
Meeting on National Literature Book Fair
कटनी. राष्ट्रीय साहित्य पुस्तक मेला समिति द्वारा आयोजित 10वां साहित्य महोत्सव एवं पुस्तक मेला जो 20 दिसंबर से 25 दिसंबर साधुराम विद्यालय में आयोजित किया जा रहा है। इस परिपेक्ष में कन्या महाविद्यालय कटनी में छात्र संसद-संवाद कार्यक्रम 'अभिव्यक्ति की आजादी कब, कहां कैसे' विषय पर रखा गया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. चित्रा प्रभात, कार्यक्रम की अध्यक्ष डॉ. सुनीता मसराम प्राचार्य कन्या महाविद्यालय, अंकिता तिवारी पुस्तक मेला समिति सदस्य एवं कार्यक्रम प्रभारी, मुख्य अतिथि मनीष निगम, आभा चौकसे आदि की उपस्थिति रही।
वक्ताओं ने रखी अपनी बात
कार्यक्रम की मुख्यवक्ता डॉ. चित्रा प्रभात ने छात्राओं के सामने यह बात रखी की आज अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर पूरे देश कि महाविद्यालयों में इस तरह का वातावरण बनाया जा रहा है कि जहां पर छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के बारे में विचार करना चाहिए। देश के बारे में विचार करना चाहिए। वह जगह पर कुछ लोगों द्वारा देश को तोडऩे के लिए काम किया जा रहा है। यह हमारे देश की संस्कृति नहीं है। अभिव्यक्ति की आजादी का अर्थ अपने विचारों को संवाद के माध्यम से रखना है, लेकिन वह विचार देश के सामाजिक सांकृतितक एवं आर्थिक दृष्टि को जोडऩे वाले होने चाहिए ना कि तोडऩे वाले कार्यक्रम की।
डिजिटल इंडिया पर चर्चा
अध्यक्षता कर रही डॉक्टर मसराम ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी होना चाहिए लेकिन उसकी एक सीमा है और जब सीमाओं को लांघा जाता है तो उसका परिणाम भी उसी प्रकार होता है। कार्यक्रम के अंत मुख्य अतिथि द्वारा डिजिटल इंडिया के संदर्भ में छात्राओं को बताया गया कि किस तरह डिजिटल इंडिया के माध्यम से आज हम अपने देश को आगे बढ़ा सकते हैं। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में छात्राओं की उपस्थिति रही, जिनके द्वारा इस विषय पर मंचासीन अतिथियों के साथ संवाद किया गया।
Published on:
07 Dec 2019 12:42 pm
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