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जल जीवन मिशन की हकीकत: 665 का बना डीपीआर, 639 को मिली स्वीकृति, 137 गांवों में ही पहुंचा पानी

335 में जारी हुए हैं कार्यादेश, शेष में चल रही टेंडर प्रक्रिया, गांवों में पानी पहुंचाने चल रहा धीमा काम, ठेकेदारों की सामने आ रही मनमानी- 665 जलजीवन मिशन के तहत स्वीकृत हुई हैं योजना- 427.18 करोड़ रुपए की लागत से हो रहा योजन का काम- 630 जल जीवन मिशन योजनाओं की मिली है प्रशासकीय स्वीकृति- 338 योजना की प्राप्त हो सकी हैं निविदाएं

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कटनी

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Balmeek Pandey

Jul 03, 2023

Katni Jal Jeevan Mission's work slowed down

Katni Jal Jeevan Mission's work slowed down

कटनी. जिले में 2024 तक हर घर में नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल मुहैया कराने जलजीवन मिशन योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत ठेकेदारों द्वारा सुस्त गति से काम किया जा रहा है। कई जगह तो गुणवत्ता से भी जमकर खिलवाड़ हो रहा है। जानकारी के अनुसार जिले में जल जीवन मिशन अंतर्गत 665 योजनाओं की स्वीकृति मिली है। 427.18 करोड़ रुपए की लागत से पानी की टंकी, पाइप लाइन का विस्तार, नलकूप आदि की व्यवस्था पीएचई को कराना है। 630 योजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति भी जारी हो चुकी है। अभी तक सिर्फ 339 योजनाओं की ही निविदा स्वीकृत हो पाई है। जिले में चार साल में 137 योजनाएं ही पूर्ण हो पाई हैं, जबकि अब 198 योजनाओं को पूर्ण करने के लिए महज नौ माह ही शेष बचे हैं। जिले में अभी पांच योजनाओं पर काम ही नहीं शुरू हो पाया। ठेकेदारों द्वारा धीमी गति से किए जा रहे कार्य पर सिर्फ नोटिस जारी करने का खेल चल रहा है।

895 गांवों में देना है पानी
जल जीवन मिशन योजना के तहत 895 गांवों में पानी देने की योजना पर काम चल रहा है। इसमें 665 एकल ग्राम शामिल हैं। 259 गांवों में समूह योजना के तहत पानी पहुंचना है। 26 योजनाओं को अभी भी स्वीकृति का इंतजार है। पीएचई के अनुसार 335 योजनाओं पर कार्य ठेकेदारों ने शुरू किया। 137 योजनाएं ही पूर्ण हो पाई हैं। इनमें से 57 योजनाएं ग्राम पंचायतों को संचालन के लिए हस्तांतरित की गई हैं।

आंगनवाडिय़ों में भी नहीं पहुंचा पानी
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा जिले की आंगनवाडिय़ों में भी पानी पहुंचाना है। 915 केंद्रों में कार्य प्रस्तावित किया गया था, इनकी प्रशासकीय स्वीकृति भी मिल चुकी है। 915 में निविदा की कार्रवाई भी पूर्ण हो चुकी है, लेकिन 329 स्थानों पर काम प्रगति पर है व 586 केंद्रों में ही पानी पहुंच पाया है।

यह है ब्लॉकवार स्थिति
ब्लॉक स्वीकृति पूर्ण
बड़वारा 198 118
बहोरीबंद 170 103
ढीमरखेड़ा 182 128
कटनी 105 69
रीठी 98 71
विगढ़ 162 97
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योग 915 586
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स्कूलों में भी पानी पहुंचाने काम धीमा
जिले के 1898 स्कूलों में भी शुद्ध पेयजल पहुंचाने की योजना है। यहां पर भी पीएचई के ठेकेदार समय पानी नहीं पहुंचा पा रहे हैं। कई स्थानों पर गुणवत्ता का भी ध्यान नहीं रखा गया। 1898 स्कूलों में से 1602 की प्रशासकीय स्वीकृति हो पाई है, निविदा भी जारी हो चुकी है, लेकिन 1155 में ही काम हो पाया है।

यह है स्कूलों की स्थिति
ब्लॉक स्कूल निविदा पूर्ण
बड़वारा 446 400 297
बहोरीबंद 331 298 199
ढीमरखेड़ा 332 301 202
कटनी 235 153 131
रीठी 241 159 136
विगढ़ 313 291 190
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योजना को लेकर खास-खास
- बड़वारा 12, बहोरीबंद 11, ढीमरखेड़ा 29, कटनी 57, रीठी 19, विजयराघवगढ़ में 9 योजना ही हुईं पूरी।
- नेटलिंग साफ्टवेयर प्रा लि कंपनी भोपाल द्वारा ढीमरखेड़ा क्षेत्र में किया जा रहा धीमा काम।
- देरी से जारी हुए ठेकेदारों केा वर्क ऑर्डर, इसलिए जल जीवन मिशन योजना में भी हो रही देरी।
- जिले में कई ठेकेदारों को जारी हुआ है नोटिस, फिर भी नहीं आ रही तेजी, विभाग की निरागनी पर भी सवाल।

वर्जन
जिले में जल जीवन मिशन योजना के तहत 665 योजनाओं का डीपीआर बना है। 639 स्वीकृत हुई हैं। 335 में कार्यादेश जारी हुए थे। अभी तक 137 योजनाएं पूर्ण हो गई हैं। काम तेजी से चल रहा है। जो ठेकेदार धीमी गति से काम कर रहे हैं नोटिस जारी किया गया है।
केएस डामोर, कार्यापालन यंत्री पीएचई।