
आद्यौगिक क्षेत्र विकसित करने बनी थी 2018 मं योजना, पांच साल बाद भी धरातल में नहीं ले पाई मूर्त रूप
कटनी. जिले के व्यवासियों और युवा उद्यमियों को आगे बढ़ाने व बेरोजगारों को रोजगार से जोडऩे के लिए 2018 में जिला प्रशासन और उद्योग विभाग द्वारा बड़ी योजनाबनाई गई। जानकर हैरानी होगी कि पांच साल बाद भी औद्योगिक इकाई मूर्त रूप नहीं ले पाइ है। 48 साल बाद जिले में आद्यौगिक क्षेत्र के विकास की बनी योजना का सपना 53 साल बाद भी साकार होता नहीं दिख रहा। जानकारी के अनुसार यहां पर ट्रांसफार्मर लगना है। 38 लाख रुपए से ट्रांसफार्मर लगाने के लिए विद्युत विभाग द्वारा प्रस्ताव बनाया गया है। अभी तक राशि नहीं मिली है। स्ट्रीट लाइट के लिए भी अभी तक प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिली है। यहां पर बिजली न होने के कारण आगे की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। यह राशि उद्योग विभाग द्वारा एमपीआइडीसी को देना है। एमपीआइडीसी राशि विद्युत विभाग को मुहैया कराएगा, जिससे यहां पर विद्युतीकरण काम होगा। जब बिजली यहां पर आ जाएगी, तभी आगे की प्रक्रिया शुरू हो पाएगा।
यह बनी थी योजना
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर ग्राम तखला में खसरा नं. 101 में उद्योग विभाग द्वारा 19.52 हेक्टेयर रकबे में औद्योगिक क्षेत्र के विकास की योजना बनाई है। 2018 में योजना को मंजूरी भी मिल चुकी थी। स्वीकृति मिलने के बाद औद्योगिक केंद्र विकास निगम द्वारा अधोसंरचना पर कार्य भी शुरू करा दिया गया है। पहले चरण में सडक़, प्लाटिंग, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होना था, लेकिन अब बिजली की व्यवस्था न हो पाने के कारण इकाई स्थापना की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई।
प्लांट आवंटन की भी नहीं अपाई जा रही प्रक्रिया
उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को ऑनलाइन आवेदन करने के बाद जमीन एलॉट की जानी है, व्यवसायियों को जमीन में सब्सिडी भी मिलेगी। इससे पहले उद्योग विभाग द्वारा साल 1969-70 में पहली बार बरगवां में औद्योगिक इकाई की स्थापना की थी। अब इतने साल बाद दूसरी पहल को स्वीकृति मिली है। इंडस्ट्री विकास के लिए 15.42, रोड के लिए 2.48 और कमर्शियल सहित अन्य प्रयोजन के लिए 1.62 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। माधवनगर सहित शहर के अन्य हिस्सों में स्थापित राइस मिलों में संचालित राइस मिलों को कलेक्ट्रेट के पीछे फूड पार्क क्षेत्र में स्थापित करने को लेकर योजना चल रही थी, लेकिन यहां पर पानी की समस्या को लेकर व्यवसायी इकाई स्थापना में रुचि नहीं दिखा रहे थे। अब वहां भी आपत्ति आने लगी है। अब तखला-टिकरिया में राइस मिलों को शिकराए जाने पर फोकस रहेगा।
अनुदान का भी रखा गया था प्रावधान
योजना के तहत तखला-टिकरिया में उद्योग स्थापित करने वाले व्यवसायियों को अनुदान मिलना है। यहां पर सिर्फ नई इकाई लगाने वाले कारोबारी को ही अनुदान दिया जाएगा। पुरानी इकाई को शिफ्ट करने वाले व्यवसायियों को अनुदान नहीं मिलना है। नई इकाई में प्लांट मशीनरी पर सरकार 40 प्रतिशत अनुदान देगी। इसके साथ ही शहर में संचालित राइस मिलों को भी यहां पर शिफ्ट करने की कवायद चल रही है।
यह लगेंगे उद्योग
- राइस मिल
- दाल मिल
- रिफेक्ट्रीज
- प्लास्टिक वक्र्स
औद्योगिक क्षेत्र को लेकर खास-खास
- जून 2018 से शुरू होगी इकाई स्थापना के लिए शुरू होने थे आवेदन।
- पहले आओ-पहले पाओ के तहत योजना का मिलेगा लाभ।
- इकाई के लिए 100 से अधिक प्लाट कराए जाने थे तैयार, 88 ही हुए।
- अधोसंरचना विकास के लिए 1034.01 लाख किए जाने थे खर्च।
- 6 माह में होना था मूलभूत सुविधाओं पर काम, 5 साल मं अधूरा
वर्जन
तखला-टिकरिया में 88 प्लाट तैयार हो गए हैं। सडक़ आदि का निर्माण हो गया है। विद्युतीकरण के लिए ट्रांसफार्मर लगवाने 38 लाख रुपए व स्ट्रीट लाइट के लिए प्रस्ताव बना है। विभाग द्वारा राशि एमपीआइडीसी को देनी है, वहां से विद्युत विभाग को जाएगी। विद्युतीकरण के बाद प्लाट आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी।
रंजीत सिंह गौतम, सहायक प्रबंध उद्योग विभाग।
Updated on:
19 Sept 2023 09:32 pm
Published on:
19 Sept 2023 09:31 pm
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