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सुरक्षा से खिलवाड़: अवैध मैरिज गार्डनों में गूंज रहीं शहनाइयां

पार्किंग के नहीं हैं इंतजाम, हादसों को रोकने की भी नहीं व्यवस्था, देररात तक मचता है शोरगुल, बिना अनुमति के संचालन से राजस्व को भी पहुंच रही क्षतिनगर निगम द्वारा नहीं की जा रही प्रभारी कार्रवाई, कारोबारियों की जारी है मनमानी

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कटनी

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Balmeek Pandey

Dec 04, 2022

सुरक्षा से खिलवाड़: अवैध मैरिज गार्डनों में गूंज रहीं शहनाइयां

सुरक्षा से खिलवाड़: अवैध मैरिज गार्डनों में गूंज रहीं शहनाइयां

कटनी. शहर में अभी भी नियमों को ताक में रखकर एक दर्जन से अधिक अवैध मैरिज गार्डनों का संचालन हो रहा है। नियम विरुद्ध तरीके से बुकिंग लेकर संचालक शहनाइयां बजवा रहे हैं। इससे न सिर्फ नगर निगम को राजस्व की क्षति पहुंच रही है बल्कि लोगों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ हो रहा है। बता दें कि शहर में दिव्यांचल मैरिज गार्डन, मधुर मिलन, राज पैलेस, खरे मैरिज गार्डन, सत्कार मैरिज गार्डन अवैध तरीके से चल रहे हैं। इनके खिलाफ न्यायालय में अभियोजन का भी मामला चल रहा है। इसके अलावा बाबा नारायण शाह मैरिज हॉल, आत्माराम धर्मशाला, पंजीबा मंडल धर्मशालाल सहित अन्य मैरिज गार्डन व धर्मशालाओं में नियमों के विपरीत शहनाइयां बज रही हैं।
मैरिज गार्डन का हर पांच वर्ष में लाइसेंस रिन्यूअल कराना, समारोह में हवाई फायर पर प्रतिबंध, परिसर में सीसी टीवी कैमरे लगाना अनिवार्य है, लेकिन कई गार्डनों में कैमरे नहीं लगे। समारोह से तीन दिन पहले संबंधित थाने में सूचना देना, रात 10 बजे के बाद डीजे का उपयोग न करना, आतिशबाजी के लिए निर्धारित स्थान की जानकारी प्रशासन को देना, समारोह के बाद कचरा फेंकना, मैरिज गार्डन के कुल क्षेत्रफल का 35 फीसदी स्थान पार्किंग के लिए अनिवार्य है, लेकिन कई जगह सड़कों पर पार्किंग होती है। मैरिज गार्डन में वृक्षारोपण, पार्क, और खुली भूमि होना भी अनिवार्य, है, लेकिन यहां पर धर्मशाला में शहनाइयां बजती हैं। आने-जाने के लिए गार्डन में अलग-अलग रास्ते, अग्निशमन यंत्र अनिवार्य, महिला एवं पुरुषों के लिए पर्याप्त प्रसाधन, कक्ष सहित अन्य नियमों का पालन नहीं कर रहे।

देर रात तक बजाए जाते हैं डीजे
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार मैरिज गार्डन में रात 10 बजे के बाद डीजे आदि नहीं बजना चाहिए, लेकिन शादी समारोह शुरु होते ही शहर के मैरिज गार्डनों में रात 12 के बाद तक तेज आवाज में डीजे साउंड बजना शुरु हो जाएगा, जिससे इन मैरिज गार्डनों के आसपास के रहवासियों को रात को सोना तक मुश्किल हो जाता है। इसकी शिकायतें नगरपालिका से लेकर एसडीएम से तक की जा चुकी हैं, लेकिन कुछ निराकरण नहीं निकल सका।

पार्किंग की है समस्या
मैरिज गार्डन में वाहन पार्किंग के इंतजाम नहीं हैं। कई गार्डन तो चाका से लेकर झिंझरी तक मॉडल रोड के किनारे पर हैं, जिनके वाहन सड़क किनारे खड़े होते हैं। पार्किंग के पुख्ता इंतजाम नहीं होने के कारण जब गार्डन में मैरिज होती है, तो हाईवे के दोनों तरफ और बीच रोड तक दो पहिया और चार पहिया वाहनों की कतारें लग जाती हैं, जिससे यहां कई बार यातायात जाम की स्थिति बनती है और नागरिक परेशान होते हैं। फायर सेफ्टी सिस्टम पर भी ध्यान नहीं दिया जाता।

सड़क पर फेंकते हैं वेस्टेज सामान
इन मैरिज गार्डन में शादी-समारोह के बाद बची खाद्य सामग्री आदि के निष्पादन के तक पुख्ता इंतजाम नहीं हैं, इस कारण शादी समारोह खत्म होने के बाद गार्डन के सामने ही वेस्टेज फेंक देते हैं। जिससे आसपास रहने वाले नागरिक परेशान होते हैं। वहीं कुछ मैरिज गार्डन में तो पानी निकासी के तक इंतजाम नहीं हैं और कचरा प्रबंधन की भी कोई नीति नहीं है।

वॉटर हार्वेस्टिंग भी नहीं
शहर के अधिकांश मैरिज गार्डन में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तक नहीं है। इस कारण बारिश के पानी को भी नहीं सहेज पाते हैं। नपा ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत जब इन मैरिज गार्डन का सर्वे करवाया, तो यह हकीकत सामने आई।

सब इंजीनियर नहीं दे रहे ध्यान
अवैध मैरिज गार्डनों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी नगर निगम के छह सब इंजीनियरों को सौंपी गई है। इनको गार्डनों में जाकर देखना है कि किन-किन नियमों का उल्लंघन हो रहा है व कौन से मैरिज गार्डन नियमों के विपरीत चल रहे हैं। उन पर कार्रवाई की रिपोर्ट नगर निगम को देनी है, लेकिन कोई भी उपयंत्री गार्डनों पर कार्रवाई करने ध्यान नहीं दे रहा।

वर्जन
अवैध तरीके से चल रहे मैरिज गार्डनों पर कार्रवाई की जा रही है। पांच के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई चल रही है। अन्य मैरिज गार्डनों को भी चिन्हित किया गया है। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सत्येंद्र सिंह धाकरे, आयुक्त नगर निगम।