
Jain society organized religious ceremony
कटनी. रीठी के बडग़ांव में गुरुवार से प्रारम्भ हुए चतुर्दिवसीय श्री पंडित पूजा जी अस्थाप, वांचन, सम्यक समाधि महोत्सव का रविवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में बा. ब्रम्हचारी धर्मेंद्र भैया ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए सम्यक समाधि महोत्सव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाधि दो प्रकार की होती है एक भाव समाधि और दूसरी द्रव्य समाधि। भाव समाधि का अर्थ है शरीर और आत्मा के अंतर को जानते हुए व्यवहार करना। अर्थात शरीर को नाशवान पुद्गल मानना और आत्मा को अजर अमर अविनाशी मानकर उसी में लीन रहना। जबकि द्रव्य समाधि का मतलब सिर्फ संयम पूर्वक देह को त्याग करना है। भाव समाधि के बिना द्रव्य समाधि नहीं हो सकती। उन्होंने आगे कहा कि भारत एक आध्यात्मिक देश रहा है हमें अपनी भारतीय संस्कृति पर गर्व है। आधुनिकता की होड़ में हम पाश्चात्य संस्कृति को बढ़ावा देकर अपनी भारतीय संस्कृति को भूल रहे हैं।
पालकी पर सवार होकर निकली जिनवाणी शोभायात्रा
अतिथि विद्वानों के मार्गदर्शन में चतुर्दिवसीय आयोजन के पहले दूसरे और तीसरे दिन श्री पंडित पूजा जी ग्रंथ का वांचन किया गया। कार्यक्रम के अंतिम दिन पंडित पूजा जी ग्रंथ की वांचना पूरी होने पर तिलक किया गया। दोपहर में पालकी पर जिनवाणी जी को विराजमान कर भव्य शोभायात्रा निकाली गई जो कार्यक्रम स्थल से प्रारम्भ होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए तारण तरण दिगम्बर जैन मंदिर पहुंची। पालकी जी शोभायात्रा के स्वागत स्वरूप लोगों ने अपने घरों के सामने रंगोली बनाई एवं श्री फल भेंट कर आरती उतारी। हजारों गुरुभक्तों ने गनभेदी जयकारे लगाते हुए ढो़लनगाड़ों की धुन पर जमकर नृत्य किया। शोभायात्रा के मंदिर पहुंचने के बाद मंदिर के शिखर पर कलशारोहण किया गया।
बहोरीबंद विधायक सहित हजारों श्रृद्धालु हुए शामिल
महोत्सव में स्थानीय समाज के साथ बहोरीबंद रीठी विधानसभा के विधायक प्रणय पांडेय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। कार्यक्रम में रीठी, कटनी, रैपुरा शाहनगर, बाकल, कुम्हारी, पटेरा, दमोह, पथरिया, बटियागढ़, मगरौन, जबलपुर, बीना, खुरई, सागर, गंजबासौदा, विदिशा, सिवनी, छिंदवाड़ा, सिलवानी, अमरवाडा़, भोपाल सहित छतीसगढ़, उप्र., महाराष्ट्र आदि प्रांतों से हजारों श्रद्धालु शामिल थे।
Published on:
25 Feb 2020 09:52 am
बड़ी खबरें
View Allकटनी
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
