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इस खास पहल में अम्लीयता-छारीयता, विद्युत चालकता, जैविक कार्बन से रुबरु हुए स्टूडेंट

शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय कटनी में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजनान्तर्गत विद्यार्थियों को जैविक कृषि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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कटनी

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Balmeek Pandey

Mar 07, 2020

Organic agriculture training being students at Tilak Collage

Organic agriculture training being students at Tilak Collage

कटनी. शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय कटनी में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजनान्तर्गत विद्यार्थियों को जैविक कृषि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जैविक कृषि पाठशाला नैगवां के संचालक रामसुख दुबे द्वारा स्वरोजगार एवं स्वाववलंबन के लिए विद्यार्थियों को जैविक खेती का प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण के क्रम में अम्लीयता, छारीयता विद्युत चालकता, जैविक कार्बन, नाइट्रोजन, स्फुर, पोटाश आदि की जानकारी दी गई। मिट्टी परीक्षण परिणाम पत्रक में दी गई सिफारिश के अनुसार फसलों में खाद के प्रयोग की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के क्रम में खेत से मिट्टी नमूना लेने का प्रायोगिक प्रदर्शन किया गया। जिससे पीएच कम लागत तकनीकी के अंतर्गत भूमि में उर्वरता बनाये रखने के लिए पोषक तत्वों की उपलब्धता बनाये रखने के लिए जैव उर्वरकों कल्चर का उपयोग करने से उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि होती है।

नाइट्रोजन स्थिरीकरण के लिए दलहनी फसलों में राइजोबियम गैर दलहनी फसलों में एजेक्टोबेक्टर, एजोस्पिरिलियम, सभी फसलों के लिए स्फूर घोलक कल्चर पीएसवी का प्रयोग करते हैं। इनका उपयोग बीजोपचार, पौध, जड़, कंद, भूमिउपचार में करते हैं। यदि भूमि अम्लीय है तो बुझा चूना तथा छारीय है तो जिप्सम का उपयोग करने की जानकारी दी गई।