक केंद्र से नगद उर्वरक खरीदने के लिए लगभग 80 से 100 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। 26 मई को कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कांफ्रेंस के दौरान जिले के ढीमरखेड़ा विकासखंड में डबल लॉक केंद्र स्थापित करने मांग रखी गई। कृषि बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण ढीमरखेड़ा में उर्वरक की अत्याधिक मांग होने और उर्वरक भंडारण के लिए शासकीय और सहकारी गोदाम न होने के चलते किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ढीमरखेड़ा तहसील में 2000 मैट्रिक टन क्षमता के डबल लॉक केंद्र स्थापित करने का कलेक्टर प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित से किया गया है, जिससे किसानों को सुगमता और सरलता से उर्वरक उपलब्ध हो सके।


मंडी में उर्वरक केंद्र शिफ्ट करने से हुई शुरुआत
शहर के रहवासी और व्यस्तम क्षेत्र घंटाघर में संचालित उर्वरक केंद्र को कृषि उपज मंडी पहरुआ में शिफ्ट कराया। जिससे किसानों को शहर का चक्कर लगाने में होने वाले धन और समय के व्यय और परेशानी से निजात मिली। साथ ही शहर में यातायात जाम की समस्या से भी राहत मिली।

उर्वरक के लिए विकेंद्रीकरण प्रक्रिया
जिले के किसानों की सुविधा को देखते हुए उर्वरक उपलब्धता के लिए विकेंद्रीकरण की प्रक्रिया अपनाई। रीठी तहसील के करीब 6 हजार किसानों को राहत पहुंचाते हुए कृषि विपणन सहकारी समिति मर्यादित रीठी को पंजीकृत कराया। जहां से किसानों को निकट भविष्य में उर्वरक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। इसके साथ ही बरही कृषि उपज उप मंडी में नवीन उर्वरक केंद्र स्थापित किया जा रहा है। जिससे इस क्षेत्र के दर्जनों गांव के हजारों किसानों को बिना किसी भटकाव के आसानी से रसायनिक खाद और उर्वरक आदि प्राप्त हो सकेगा। बड़वारा और स्लीमनाबाद में नवीन उर्वरक वितरण केंद्र खोले जाने प्रस्ताव भेजा था। जिसे मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित मुख्यालय भोपाल से स्वीकृति मिलने के बाद संचालन के लिए कार्यवाही जारी है।

वर्जन
खाद के लिए किसानों को बड़ी समस्या हो रही थी। कई किलोमीटर दूर से सफर तय कर शहर आकर खाद लेकर जाते थे। कृषकों को स्थानीय स्तर पर खाद मिले, इसके लिए आवश्यक पहल की गई है। स्लीमनाबाद में खाद मिलना शुरू हो गई है। अब ढीमरखेड़ा के लिए भी पहल की जा रही है।
अवि प्रसाद, कलेक्टर।