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पर्यटन में अपार संभावनाएं, जिम्मेदार दें ध्यान तो बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

जिले में 9 से ज्यादा स्थान जिसे पर्यटन के रूप मेंं किया जा सकता है विकसित, आसपास जिले में टाइगर रिजर्व, जहां पहुंचने के लिए नजदीकी बड़ा रेलवे जंक्शन है कटनी. - नहीं हुई डिस्ट्रिक्ट टूरिज्म प्रमोशन काउंसिंल बोर्ड की बैठक, बांधवगढ़ और पन्ना टाइगर रिजर्व के लिए आते हैं पर्यटक.

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The hill near the collectorate office, which has immense potential to be developed as a stone park.

कलेक्ट्रेट कार्यालय के समीप पहाड़ी, जिसे स्टोन पार्क के रुप में विकसित करने की असीम संभावनाएं।

कटनी. पर्यटन की अपार संभावनाओं के बाद भी कटनी उपेक्षा का शिकार है। शहर और विकासखंड मुख्यालयों में एक दर्जन से ज्यादा प्रमुख पर्यटन स्थलों को विकसित करने की दरकार है तो पड़ोसी जिले पन्ना और उमरिया स्थित टाइगर रिजर्व तक पहुंचने के लिए प्रमुख नजदीकी रेलवे जंक्शन कटनी ही है। इन स्थानों तक पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक कटनी आते भी है। यह अलग बात है कि इन पर्यटकों को कटनी में रोक पाने जिम्मेदार अब तक असफल रहे हैं। खासबात यह है कि पर्यटन के रूप में जरूरी स्थानों को विकसित करने से शहर में कारोबार बढ़ेगा, लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

जिले में पर्यटन के मामले में जिम्मेदारों की उदासीनता का आलम यह है कि डिस्ट्रिक्ट टूरिज्म प्रमोशन काउंसिंल बोर्ड की बैठक ही एक साल से ज्यादा समय से नहीं हुई। जानकार बताते हैं कि बैठक में चर्चा के बाद जरुरी स्थानों को पर्यटन महत्व के लिहाज से विकसित करने में मदद मिलेगी।

कटनी के नजदीक ही बांधवगढ़ और पन्ना टाइगर रिजर्व है। इन टाइगर रिजर्व में बारिश का मौसम छोड़कर सालभर पर्यटकों का आना-जाना लगता रहा है। यहां आने वाले ज्यादातर पर्यटक अगर ट्रेन से आते हैं तो कटनी से ही कार से टाइगर रिजर्व तक पहुंचते हैं। टूर व ट्रेवल्स के माध्यम से कार से आने वाले पर्यटक भी कटनी होकर ही गुजरते हैं। इन सबके बाद भी ऐसे पर्यटकों को कटनी में रोकने के लिए प्रयास नाकाफी रहे हैं।

इस बारे में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा बताते हैं कि डिस्ट्रिक्ट टूरिज्म प्रमोशन काउंसिंल बोर्ड की बैठक बुलाने के निर्देश सोमवार को टीएल मीटिंग में ही दिए हैं। बैठक के बाद तय होगा कि किस क्षेत्र में कार्य किया जा सकता है।

जिले में इन स्थानों को किया जा सकता है विकसित
- कलेक्ट्रेट के समीप पहाड़ी पर स्टोन पार्क।
- बरही के समीप बाणसागर डैम का बैक वाटर क्षेत्र कोनिया।
- वसुधा पर्यटन स्थल जो उपेक्षा का शिकार है।
- कारीतलाई स्थिति पुरातत्व महत्व का स्थान भगवान विष्णुवाराह मंदिर।
- विजयराघवगढ़ स्थित ऐतिहासिक किला।
- बहोरीबंद के समीप भगवान रूपनाथ मंदिर।
- ढीमरखेड़ा स्थित विरासन माता मंदिर।
- बिलहरी स्थित पुरातत्व महत्व का स्थान सहित जिले के अन्य स्थान शामिल।