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नगर निगम की बड़ी बेपरवाही, एक साल पहले टेंडर कर होनी थी खरीदी, अधिकारियों ने नहीं दिया ध्यान

शहर में चल रहे निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और मनमानी किसी से छिपी नहीं है। कदम-कदम पर जनता परेशान है, लेकिन निगम अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंगती। निर्माण कार्यों में ही अधिकारियों की मनमानी नहीं बल्कि व्यव्स्थाओं को लेकर भी निगम अधिकारी संजीदा नहीं हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है नगर निगम का।

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कटनी

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Balmeek Pandey

Dec 06, 2019

Sanitation tax imposed arbitrarily in Katni city

Sanitation tax imposed arbitrarily in Katni city

कटनी. शहर में चल रहे निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और मनमानी किसी से छिपी नहीं है। कदम-कदम पर जनता परेशान है, लेकिन निगम अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंगती। निर्माण कार्यों में ही अधिकारियों की मनमानी नहीं बल्कि व्यव्स्थाओं को लेकर भी निगम अधिकारी संजीदा नहीं हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है नगर निगम का। जिसमें एक साल पहले शहर में व्यवस्था के लिए करोड़ों रुपये की मशीनरी आदि की खरीदी होनी थी, लेकिन अबतक प्रक्रिया पूर्ण नहीं कराई गई। नगर निगम में पदस्थ जेपी सिंह बघेल स्टोर प्रभारी, आदित्य मिश्रा स्टोर कीपर सहित दो अन्य अधिकारियों को यह व्यवस्था करनी थी, लेकिन सिवाय औपचारिकता के कुछ नहीं किया गया। अधिकारियों की इस बेपरवाही का दंश शहर की जनता झेल रही है। इस बेपरवाही में प्रभारी अधिकारियों की भी लापरवाही खुलकर सामने आई है। बताया रहा है कि अधिकारियों ने कुछ सामग्री खरीदीके लिए जेम में ऑर्डर तो किया, लेकिन फाइनेंशियल विड नहीं खोली। सप्लाई ऑर्डर हुआ और सप्लाई उपलब्ध कराने ऑर्डर भी हुआ, लेकिन सामग्री न मिलने पर न तो रिमाइंडर भेजा और ना ही नोटिस भेजा गया।

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बिजली बचाने में लापरवाही
हर माह नगर निगम के स्ट्रीट लाइट का बिल लाखों रुपये आ रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए कई माह पहले शहर को दूधिया रौशनी से प्रकाशित करने योजना बनी है। इसके लिए पूरे शहर में एलइडी बल्व व लाइट से रोशन करना था। इसके लिए 1500 एलइडी बल्व की खरीदी करना था, जो अबतक नहीं हो पाई। अधिकारियों ने बिजली सुधार के लिए विद्युत हाइड्रोलिक मशीन खरीदी जानी है, वह भी नहीं खरीदी गई। 15 कम्प्यूटर सेट सहित अन्य मशीनरी क्रय की जानी थी, जिसमें जानबूझकर देरी की गई।

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डेंगू, मलेरिया का प्रकोप, फिर भी मनमानी
शहर में मच्छरों की बढ़ी तादाता से हजारों लोग संक्रमण की चपेट में हैं। डेंगू और मलेरिया का भी खासा प्रकोप हैं। मच्छरों को मारने के लिए नगर निगम के पास फॉगिंग नहीं हैं। जो पुरानी है वह ठीक से चल नहीं रहीं। एक साल पहले मशीनें क्रय की जानीं थीं, लेकिन अभी तक अधिकारियों ने नहीं खरीदा।

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टैंकर और शौचालय में भी देरी
नगर निगम द्वारा शहर को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। यहां तक कि खुले में शौच करते पाए जाने वालों पर 50 रुपये का जुर्माना लगाएगा। ऐसे में सार्वजनिक स्थलों, आयोजनों में चलित प्रसाधन का इंतजाम करना था, इसके बाद भी वाहन के खरीदने में देरी की गई। यही हाल पानी के टैंकरों का है। शहर के अधिकांश हिस्सों में पेयजल सप्लाई नहीं हो रही। लोग पेयजल के लिए परेशान हैं। पानी के टैंकर के लिए भी टेंडर नहीं कराए गए।

इनका कहना है
इसमें प्रारंभिक तौर पर चार अधिकारियों की बेपरवाही सामने आई है। वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई की गई है। समय-सीमा अब निर्धारित कर दी गई है। शीघ्र काम न होने पर ठोस कार्रवाई होगी। शीघ्र ही सभी कार्य पूर्ण कराए जाएंगे।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम।