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तुअर पर दोहरे कर से 40 मिलर्स को मिलेगी राहत, शेष दलहन पर नहीं छूट

जारी हुआ राजपत्र, मंडी प्रबंधन को बोर्ड के आदेश का इंतजार, दोहरे टैक्स के कारण जिले में दो से अधिक बंद दूसरे प्रदेशों में शिफ्ट हो गई हैं मिलेंचना, मसूर, बटरी, मटरी, मूंग-उड़द में छूट न मिलने से निराश मिलर्स

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कटनी

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Balmeek Pandey

May 28, 2023

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Mandi tax exempted in Arhar

कटनी. शहर में 1990 के दशक में एक दौर था जब 250 से अधिक दाल मिलें गुलजार थीं। कटनी के दालों की पूछ-परख देशभर में थी। दोहरे कर (मंडी टैक्स) की मार ने मिलर्स की कमर तोड़ दी और साल-दर-साल मिलें या तो शहर से बंद हो गई या फिर दूसरे प्रदेशों में शिफ्ट हो गईं। वर्तमान में हालात ऐसे हैं कि महज 135 से 140 दाल मिलें ही चल रही हैं। सरकार द्वारा मंडी टैक्स में छूट दिए जाने की घोषणा कई साल से करती आ रही थी, लेकिन इस पर अमल नहीं हो पा रहा था। अब जाकर राजपत्र का प्रकाशन हुआ है। 31 मार्च 2024 तक के लिए तुअर में टैक्स की छूट दी गई है। इससे शहर के लगभग 35 से 40 तुअर दाल मिलर्स को ही राहत है। चना, मसूर, बटरी, मटरी, मूंग-उड़द में छूट न मिलने से मिलर्स निराश हैं। वहीं हमेशा के लिए छूट न मिलने से भी ठगा महसूस कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार तुअर में मंडी टैक्स में छूट दिए जाने के लिए 25 मई को राजपत्र प्रकाशित किया गया है। क्रमांक/4/1/1/0003/2023-एसइसी-2-14(एजीआर) (पी-185386) मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 (क्रमांक 24 सन 1973) की धारा 69 की उप-धारा (1) एवं (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक डी-15-11-2005-चौदह-3, दिनांक 01 अगस्त, 2018 जिसका प्रकाशन मध्यप्रदेश राजपत्र में हुआ था, की शर्तों के अधीन, राज्य सरकार, एतद्द्वारा अधिसूचित कृषि उपज तुअर जो कि राज्य के बाहर से आयातित) मंडी क्षेत्र में स्थापित दाल मिलों में लाई गई हो, पर उक्त अधिनियम के अधीन देय मंडी फीस के भुगतान से पूर्णत: छूट प्रदान करती है। मंडी फीस के भुगतान से यह छूट इस अधिसूचना के मध्यप्रदेश 'राजपत्रÓ में प्रकाशन की दिनांक से 31 मार्च 2024 तक प्रवृत्त होगी।

ऐसे लग रहा था मंडी टैक्स
जानकारी के अनुसार मिलर्स को दोहरा कर लग रहा था। महाराष्ट्र से कच्चा माल लेने पर वहां पर भी मंडी टैक्स चुकाना पड़ रहा है और फिर जब यह माल मध्यप्रदेश आता है तो यहां पर भी टैक्स चुकाना पड़ता था। एक किलो उपज में एक रुपये 70 पैसे टैक्स दूसरे प्रदेश में और फिर एक रुपए 70 पैसे कटनी में भी टैक्स चुकाना पड़ रहा था। 23 साल से मिलर्स को यह समस्या हो रही थी। शहर के मिलर्स वर्मा, म्यामार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना सहित अन्य प्रदेश से कच्चा माल मंगाते हैं। दाल उप्र, बिहार, बंगाल, झारखंड, हरियाणा, जम्मू काश्मीर, उत्तरांचल सहित अन्य प्रदेशों में सप्लाई होती।

नहीं मिली संपूर्ण राहत
तुअरदाल मिल एसोसिएशन के सचिव निखिल हिंदूजा ने कहा कि इस पहल से तुअर दाल मिलर्स को दोहरे कर से मुक्ति मिलेगी, यह बड़ी राहत है। सरकार द्वारा चना, मसूर, बटरी, मटरी, मूंग-उड़द में भी छूट का प्रावधान तय करना था वह भी हमेशा के लिए। छूट न मिलने से कई मिलर्स निराश हैं। सभी जींस में पूर्ण रूप से दोहरे मंडी टैक्स की छूट का प्रावधान किया जाना चाहिए था। मार्च 24 तक के लिए छूट का प्रावधान तय हुआ है, इसे हमेशा के लिए होना था।

तुअर में मंडी टैक्स छूट संबंधी राज्यपत्र के प्रकाशन की सूचना मिली है। अभी हमारे पास मंडी बोर्ड से अधिकृत आदेश छूट का प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश प्राप्त होने के बाद भी टैक्स में छूट दी जाएगी।
देवेंद्र ठाकुर, सचिव कृषि उपज मंडी।