
हरिदास मंदिर में मिले पर्यटन को बढ़ावा तो मिले रोजगार, पेयजल योजना का वर्षों से इंतजार
कटनी/स्लीमनाबाद. ग्राम पंचायत स्लीमनाबाद को विशेष पहचान दिलाने वाला गांव कोहका आज मूलभूत सुविधाओं को तरस रहा है। जिस स्लीमनाबाद नगर को ग्राम कोहका ने बसाया वही आज विकास की राह तक रहा है। आस्था के लिए जाने जाना वाला हरिदास ब्रजधाम मंदिर आज पर्यटन की राह तक रहा है। यहां के वाशिंदों का कहना है कि यदि मंदिर पर्यटन क्षेत्र से जुड़ जाए तो यहां रोजगार के साधन भी बढ़ जाएंगे। जिससे लोगों को रोजगार भी मिल जाएगा। यह कहना है स्लीमनाबाद ग्राम पंचायत के आश्रित गांव कोहका के निवासियों का। ग्रामीण संजय यादव, सूरज यादव, प्रदीप यादव, राममिलन यादव ने बताया कि जब भारत परतंत्र था तब जबलपुर में बिट्रिश गर्वनर कर्नल स्लीमन थे। उनके कोई संतान नहीं थी। तब उन्होंने इसी हरिदास मंदिर मे मत्था टेका था। तब उनको संतान की प्राप्ति हुई थी, जिसके बाद बिट्रिश गवर्नर कर्नल स्लीमन ने गोविंद मालगुजार से 96 एकड़ भूमि खरीदकर अपने नाम पर स्लीमनाबाद नगर बसाया था। आज भी बिट्रिश गवर्नर के वंशज इंग्लैंड से साल भर में एक बार मंदिर आते है।
आस्था मन्नत के लिए यहां दुर दराज से लोग पहुंचते हैं। बसंत पंचमी पर सात दिवसीय बसन्तोत्सव पर्व भी मनाया जाता है। बसंत पंचमी के दिन अपनी आस्थाओं को लेकर लोग मंदिर में पहुंचते हैं। विगत वर्ष जबलपुर संभागायुक्त जब मंदिर पहुंचे थे तो उनके समक्ष मंदिर को पर्यटन से जोड़ेने की बात रखी गई थी, जिस पर उन्होंने आश्वासन दिलाया था कि मंदिर को पर्यटन से जोडने हर संभव प्रयास किया जाएगा।
ग्राम-कोहका
ग्राम पंचायत-स्लीमनाबाद
तहसील-स्लीमनाबाद
जिला-कटनी
आबादी -500
पेयजल की है गंभीर समस्या
ग्रामीण वीरेंद्र यादव, राजेन्द यादव, रामकेश यादव, रामनारायण यादव आदि ने बताया कि गांव में नलजल योजना का लाभ गांव को नही मिल पाया है। जिससे गांव के लोग योजना से वंचित हैं। कई बार ग्राम पंचायत, जनपद के अधिकारियों से गांव में पेयजल सप्लाई कराने की मांग रखी गई, लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ भी हाथ नहीं लग रहा। ग्रामीणों को निजी पंप व फिर हैंडपंप के सहारे ही प्यास बुझानी पड़ती है। गर्मी के दिनों में समस्या विकराल हो जाती है, फिर उसे कोई नहीं सुनता।
बिजली की रहती है समस्या
वर्तमान समय में रबी सीजन का कार्य चल रहा है, लेकिन बिजली की अघोषित कटौती से सिंचाई नहीं हो पाती। 10 घण्टे की जगह महज 6 से 7 घण्टे ही बिजली मिलती है। उसमें भी बिजली का समय निर्धारित नही है। जो बिजली मिलती है उसमें भी बार बार ट्रिपिंग की जाती है, जिससे सिंचाई कार्य अधिक समय बीत जाता है। जहां सिंचाई में 2 दिन का काम होता है वहां 4 दिन लग जाते हैं।
इनका कहना है
ग्राम कोहका स्थित हरिदास मंदिर आस्था के लिए जाना जाता है। मंदिर को पर्यटन का बढ़ावा मिले, रोजगार के साधन बढ़े, इसके लिए पर्यटन क्षेत्र से जोडऩे के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
प्रणय पांडेय, विधायक बहोरीबंद।
Published on:
15 Dec 2020 09:32 am
बड़ी खबरें
View Allकटनी
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
