
अवैध वेंडर ने महिला यात्री की चलमी ट्रेन में लूटी आबरू, फिर भी नहीं शिकंजा
कटनी. मैमू ट्रेन में सफर कर रही महिला की निस्तार के लिए स्पेशल ट्रेन में चढऩे के दौरान अवैध वेंडर द्वारा रविवार को आबरू लूटी गई। पूर्व में भी एक ट्रेन में यह वारदात कटनी स्टेशन व मुड़वारा स्टेशन में सामने आ चुकी है, इसके बाद भी सुरक्षा को लेकर रेलवे, आरपीएफ व जीआरपी के जिम्मेदार अफसर गंभीर नहीं हैं। गंभीर वारदात सामने आने के बाद मंगलवार को पत्रिका ने शहर के दोनों प्रमुख रेलवे स्टेशनों कटनी जंक्शन व मुड़वारा स्टेशन में सुरक्षा, पुलिस की मुस्तैदी की नब्ज टटोली तो गंभीर बेपरवाही नजर आई। रेलवे स्टेशन में अवैध वेंडरों की भरमार रही। वे खुलेआम प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में अमानक व दूषित खाद्य सामग्री की बखौफ सप्लाई करते दिखे। आरपीएफ द्वारा दावा किया जाता है कि कार्रवाई में हर माह दर्जनों अवैध वेंडर पकड़े जाते हैं। उन्हें रेल न्यायालय में पेश किया जाता है, लेकिन मनमानी नहीं रुकी। रेलवे के स्टेशन मैनेजर कॉमर्शियल से लेकर प्रमुख अधिकारी भी यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दे रहे।
चोरियों में भी कई बार वेंडरों का नाम
सूत्रों के अनुसार, ट्रेनों में होने वाली चोरियों में भी कई बार वेंडरों का नाम आया है। इससे पहले भी रेल पुलिस यात्रियों का सामान चुराने के मामले में कई वैध व अवैध वेंडरों पर कार्रवाई भी कर चुकी है। खासकर स्लीपर और एसी कोच में होने वाली वारदातों को अंजाम देने में इन अवैध वेंडरों की अहम भूमिका होती है। अवैध वेंडर यात्रियों को मनमाने दाम पर सामान बेचकर रोजाना हजारों की कमाई करते हैं। 5 की चाय 10 में व 15 का पानी 25 में लेना यात्रियों की मजबूरी होती है। आमतौर पर जब स्टेशन में ट्रेन नहीं रहती है तो उस समय अवैध वेंडर कम ही दिखाई देते हैं। लेकिन जैसे ही ट्रेन आकर खड़ी होती है दो दर्जन से अधिक अवैध वेंडर स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर पहुंच जाते हैं।
कौन वैध, कौन अवैध
रेलवे स्टेशन में अधिकारियों की शह पर जहां अवैध वेंडर मनमानी कर समोसा, चाय-पानी आदि खाद्य सामग्री बेच रहे हैं, वहीं वैध वेंडर कई बार यूनीफॉर्म तक नहीं पहनते। बताया जाता है कि बाहर की टीम व डीआरएम-एडीआरएम के निरीक्षण के दौरान ही वेंडर लकदक यूनीफॉर्म, कैप व ग्लब्ज में नजर आते हैं। रेलवे स्टेशन में खाद्य सामग्री बेचे जाने के लिए वेंडर का मेडिकल कार्ड व पहचान पत्र कार्ड भी बनाया जाता है। जीआरपी द्वारा पुलिस वेरीफिकेशन भी वेंडरों का किया जाता है। इसके बाद भी मानकों का पालन होते नहीं दिखा।
बेखौफ बिक रहा गुटखा-पान मसाला
रेलवे स्टेशन व ट्रेनों में अवैध वेंडर बेखौफ होकर गुटखा, सिगरे, पान-मसाला आदि बेच रहे हैं। इसमें युवक-युवतियां व महिलाएं शामिल हैं। अवैध वेंडर प्रतिबंधित होने के बाद भी खाद्य सामग्री से लेकर प्रतिबंधित सामग्री ट्रेनों में पहुंच रही है। वेंडर पूरा दिन प्लेटफॉर्मों में पड़े रहते हैं, साथ ही ट्रेनों में धमाचौकड़ी मचाते हैं, इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे।
यूनीफॉर्म का पता न आइडी कार्ड का
यह दोनों वेंडर कटनी जंक्शन में खाद्य व फल सामग्री बेचने का काम कर रहे हैं। स्टेशन पर बैठा युवक सचिन दाहिया है जो कि ठेकेदार लखन पटेल के यहां वेंडिंग का काम करता है। युवक के पास आइडी नहीं थी, कमलेश ने कहा कि वह आइडी घर में रखे है। यही हाल दूसरे वेंडर का है, जो बिना यूनीफार्म व आइडी के सामग्री बेच रहा है। यह तीनों स्टेशनों में मनमानी चल रही है।
स्टेशनों में पड़े बाहरी लोग
स्टेशन बाहरी लोगों के लिए व असामाजिक तत्वों के लिए सुरक्षित अड्डा बन गया है। शहर के तीनों स्टेशनों में बगैर किसी काम के युवक यहां-वहां घूमते देखे जा रहे हैं। कोई लेटा रहता है तो काई बैठा हुआ मौका ताड़ता रहता है, लेकिन आरपीएफ व जीआरपी की नजर नहीं पड़ती।
यात्री भी बरत रहे लापरवाही
यह तस्वीर कटनी-बीना मैमू ट्रेन की है। पूरी बोगी खाली है। आसपास यात्री नहीं हैं इसके बाद भी यह यात्री निश्चिंत होकर सो रहा है। यही हाल अन्य बोगियों का भी रहा। यात्री अपनी सुरक्षा का बिल्कुल ध्यान नहीं रख रहे।
बाहरी लोग जमाए हुए हैं डेरा
स्टेशन पर दर्जनों की तदाद में बाहरी लोग डेरा जमाए हुए हैं। मुख्य रेलवे स्टेशन परिसर, सर्कुलेटिंग एरिया सहित मुड़वारा रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में बाहरी लोग डेरा जमाए हुए हैं। पूरे समय यहीं पर रहते हैं, गंदगी फैलाते हैं, लड़ाई-झगड़ा करते हैं। इतना ही नहीं स्टेशन परिसर में अराजक माहौल पैदा करते हैं, लेकिन इनपर आरपीएफ व जीआरपी, आरपीएफ द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
जीआरपी के सामने चलता है जुआ
यह तस्वीर जीआरपी स्टेशन के सामने की है, जहां पर मंगलवार दोपहर कुछ लोग यहां पर जुआ खेल रहे हैं। स्टेशन परिसर के सर्कुलेटिंग एरिया, पार्किंग क्षेत्र व मंदिर के समीप असामाजिक तत्वों द्वारा जुआ खेला जाता है। खुलेआम यहां पर रुपयों के हारजीत का दाव लगता है, लेकिन आरपीएफ व जीआरपी की नजर नहीं पड़ रही।
कोई सुधार रहा चैन तो कोई करता है पॉलिस
शहर के तीनों रेलवे स्टेशनों में अवैध वेंडर के साथ-साथ बैगों की चैन सुधारने वाले, जूतों में पॉलिस करने वाले जमकर घूमते हैं। ये सिर्फ प्लेटफॉर्मों में ही नहीं बल्कि पूरी ट्रेनों में सफर करते हैं। इनके पास ना तो टिकट होती है ना ही कोई वैध कार्ड, फिर भी जनरल कोच, स्लीपर से लेकर एसी तक पूरी निगरानी रखते हैं। पुस्तक, खाद्य सामग्री, फल, इलेक्ट्रॉनिंक आइटम सहित बच्चों के खिलौने बेचने वाले अवैध वेंडरों की भी ट्रेनों में जमकर भरमार है।
बेरोक-टोक आवाजाही
ये दोनों तस्वीरें शहर के दो प्रमुख रेलवे स्टेशन कटनी जंक्शन व मुड़वारा रेल्वे स्टेशन की हैं। दोनों ही स्टेशनों में यात्री हों या फिर कोई भी, बेरोक-टोक स्टेशन में प्रवेश कर रहे हैं। ट्रेनों में आम वस्तु से लेकर प्रतिबंधित वस्तु लेकर कोई भी व्यक्ति सफर ना करे, इसे नहीं देखा जा रहा। जांच के नाम पर सिर्फ औपचारिकता हो रही है। कटनी जंक्शन में लगी लगेज स्केनर मशीन शोपीस है।
वर्जन
हमारे पास मेन पॉवर की कमी है। कटनी के तीनों स्टेशन चारो तरफ से खुले हैं, इसलिए अवैध वेंडरों व बाहरी लोगों को रोक पाना थोड़ा चुनौतीपूर्ण होता है। फिर भी स्टेशन व ट्रेनों में अवैध वेंडर ना पहुंचे, इसके लिए प्रभावी जांच, कार्रवाई की जाएगी। आरपीएफ द्वारा लगातार अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, लेकिन वे जुर्माने में छूटकर आ जाते हैं और फिर उसी काम में संलिप्त हो जाते हैं।
अरुण त्रिपाठी, आरपीएफ कमांडेंट।
Published on:
13 Dec 2023 08:57 pm
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