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पत्रिका अमृतम जलम: श्रमदानियों ने बहाया पसीना, निखर उठा बाबा घाट, देखें वीडियो

पत्रिका अमृतम जलम सफाई अभियान में जुटे हजारों भागीरथी, स्वच्छता के बाद लिया जल संरक्षण का संकल्प

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कटनी

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Balmeek Pandey

May 14, 2018

Patrika Amritam Jalam, cleanliness Simraul Nadi in Baba Ghat katni

Patrika Amritam Jalam, cleanliness Simraul Nadi in Baba Ghat katni

कटनी. मंत्रों की गूंजतीं स्वर लहरियां...., बज रहे ढोल, पुण्य सलिला, पापमोचनी के दाम को साफ करने की चेहरे में ललक, कोई फावड़ा पकड़कर मलबा निकाल रहा, कोई तसले में भरी गंदगी फेंकने में जुटा, तो कोई नदी के भीतर घुसकर कचरा, पन्नी, पूजन सामग्री बाहर कर रहा था। यह नजारा था रविवार को लाखों लोगों की आस्था का केंद्र बाबा घाट का। यहां पर पत्रिका के अमृतम जलम अभियान में भाग लेने लोगों की भीड़ उमड़ी। स्वप्रेरित होकर अभियान में शामिल होने पहुंचे लोगों ने घंटों नदी की सफाई की। उत्साह के साथ किए गए श्रमदान से नदी के भीतर की गंदगी, कचरा, का बाहर ढेर लग गया। जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, समाजसेवी, मातृशक्ति, विद्यार्थी ने श्रम की बूंदों से घाट को संवारा। सफाई के बाद से न सिर्फ नदी घाट साफ दिखने लगे बल्कि जल भी निर्मल नजर आया। श्रमदान से बाबा घाट निखर उठा।

नहीं करेंगे गंदगी, दूसरों को देंगे प्रेरणा
नदी की सफाई के लिए पहुंचे विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं, व पदाधिकारियों-सदस्यों सहित अन्य जनों ने नदी की सफाई के साथ ही गंदगी न करने व जल संरक्षण की शपथ ली। महापौर ने सभी को संकल्प दिलाया। सभी ने संकल्प लिया कि जल संरक्षण के लिए दूसरों को प्रेरित करने का काम भी करेंगे।

ये भागीरथी हुए शामिल
पत्रिका अमृतम जलम में महापौर शशांक श्रीवास्तव, नगर निगम अध्यक्ष संतोष शुक्ला, कलेक्टर केवीएस चौधरी, जिला पंचायत सीइओ फ्रेंक नोबल, एसपी अतुल सिंह, सीएस डॉ. एसके शर्मा, पार्षद मनोज गुप्ता, मीना बघेल, शिल्पी सोनी, राजा जगवानी, गुप्तेश्वर साहू, उमा ए साहू, रेखा अंजू तिवारी, महिला अध्यक्ष ब्राम्हण समाज कल्पना दुबे, पीके महार, शैलेंद्र जैन, प्रो. एसबी भारद्वाज, डॉ. रुकमणि प्रताप, डॉ. यशवंत वर्मा, ललित तिवारी, रामनरेश जायसवाल, सुशील यादव, वीएस चौहान, मार्तंड सिंह, भारत, अन्नू, रवि, विनोद, ईश्वरदीन, मुन्ना, आकाश तिवारी, ऋषभ मिश्रा, अमन जायसवाल, शिवम मिश्रा, मनीष केवट, सौरभ शुक्ला, आदेश सिंह, नागेशचंद्र बैस, आनंद जयहिंद, समाजसेवी नीरा सेठिया, सुजीत द्विवेदी, उमेश चौहान, ओमी सक्तेल, अरविंद महावर, दीप सरफारी, विनय हितगेल, एडवोकेट शैलेंद्र जैन, लीलाधर जाटव, कृष्णा सेठिया, साक्षी गोपाल साहू, डब्बू रजक, सोनेलाल कोल, लक्ष्मीकांत गर्ग, शायरा बानो, स्वर्णलता जोसफ, सौरभ बाथरे, अमन कुशवाहा, सौरभ गोस्वामी, रोहित कटियार, अंजली सिंह, तेजभान, सुरेश, राघवेंद्र खरे, पवन माली, रिशु बाथरे, दीपक, यश सहित सैकड़ों की संख्या में जलमिश्र शामिल रहे।

ये संस्थाएं बनीं अमृतम जलम की साक्षी
पत्रिका के अमृतम जलम अभियान के तहत नदी सफाई अभियान एक दर्जन से अधिक समाजसेवी संगठन के सदस्यों ने श्रम की बूंदों से सिमरौल नदी के बाबाघाट को संवारा। इसमें माधवनगर विकास संघर्ष समिति, अजाक्स संघ, अजाक विकास संघ, सर्वधर्म जन सेवा समिति, जायंट्स ग्रुप कटनी सहेली, उपभोक्ता उत्थान संगठन, महिला शक्ति बाल विकास, वरिष्ठ नागरिक मंच, राष्ट्रीय रोजगार सेवा योजना, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, राज्य कर्मचारी संघ, गायत्री ज्ञान योग परिषद, स्काउड गाइट दल, एनएसएस, जिला अस्पताल कर्मचारी संघ सहित अन्य संगठन पुण्य के साक्षी बने।

श्रमदान के लिए लगी लंबी कतार
वहीं घाट से मिट्टी, कचरा आदि निकालने के लिए श्रमदानियों की लंबी कतार लगी रही। फावड़े से मिट्टी व कचरे को एकत्रित किया जा रहा था और यह कचरा तगाडिय़ों के जरिए कतार में लगे श्रमदानियों के हाथों से होता हुआ इन्हें घाट के बाहर एकत्रित किया जाता रहा। इस कतार में वृद्ध, युवा, बच्चे सभी वर्ग के लोग शामिल रहे और सभी अपने-अपने स्तर पर घाट की सफाई में जुटे रहे।

वर्जन
नदी, तालाब, पोखारों, बावडिय़ों सहित अन्य जल स्त्रोतों को संवारने, लोगों में पत्रिका प्रयास अनूठा है।
शशांक श्रीवास्तव, महापौर।
जल संरक्षण और जलस्त्रोतों के अस्तित्व को बचाने के लिए पत्रिका का यह अभियान सराहनीय है।
केवीएस चौधरी, कलेक्टर।
जल संरक्षण की दिशा में पत्रिका का यह अभियान सराहनीय यह जनजागरुकता के लिए मिसाल बनेगा।
अतुल सिंह, एसपी।
नगर अपना है। नदी-तालाब अपने हैं। इसकी स्वच्छता में सभी हाथ बटाएं। पत्रिका की पहल अनुकरणीय है।
संतोष शुक्ला, नगर निगम अध्यक्ष।
अमृतम जलम अभियान सराहनीय है। इससे पूर्व भी पत्रिका ने इस अभियान के जरिए लोगों में बढिय़ा संदेश दिया है।
फे्रंक नोबल ए, जिला पंचायत सीइओ।
पत्रिका ने हमेशा ही जन जागरुकता का काम किया है। जल संरक्षण की मुहिम से नदी साफ हुई है।
पीके महार, मलेरिया इंस्पेक्टर।
जलसंरक्षण के लिए नई पीढ़ी को पीजा, बर्गर से नहीं बल्कि पोखर-बावडिय़ों की याद दिलाना होगी।
प्रीति सेन, समाजसेवी।
पत्रिका समाचार पत्र हमेशा सामाजिक सरोकार से जुड़ा रहा है। नदी सफाई में भूमिका महत्वपूर्ण है।
राजा जगवानी, कांग्रेस महामंत्री।
जल नहीं तो कल नहीं यह नारा तो लोग जानते हैं, लेकिन पत्रिका इसका एहसास करा रही है।
ऋषभ मिश्रा, छात्र नेता।
जल के बिना जीवन की कल्पना मिथ्या है। पत्रिका ने जल संरक्षण की दिशा में जो बिगुल फूंका है वह जनहित में कारगर साबित होगा।
डॉ. रुकमणि प्रताप सिंह, तिलक कॉलेज।
लोगों को जल स्त्रोतों का महत्व समझना होगा। नदी, तालाब सहित प्रकृति की रक्षा करनी होगी। तभी सुखद जीवन संभव है।
संजय जैन, एडवोकेट।
पत्रिका द्वारा चलाया जा रहा अमृतम जलम अभियान जल संरक्षण, नदियों की स्वच्छता का महामंत्र फूंकता है।
सरमन तिवारी, शिक्षक।
बाबा घाट शहर के लोगों के लिए प्रमुख आस्था का केंद्र है। यहां पर गंदगी बजबजा रही थी।
शायरा बानो, स्काउड गाइड।
जल, जंगल और जल स्त्रोत बचेंगे तभी हम इस जहां में सांसें ले सकेंगे। पत्रिका ने लोगों को जगाने का अभियान छेड़ा है।
शैलेष मिश्रा, टीआई कोतवाली।
नदियां हमारी मां हैं और मां की सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है कि उन्हें सुरक्षित रखें।
सुशील यादव, स्वास्थ्य कर्मी।
हमेशा से पत्रिका ने एक सजग प्रहरी का काम किया है। जल संरक्षण को लेकर चला अभियान गजब रहा।
सुजीत द्विवेदी, एडवोकेट।
जिस तरह से पत्रिका ने जल संरक्षण को लेकर अलख जगाई है वैसे हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है कि तालाबों में गंदगी न करें।
स्वर्णलता जोसफ, स्काउड गाइड।
पत्रिका के अभियान के बाद से घाट में पूजन सामग्री का विसर्जन काफी कम हुआ है। पहल सराहनीय है।
सतीश मिश्रा पुजारी बाबाघाट हनुमानमंदिर
बाबाघाट को पत्रिका ने इस अभियान से संवार दिया है। यह अनुकरणीय प्रयास रहा।
डॉ. यशवंत वर्मा, जिला अस्पताल।
सफाई और जल संरक्षण में ही समृद्धि निहित है। पत्रिका ने इस अभियान से शहर को जगाया है।
आकाश तिवारी, समाजसेवी।
पत्रिका का हर सोपना समाज को नेक संदेश देता है। जल संरक्षण के इस अभियान से नदी घाट स्वच्छ हुआ है।
रेखा अंजू तिवारी, समाजसेवी
बाबा घाट में एकादशी, छठ पर्व, हनुमान जयंती त्योहार मनाए जाते हैं। इसलिए इस घाट का निर्मल रहना आवश्यक है।
डब्बू रजक, पार्षद।
पत्रिका ने जो बिगुल फूंका है वह समाज को नई दिशा देगा। नदियां साफ होंगी, जल संरक्षित होगा।
हेमा शर्मा, समाजसेवी।
जन जागरुकता से ही नदियों और तालाबों को संरक्षित किया जा सकता है। पत्रिका ने इसके लिए आवाज दी है।
ललित मिश्रा, स्काउट गाइड।
पत्रिका के इस अभियान में जन कारवां को देखने के बाद सफाई का और भी उत्साह बढ़ गया था।
मंजूषा गौतम, अधिवक्ता।
जल और जल स्त्रोतों की जिस तरह से पत्रिका ने चिंता की है, समाज के हर नागरिक को करना चाहिए।
मीना सिंह, अधिवक्ता।
नदी को संवारने के लिए पत्रिका की मुहिम अनुकरणीय रहीं। हर व्यक्ति को इस महायज्ञ का साक्षी बनना होगा।
नीरा सेठिया, समाजसेवी।