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कटनी में सुबह आने वाली मेमू ट्रेन बिलासपुर जोन के पाले में, अफसर ध्यान दें तो कारोबारियों को राहत

लगातार मांग के बाद भी मेमू ट्रेन चलाने पर ध्यान नहीं दे रहे रेलवे के अफसर, सुपरफास्ट और एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन चलाकर मेमू ट्रेन के लिए कह रहे स्थितियां सामान्य होने का इंतजार.

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Memu Train

मेमू ट्रेन

कटनी. शहर के व्यापार में बिलासपुर रेलवे जोन अड़ंगा बन रहा है। इसका सीधा नुकसान शहर के व्यापार पर पड़ रहा है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में अनूपपुर, शहडोल व उमरिया सहित अन्य छोटे स्टेशन से व्यापारी थोक खरीददारी के लिए आते हैं। कटनी आने वाले ऐसे व्यापारी लंबे अरसे से मांग कर रहे हैं कि एक ऐसी मेमू ट्रेन चले जो कटनी सुबह 10 बजे पहुंचे और शाम 5 बजे वापसी हो। जिससे व्यापारी सहित अन्य लोग दैनिक कार्य निपटाकर आराम से घर वापसी कर सकें।

जानकर ताज्जुब होगा कि कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर समाप्त होने के बाद लगातार सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेन चलाने वाले बिलासपुर (दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे) जोन के अफसर मेमू ट्रेन को लेकर स्थितियां सामान्य होने की बात कह रहे हैं, वहीं पश्चिम मध्य रेलवे (जबलपुर) जोन के अफसरों का कहना है कि कटनी से शहडोल रूट पर ट्रेन चलाने का निर्णय बिलासपुर जोन ही लेगा, क्योंकि कटनी के बाद आगे उन्ही का क्षेत्र है। इस बीच दो जोन के कारण कटनी आने वाले रेल यात्रियों की परेशानी कम नहीं हो रही है।

पमरे की और ट्रेन चलाने की तैयारी
कटनी देश का ऐसा रेलवे जंक्शन है, जहां से पांच दिशाओं को ट्रेन का परिचालन होता है। इसमें इटारसी, बीना, सिंगरौली, सतना और बिलासपुर शामिल हैं। यात्रियों का कहना है कि इन पांच रूट में सिर्फ बिलासपुर रूट ही ऐसा है, जिसमें यात्रियों की सुविधा अनुसार ट्रेनें नहीं है। ऐसे में सफर के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) की तैयारी इटारसी से सतना और बीना रुट पर और ट्रेन चलाने की तैयारी चल रही है।

पैसेेंजर की जगह मेमू ट्रेन चलाने की तैयारी
रेलवे अब आने वाले समय में पैसेंजर ट्रेन की जगह मेमू ट्रेन चलाने की तैयारी में है। रेलवे के अफसर इस बारे में बताते हैं कि मेमू ट्रेन आरामदायक है, गेट चौड़े होने से आसानी से चढऩा व उतरना संभव है। इंजन बदलने की समस्या नहीं है। स्टेशन में प्रवेश और निगमन आसान होने से समय की बचत सहित अन्य दूसरे लाभ हैं।

यह भी जानें
- बिलासपुर-कटनी मेमू पैंसेजर ट्रेन कोविड-19 प्रभाव के बाद बंद हुई तो दोबारा चालू नहीं हुई। इस ट्रेन की भी टाइमिंग ऐसी रही कि दोपहर में 2 बजे पहुंंचकर फौरन वापसी।
- बिलासपुर-भोपाल पैसेंजर ट्रेन भी बंद है। कोविड-19 संक्रमण की पहली लहर में यह ट्रेन बंद हुई। अब तक रेलवे ने चालू नहीं किया।
- कटनी-चिरिमिरी पैंसेजर ट्रेन भी अब तक चालू नहीं की गई। कोरोना काल के बाद कई मेमू ट्रेन चालू हुई, लेकिन इन ट्रेनों को चालू नहीं किया गया।

- कटनी से बिलासपुर की ओर मेमू ट्रेन चलाने के बाद एसइसीआर रेलवे निर्णय लेगा। कटनी के बाद आगे उन्ही का क्षेत्र प्रारंभ हो जाता है। वे प्रस्ताव देंगे तो यहां से सहमति भर देनी होगी।
राहुल जयपुरियार सीपीआरओ जबलपुर रेलवे जोन।

- कोविड-19 संक्रमण के बाद अभी ट्रेनें चलाने को लेकर स्थितियां सामान्य होने का इंतजार है। अन्य ट्रेनें पटरी पर आ जाएं, इसके बाद देखते हैं कि यात्री सुविधाओं के लिहाज से क्या निर्णय लेना है।
साकेत रंजन सीपीआरओ बिलासपुर रेलवे जोन।