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डबल लॉक केंद्रों में तीन दिन से नहीं खाद, समितियों से भी निराश लौट रहे किसान

रबी फसलों की बोवनी के बीच जिले में संकट, आज भी नहीं आई यूरिया की रैक, प्रशासन का दावा है कि खाद पर्याप्त मात्रा में लेकिन हालात बिल्कुल अलग

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 manure, double lock center, committee, farmer, urea, katni news

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कटनी। जिले में यूरिया का संकट गहराने से किसानों की समस्या बढ़ गई है। किसान सहकारी समितियों और गैर सरकारी दुकानों पर चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रही है। रबी फसलों की बोवनी की चिंता किसानों को परेशान कर रही है। दूसरी ओर अधिकारियों का कहना है कि किसान को परेशान होने की जरुरत नहीं, समय पर खाद यूरिया की व्यवस्था कराई जाएगी।
प्रशासन का दावा है कि खाद पर्याप्त मात्रा में है, लेकिन हालात बिल्कुल अलग हैं। किसानों का कहना है कि सरकारी गोदामों से किसान को निराशा हाथ लग रही है। अच्छी फसल के लिए यदि समय से उसे खाद यूरिया न दिया जाए तो फसल खराब हो जाती है। आलम यह है कि कटनी और बहोरीबंद स्थित डबल लॉक केंद्रों में पिछले तीन दिनों से यूरिया उपलब्ध नहीं है। कई प्राथमिक सहकारी विपणन समिति में भी यूरिया नहीं है, जिसके चलते किसान बाजार से महंगे दामों पर यूरिया खरीद रहे हैं।

सरकारी गोदामों में खत्म, निजी के पास उपलब्ध
यूरिया खाद सरकारी गोदामों में लगभग खत्म हो चुकी है वहीं निजी के पास अब भी पर्याप्त यूरिया उपलब्ध है। विपणन संघ के पास मात्र 1 मीट्रिक टन यूरिया शेष है तो एग्रो के पास यही स्थिति है। जबकि निजी विक्रेताओं के पास अब भी 540 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। ऐसी स्थिति में किसान मजबूर होकर बाजार से यूरिया खाद खरीद रहे हैं।

डिमांड 24 हजार की, मिली सिर्फ 3833
जिले में रबी फसलों की बोवनी के लिए यूरिया खाद की डिमांड 24 हजार मीट्रिक टन है लेकिन जिले को अबतक सिर्फ 3833 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध हो सकी है। अफसरों का दावा है कि शुक्रवार तक आइपीएल यूरिया की रैंक आ जाएगी, जिसमें 800 मीट्रिक टन यूरिया जिले के लिए उपलब्ध होगा।

अबतक 24 प्रतिशत क्षेत्र में हुई बोवनी
कृषि विभाग के अफसरों का कहना है कि जिले में वर्तमान रबी वर्ष 2022-23 में रबी फसलों की बोवनी करीब 24 प्रतिशत क्षेत्र में हो चुकी है। इसके अलावा खेतों में अभी भी 60 प्रतिशत क्षेत्र में धान फसल लगी हुई है।

डबल लॉक केंद्रों में पिछले तीन दिनों से यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है। यूरिया की रैक जल्द आने वाली है, जिससे किसानों को यूरिया वितरित की जाएगी।
एके राठौर, उपसंचालक, कृषि विभाग

यह बात सही है यूरिया खाद की उपलब्धता कम है। शुक्रवार तक रैक आ जाने से जिले को 800 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध होगा, जिससे कमी दूर होगी। आज रैक नहीं आ सका है।
अमित तिवारी, जिला विपणन अधिकारी