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पहाड़ की ऊंचाई पर यहां कई दशकों से अनवरत बह रही निर्मल जलधारा, नाम जलहरी धाम : VIDEO

जानकारी और सुविधाओं के अभाव में पर्यटन स्थल के रुप में विकसित नहीं हो पा रहा यह स्थान, आने वाले लोग कहते हैं कि जलहरी धाम पहुंचते ही मन को मिलता है सुकून.

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jalaharidhaam

जलहरी धाम

कटनी. बहोरीबंद से दमोह मार्ग पर रक्सेहा गांव के समीप प्रकृति का मनोरम स्थान जलहरी धाम। इस स्थान की खासियत यह है कि यहां पहाड़ की उंचाई पर बीते कई दशकों से अनवरत जलधारा बह रहा है। घने वनक्षेत्र में स्थित जलहरी धाम में मेला भी लगता है और आसपास गांव के लोग सिद्धबाबा में आस्था का मत्था टेकने भी पहुंचते हैं। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इस स्थान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित की जा सकती है, लेकिन जिम्मेदारों के उदासीन रवैए के कारण स्थान उपेक्षित है।

इस स्थान के बारे में रक्सेहा गांव निवासी हरिसिंह बताते हैं कि जलहरी धाम स्थित सिद्धबाबा में आसपास गांव के लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। वन विभाग की सीमा में होने के कारण स्थान का विकास नहीं हो पा रहा है।
वहीं गौरहा बीट के वनरक्षक राजेंद्र सिंह ठाकुर बताते हैं कि जलहरी धाम संरक्षित वनक्षेत्र की सीमा में है। इस स्थान पर कोई भी काम वन विभाग ही करवा सकती है। वन्यप्राणियों के मूवमेंट के कारण यहां लोगों की आवाजाही भी कम रहती है।

काम की जानकारी
- जलहरी धाम बहोरीबंद मुख्यालय से 28 किलोमीटर और कटनी जिला मुख्यालय से 78 किलोमीटर की दूरी पर है।
- दमोह बॉर्डर पर जंगल के बीचोबीच स्थित इस स्थान पर तीज त्योहारों में बड़ी संख्या में लोग पहुंंचते हैं।
- रिजर्व फॉरेस्ट होने के कारण सड़क नहीं बनी है। कच्ची सड़क पर जलस्रोत तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं.
- प्रकृति का सौंदर्य और झरना देखकर लोगों का मन आनंदित हो उठता है।