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रोहरा इंडस्ट्रीज का 696 मिट्रिक टन चावल रिजेक्ट, 13.92 लाख रुपए की पैनाल्टी

खरीफ सीजन 2020-21 लिए रोहरा इंडस्ट्रीज को किया गया ब्लैकलिस्ट घोषित.

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कटनी. सरकारी धान की मिलिंग के बाद चावल की गुणवत्ता से खिलवाड़ मामले में नागरिक आपूर्ति निगम (नान) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। बीते दो माह के दौरान भोपाल और कटनी के अधिकारियों द्वारा अलग-अलग समय में की गई गोदामों की जांच के आधार पर कटनी के मिलर मेसर्स रोहरा इंडस्ट्रीज का 696 मिट्रिक टन चावल बीआरएल पाया। इस मामले में मिलर द्वारा कुल जमा किए गए चावल का दस प्रतिशत से अधिक चावल की गुणवत्ता सही नहीं होने के बाद नान प्रबंधक ने मिलर पर 13.92 लाख रुपए की पैनाल्टी लगाई। नान प्रबंधक मधुर खर्द ने बताया कि मेसर्स रोहरा इंडस्ट्रीज को खरीफ सीजन 2020-21 के लिए ब्लैकलिस्ट घोषित किया है।

चावल रिजेक्ट करने के बाद कर्मचारी को बंधक बनाकर मारपीट मामले में मुख्य सचिव, सांसद व विधायक को लिखा पत्र -

नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों द्वारा रोहरा इंडस्ट्रीज का चावल रिजेक्ट किए जाने के बाद नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारी से मारपीट किए जाने और कर्मचारी द्वारा रोहरा इंडिस्ट्रीज के कर्मचारी के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाए जाने के बाद अब राइस मिल एसोसिएशन ने मुख्य सचिव, सांसद व विधायक को पत्र लिखकर अपनी मांग रखी है। अध्यक्ष ईश्वर रोहरा ने बताया कि नागरिक आपूर्ति निगम में प्रबंधक के रूप में विवादस्पद अधिकारी का कार्यकाल पूरा करके सेवानिवृत्त होने के बाद पुन: क्वालिटी कंट्रोलर बन कर कटनी आये शंभु प्रसाद गुप्ता को फील्ड का कोई अनुभव नहीं। सेवानिवृत्त होने के बाद विभाग द्वारा उन्हें जो दायित्व सौंपा गया है वे उसके लिए सर्वथा अयोग्य हैं। पत्र में कहा गया है कि मिलर्स शासन के मापदंडो को ध्यान में रखकर काम कर रहे हैं। फिर भी उन्हे परेशान किया जाता है।