
poisonous drugs - medicine became poison
कटनी. फार्मा एडवाइजरी फोरम ने संयुक्त रूप से हर जिले में आम जनता को वाजिब दाम पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध करवाने के लिए औषधि कैंपेन शुरू किया है। यह दवाएं प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र में मिलनी हैं। इस योजना के तहत शहर में भी दुकानें खोली जानी हैं। कई माह का समय बीत जाने के बाद भी एक भी दुकान नहीं खुल पाई। अबतक जन औषधि केंद्र न खुलने की मुख्य वजह शहर में दुकानों का न मिल पाना बताया जा रहा है। जन अभियान परिषद द्वारा इस संबंध में एक माह पहले सीएमएचओ को पत्राचार किया किया गया है, लेकिन अबतक न तो पत्र का जवाब मिला और ना ही दुकान की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई।
जानकारी के अनुसार इसके लिए 22 लोगों ने आवेदन किया था। 10 लोगों के आवेदन स्वीकृत हो गए हैं। इनमें से सत्यापन के बाद 8 लोगों को केंद्र खोलने के लिए विभाग द्वारा लायसेंस जारी कर दिए गए हैं। इसमें अर्जुन दास पटेल, नारायण दत्त पटेल, नीलेश विश्वकर्मा, प्रसून अग्रवाल, सनद हल्दकार, शुभांशु विश्वकर्मा, मोहम्मद अलीम और श्रुति नायक के लायसेंस भी विभाग से जारी हो गए हैं। बता दें कि केंद्र जिले के कटनी, बड़वारा, ढीमरखेड़ा, रीठी, बहोरीबंद और ढीमरखेड़ा ब्लॉक में भी खुलेंगे। बी फॉर्मा और डी फॉर्मा डिग्री धारियों द्वारा 3100 रुपए फीस जमा करने और ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के बाद लायसेंस जारी कर दिए गए हैं। ब्यूरो ऑफ फार्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया (बीपीपीआइ) द्वारा लायसेंस धारियों को दुकान खोलने के लिए प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अभी तक मूर्त रूप नहीं ले पाई।
इनका कहना है
कटनी शहर में 20 से अधिक लोगों ने जन औषधि केंद्र खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। इनमें से 8 को लाइसेंस भी मिल चुका है। दुकान न मिल पाने के कारण केंद्र नहीं खुल पा रहे। सीएमएचओ को एक माह पहले केंद्र के लिए दुकान उपलब्ध कराने पत्र लिखा गया है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला।
आनंद पांडे, जन अभियान परिषद।
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दुकान आवंटन के लिए हमें कोई पत्र नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग के पास दुकान हैं भी नहीं तो जन औषधि केंद्र खोले जाने के लिए दी जा सकें। जन अभियान परिषद द्वारा मौखिक चर्चा की गई थी, जिसमें उन्हें उसी समय बता दिया गया था।
डॉ. एसके निगम, सीएमएचओ।
Published on:
04 Sept 2018 12:21 pm
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