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Video: आयुक्त की चौखट में फफक-फफकर रोने लगी 85 साल की वृद्धा, कहा बेटी की सरकारी नौकरी के बाद भी अफसरों ने ला दी भीख मांगने की नौबत

पथराई हुई आंखें, चलने-फिरने में असमर्थ, उम्र का चौथा पड़ाव, हर दिन हिम्मत न होने के बाद भी नाती को अनुकंपा नियुक्ति दिलाने के लिए नगर निगम की चौखट खटखटाने की मजबूरी...। यह नजारा था बुधवार को नगर निगम में आयुक्त कक्ष के बाहर 85 वर्षीय वृद्धा पुनिया बाई परोचे की।

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Balmeek Pandey

Jan 11, 2020

कटनी. पथराई हुई आंखें, चलने-फिरने में असमर्थ, उम्र का चौथा पड़ाव, हर दिन हिम्मत न होने के बाद भी नाती को अनुकंपा नियुक्ति दिलाने के लिए नगर निगम की चौखट खटखटाने की मजबूरी…। यह नजारा था बुधवार को नगर निगम में आयुक्त कक्ष के बाहर 85 वर्षीय वृद्धा पुनिया बाई परोचे की। डबडबाई हुई आंखों व रुंधे हुए गले से परिसर में चिल्लाती हुई महिला, सिर्फ यही कह रही थी कि कोई भी अधिकारी नहीं सुन रहे। सात साल पहले बेटी मधु को असमय खो दिया। मधु नगर निगम में इमानदारी से काम कर रही थी। इसके बाद भी नगर निगम के अधिकारी नाती अजीत को नौकरी नहीं मिल रही। नगर निगम आने पर कहते हैं भोपाल जाओ, भोपाल जाओ तो कहते हैं कि स्थापना में जाओ, स्थापना वाले कोर्ट जाने कह देते हैं। भीख मांगकर कहां तक खाएं। नौकरी न मिलने से नाती भी परेशान है। यहां-वहां से भीख मांगकर गुजारा कर रही हंू। सात साल से नगर निगम के चक्कर काट रहीं हूं। सप्ताह में चार दिन यहां पर आती हूं। एकाउंटेंड धनंजय भदौरिया द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा। पेंशन भी बंद कर दी गई है। यह समस्या चरकी बाई ने भी बताई कि बेटी पिंका चौधरी को नौकरी दिलाने तीन साल से चक्कर काट रही है।

 

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15 परिवार कई साल से परेशान
व्यक्ति की मौत के गम के साथ जिदंगी की जद्दोजहद बढऩे के साथ भरण-पोषण की समस्या कटनी शहर में 15 परिवार जूझ रहा है। कोई सात साल से तो कोई पांच तो कोई तीन साल से हर दूसरे दिन नगर निगम की चौखट खटखटा रहा है। लेकिन न तो अधिकारी पसीज रहे और ना ही आयुक्त। पिछले कई सालों से नगर निगम का चक्कर काटने वाले परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति के नाम पर सिवाय आश्वासन के कुछ भी हाथ नहीं लग रहा। इस पूरे मामले को लेकर नगर निगम के अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं। नगर निगम में बुधवार को चरकी बाई पहुंची और डबडबाईं आंखों से कहां कि 2017 में वह पति को खो चुकी है। बेटी को अनुकम्पा नियुक्ति दिलाने हर दूसरे दिन नगर निगम आती है, लेकिन कोई भी ध्यान नहीं दे रहा।

 

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अपने-अपने दे रहे तर्क
बता दें कि कई माह पूर्व उपायुक्त अशफाक परवेज की अध्यक्षता, स्थापना, सहायक आयुक्त संध्या सरयाम, अजाक्स प्रतिनिधि, पारशनाथ प्रजापति सहित दो अन्य लोगों की छानबीन कमेटी बनी। इसमें समस्या का समाधान निकालना था। आयुक्त द्वारा कई बार निर्देश देने के बाद भी कई बैठक काफी दिनों बाद हुई। इसमें एक अधिकारी नहीं पहुंचे। पुन: बैठक बुलाई गई। छानबीन समिति की दिन पहले 15 हुई बैठक में निर्णय के बाद भी अनुकंपा नियुक्ति देने पहल नहीं की गई। बता दें कि दो मामलों में ढाई माह पहले हाइकोर्ट ने आदेश दिया था कि सात दिवस के अंदर निराकरण करें, लेकिन नगर निगम अभी तक नहीं कर पाया।

 

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आवेदक मृतक नियुक्ति का आवेदन
धर्मदास वंशकार छोटेलाल 27/7/2015
अजित परोचे मधु परोचे 20/11/2015
लखन वंशकार मनोज 27/01/2016
मानू कोल मुन्ना 24/06/2017
नानायण सिंह दुलारी बाई 11/05/2018
राजेंद्र वंशकार मैकूलाल 11/05/2018
ज्ञानेश्वर पिल्लई शारदाराव 06/06/2018
सोहनलाल बर्मन शिवप्रसाद 28/10/2018
संजू श्रीवास्तव आशा 19/11/2018
अंबिकेश तिवारी कैलाशचंद 02/01/2019
पिंकी चौधरी हेतराम 13/06/2019
लाला चौधरी गिन्ना 10/07/2019
दीपक रैकवार उमाशंकर 09/10/2019
निखिल वंशकार पवन/नंदा 16/10/2019
अमित पराशर प्रतिभा 06/07/2013
रोहित गर्ग शिवराम 05/06/2013


इनका कहना है
कटनी नगर निगम में पद अभी नहीं हैं। इसके लिए शासन से मार्गदर्शन मांगा गया है, जैसे ही मार्गदर्शन मिलता है आगे की कार्रवाई की जाएगी। पेंशन क्यों नहीं मिल रही इन मामलों को दिखवाया जाएगा।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम।