
पड़ोसी जिला उमरिया पुलिस की कार्रवाई के बाद गिरफ्त में आया कटनी माधवनगर का मेडिकल स्टोर संचालक का पुत्र
कटनी. माधवनगर में जीवन ज्योति मेडिकल स्टोर संचालक के पुत्र सहित दो आरोपियों को उमरिया पुलिस ने नशीली दवा कारोबार के आरोप में रविवार को गिरफ्तार किया। उमरिया पुलिस की इस कार्रवाई के बाद कटनी एक बार फिर नशीली दवा कारोबार को लेकर सुर्खियों में है। पहले भी नशीली दवाओं का गढ़ रहा है कटनी। अब भी यहां मेडिकल स्टोर से लेकर जनरल स्टोर और किराने की दुकान में नशीली दवाएं खुलेआम बिक रही है। आसानी से उपलब्ध है। युवा वर्ग इसकी चपेट में आ रहा है। सैकड़ों परिवारों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। नशीली दवाओं का कारोबार कटनी शहर के अलग-अलग दुकानों से संचालित होकर अब पड़ोसी जिलों तक फैल गया है।
आसपास जिलों में ऐसी दवाओं को पहुंचाने के लिए एजेंट नियुक्त हैं। कब कितनी मात्रा में कहां दवाएं छोडऩी है। सब पहले से फिक्स रहता है। आसपास के एक दर्जन से ज्यादा जिलों में गांव-गांव तक फैले नेटवर्क में बीते कई सालों से यह अवैध कारोबार फल फूल रहा है। इन मामलों में पुलिस ने कार्रवाई भी की है। पुलिस की छोटे दुकानदारों और छुट-पुट कार्रवाई से नशीली दवा माफिया बेखौफ हैं।
उमरिया पुलिस ने रविवार को माधवनगर तांगा स्टैंड में जीवन ज्योति मेडिकल स्टोर के विनय बीरवानी पिता दिलीप बीरवानी नशीली दवा कारोबार के आरोप में गिरफ्तार किया। उसने आरोपी रमाकांत को यहां से भारी मात्रा में नशीली दवा दी थी। रमाकांत को नशीली दवा की डिलेवरी उमरिया जिले के करकेली स्थित हरिओम मेडिकल स्टोर में करनी थी। पुलिस ने रमांकात को चंदिया के पास पकड़ा और निशानदेही पर अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।
दो माह पहले भी कटनी शहर में गल्र्स कॉलेज के सामने हाउस द बुक शॅापी नाम से कॉपी-किताब की दुकान चलाने वाले रामदास नवासी किताबों की आड़ में नशीली दवा का कारोबार करते पकड़ाया। कोतवाली पुलिस ने 2 फरवरी 2019 को नशीली दवाओं का इंजेक्शन और कोरेक्स सीरप सहित अन्य दवाएं जब्त की।
बीते कुछ सालों के दौरान सामने आए मामलों पर गौर करें तो चार साल पहले जून 2015 में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के जरहाभाटा में जोगनी बाई पति छन्नू सतनामी, नज्जू खान व राजा चौहान के घर से नाइट्रस टेबलेट, रेक्सोजेसिक इंजेक्शन, एविल इंजेक्शन सहित अन्य नशीली दवा जब्त की थी। पूछताछ में आरोपियों ने कटनी दवा लाना कबूल किया था।
24- 25 अप्रैल 2015 की दरम्यानी रात पुलिस ने ट्रक क्रमांक डब्ल्यूबी 23 बी 8591 पकड़ा। इसमें फेंसीड्रिल कफ सीरप गर्ग चौराहा स्थित आइसीएमएस के फ्रेंचाइजी ट्रांसपोर्ट से ट्रक में भरकर पश्चिम बंगाल भेजा जा रहा था। बिल्टी चूना सप्लाई की थी। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अलग-अलग चरणों में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा कहते हैं कि कटनी में नशीली दवा के कारोबार को लेकर सभी थाना प्रभारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक तीन दिन में इसका फॉलोअप लेंगे। किसी भी थाना प्रभारी ने लापरवाही बरती तो संबंधित पर कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
Published on:
10 Apr 2019 09:31 am
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