5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहर में स्वच्छता की हकीकतनामा: 650 कर्मचारी, तीन बड़ी एजेंसियां, हर माह एक करोड़ 43 लाख रुपये खर्च फिर भी शहर गंदा

शहर स्वच्छ रहे, लोग स्वस्थ रहें इसके लिए नगर निगम हर माह लगभग डेढ़ करोड़ रुपये फूंक रही है। नतीजा यह है कि न तो शहर साफ हो रहा और ना ही लोग स्वच्छता अपना रहे। सुबह 5 बजे से नगर निगम के आयुक्त, अधीक्षण यंत्री, इंजीनियर और सब इंजीनियर घूमने का दावा कर रहे हैं, लेकिन वास्तविक स्वच्छता से अब भी शहर दूर है।

4 min read
Google source verification

कटनी

image

Balmeek Pandey

Dec 10, 2019

Municipal corporation Katni carelessness due to cleanliness

Municipal corporation Katni carelessness due to cleanliness

कटनी. शहर स्वच्छ रहे, लोग स्वस्थ रहें इसके लिए नगर निगम हर माह लगभग डेढ़ करोड़ रुपये फूंक रही है। नतीजा यह है कि न तो शहर साफ हो रहा और ना ही लोग स्वच्छता अपना रहे। सुबह 5 बजे से नगर निगम के आयुक्त, अधीक्षण यंत्री, इंजीनियर और सब इंजीनियर घूमने का दावा कर रहे हैं, लेकिन वास्तविक स्वच्छता से अब भी शहर दूर है। नगर निगम में स्वच्छता के 650 कर्मचारी हैं। इसमें 350 निगम के अन्य विभागों में लगे हुए हैं। नगर निगम कि मानें तो हर माह इनमें 72 से 80 लाख रुपये प्रतिमाह सफाई कर्मियों व अधिकारियों के वेतन मं खर्च हो रहे हैं। 100 से अधिक सफाई कर्मी सिर्फ कागजों में काम कर रहे हैं। पुराने 13 शौचालय हैं जिनका पे-एंड यूज में सुलभ एजेंसी संचालन कर रही है। इसके अलावा नए सुलभ शौचालय 24 बने हैं, इनको प्रतिमाह सुलभ इंटरनेशनल 18 हजार रुपये प्रति प्रसाधन दिया जा रहा है। ओडीएफ शहर में भी खिरहनी, पन्नी कॉलोनी, प्रेमनगर, इंद्रानगर, झिंझरी, पहरुआ में लोग खुले में शौच कर रहे हैं। इसके अलावा डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का उचित निपटान करने वाली कंपनी को हर माह 40 लाख रुपये का भुगतान बगैर सत्यापन, जांच के हो रहा है। स्वच्छता जागरुकता के लिए 5 लाख रुपये हर माह ओम साईंविजन कंपनी को दिया जा रहा है। इसके बाद भी जागरुकता नहीं आई।

रायपुर की एजेंसी तोड़ेगी कटनी नदी के धंसके पुल का स्लैब, शुरू कराया जाएगा नया निर्माण, पुराने पुल को बचाना बड़ी चुनौती

यहां भी खर्च हो रही राशि
ननि एक कमरे को तैयार करने में 10 लाख रुपये खर्च किए हैं। स्वच्छता मिशन में तीन गाडिय़ां किराये पर चल रही हैं, इनमें मॉनीटरिंग के लिउ एक लाख रुपये हर माह खर्च हो रहे हैं। ट्रैक्टर हायर किए गए हैं, जिसमें लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। सफाई सामग्री ग्लब्स, लॉगबूट, ब्लीचिंग, हेंड ड्रायर सहित अन्य सामग्री में हर 8 से 10 लाख रुपये, रखरखाव सामग्री के लिए 10 लाख रुपये सहित अन्य प्रयोजनों में नगर निगम लाखों रुपये फूंक रहा है, फिर भी गंदगी ही गंदगी है।

शहर वासियों को मिलेगी बड़ी राहत: 450 मीटर मिशन चौक से सुभाष चौक तक उतरेगा फ्लाइओवर, इस पहल ने लाई रंग

शहरवासियों से वसूला जा रहा इतना टैक्स
आवासीय का 30 रुपये, छोटी दुकान, हाथ ठेला 30 रुपये, बड़ी दुकान 100 रुपये, सामान्य होटल 200 रुपये, बड़ी होटल 500 रुपये, ठहरने का होटल/विश्राम गृह एक हजार रुपये, मैरिज गार्डन प्रति आयोजन 2 हजार रुपये, सभी चिकित्सालय/नर्सिंग होम एक हजार रुपये, व्यवसायिक कार्यालय, सर्विसिंग स्टेशन 5-5 सौ रुपये, ऑटो मोबाइल शो रूम दो हजार रुपये, बैंक एक हजार, कोचिंग सेंटर 300, ब्यूटी पॉर्लर 100 रुपये, निजी स्कूल 500 रुपये, टिम्बर मर्चेंट-मिल एक हजार रुपये, रेलवे स्टेशन व टंचिंग ग्राउंड उपयोग शुल्क 10-10 हजार रुपये वसूला जा रहा है।

खास-खास:
- अक्टूबर 2015 से कटनी में एसएसडब्ल्यू कंपनी कर रही डोर-डोर टू कचरा कलेक्शन का काम, हर माह हो रहा 40 लाख रुपये का भुगतान, 5 लाख 20 हजार ले रही स्वतंत्र एजेंसी।
- 2018 में में 93 लाख रुपये स्वच्छताकर की वसूली नगर निगम ने की थी, अभी तक 25 लाख रुपये की ही हुई है वसूली, 57 हजार घर व दुकान मानकर कंपनी कर रही कचरा कलेक्शन।
- चार साल पहले स्वच्छता जागरुकता के लिए एक करोड़ हुए थे जारी, आइइसी एक्टिविटी में हुए खर्च, मनमाने भुगतान भी कई बार आए सामने, गक्कड़-भर्ता सहित एलइडी में लाखों का हुआ भुगतान।

गजब की मनमानी: एएनएम ने भाड़े पर उठाया उप स्वास्थ्य केंद्र, घर से हो रहा अस्पताल का संचालन

यहां भी बड़ा अमला, फिर भी गंदगी
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए 90 मोटरकृत वाहन, 10 कंटेनरकृत तिपहिरया साइकिल होना बताया गया है। साथ ही एक पशु गाड़ी, 44 टिपर वाहन, 2 ट्रैक्टर, दो डंफर प्लेसर, 44 अपशिष्ट संग्राहक, दो कंपैक्टर, जेसीबी और लोडर दो वाहन बताए गए हैं। इतना ही नगर निगम के पास 300 से अधिक सफाई कर्मचारी हैं। इसके बाद भी शहर में सफाई नहीं दिखती।

यह है शहर के क्षेत्र और संख्या की स्थिति
- निकाय का क्षेत्रफल है 69 वर्ग किलोमीटर, 2 लाख 21 हजार 883 है जनसंख्या।
- 45 वार्डों में 42 हजार 243 हैं परिवार, 5 हजार 140 गैर आवासीय परिसर।
- प्रति व्यक्ति के मान से एमएसडब्ल्यू एकत्र कर रही 300 ग्राम कचरा।
- प्रसंस्कृत ठोस अपशिष्ट की मात्रा 80 व लैंड फिल बता रहे 16 टीपीडी।
- शहर की 240 किलामीटर की सड़क, गलियों, लाइनों और बाइलेनों की हो रही सफाई।

कटनी पहुंचे फिल्म अभिनेता अली खान ने गैंगरेप व बढे अपराधों को लेकर कही बड़ी बात, देखें वीडियो


महापौर: करेंगे मंथन, कहां हो गई चूक
शहर में स्वच्छता को लेकर अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने को लेकर प्रथम नागरिक महापौर शशांक श्रीवास्तव भी मान रहे हैं कि कहीं न कहीं चूक हुई है। अब इस पर मंथन की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चार साल से शहर में जागरुकता गतिविधियां चलाई गईं। प्रसाधन निर्माण से लेकर सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हुआ। चार हजार से अधिक प्रसाधन बने। पिछले वर्षों की तुलना में काफी सुधार है। लेकिन शहर का पढ़ा-लिखा तबका ही गंदगी फैला रहा है। व्यापारी भी सहयोग नहीं कर रहे। नगर निगम का अमला भी पैनाल्टी आदि की कार्रवाई नहीं कर पाया। अब एप सिस्टम चालू किया गया है, ताकि लोग शिकायत कर गंदगी को साफ करा सकें।

इनका कहना है
स्वच्छता का कितना बजट है, कितने कर्मचारी हैं क्या चल रहा है इस बारे में हमको कुछ नहीं पता। इस मामले में हेल्थ ऑफिसर ही कुछ बता पाएंगे। अभी हम कहीं मीटिंग में हैं कुछ नहीं बता पाएंगे।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम।