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Video: इस शहर में बिल्डर्स से परेशान लोगों ने कर दिया सामूहिक चुनाव बहिष्कार का एलान

निर्वाचन का सामूहिक बहिष्कार: दद्दाधाम के वाशिंदों ने काला फीता बांधकर किया प्रदर्शनहथकड़ी-बेडिय़ों से जकडकऱ चले पूर्व जिला पंचायत सदस्य, सात दिन की रखी मियाद, आमरण अनशन की दी चेतावनीबिजली, पानी, सडक़ सहित कॉलोनाइजर पर कार्रवाई करने रखी मांग

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कटनी

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Balmeek Pandey

Sep 15, 2023

Video: इस शहर में लोगों ने कर दिया सामूहिक चुनाव बहिष्कार

Video: इस शहर में लोगों ने कर दिया सामूहिक चुनाव बहिष्कार

कटनी. जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट से कुछ दूरी पर स्थित दद्दाधाम कॉलोनी के वाशिंदे मूलभूत सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन जीने को विवश हैं। शहर से लगी कॉलोनी ग्राम पंचायत कछगवां देवरी में आने की वजह से यहां के रहवासी मूलभूत सुविधआों से वंचित हैं। कॉलोनाइजर ने मुंहमांगी रकम लेकर लोगों को बेहतर व्यवस्था के सब्जबाग दिखाकर भूखंड बेचे, लेकिन कॉलोनी में बिजली, पानी व सडक़ की व्यवस्था नहीं की, जिससे यहां के रहवासियों में एक बार फिर आक्रोश भडक़ उठा है। कई बार जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के समक्ष सुविधा विस्तार की मांग रख चुके हैं, लेकिन रहवासियों को सिवाय आश्वासन के कुछ भी हाथ नहीं लगा है। जिम्मेदारों के द्वारा मूलभूत सुविधाओं पर काम ना कराने, कॉलोनाइजर आलोक गोयनका पर कार्रवाई नहीं करने आदि से जिससे परेशान होकर के बुधवार को कॉलोनी के रहवासियों ने काली पट्टी बांधकर शहर में विरोध प्रदर्शन करते हुए रैली निकाली। आगामी निर्वाचन के सामूहिक बहिष्कार की घोषणा की। रहवासी हाथों पर काली पट्टी बांधे हुए सामूहिक निर्वाचन बहिष्कार करने की नारेबाजी करते हुए पूरे शहर में चले। बिल्डर पर कार्रवाई नहीं तो वोट नहीं का संदेश दिया। मिशन चौक से थाना तिराहा, सुभाष चौक, मोहन टॉकीज रोड होते हुए कचहरी चौक से एसडीएम कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि सात दिवस के अंदर समस्या हल नहीं हुई तो आमरण अनशन करेंगे।

अनूठे अंदाज में प्रदर्शन
इस प्रदर्शन के दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. एके खान अनूठे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। हाथों हथकड़ी, गले से लेकर पैर तक बेडी डालकर चले और विरोध जताया। जिम्मेदारों से शीघ्र मांग पूरी करने कहा। लोगों ने कहा कि जब मूलभूत सुविधाओं के बारे में बिल्डर से बात की गई तो कोई ध्यान नहीं दिया गया। लोगों ने कहा कि कलेक्टर ने संयुक्त जांच दल गठित किया था। इसमें एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी व सरपंच-सचिव की उपस्थिति में बताया गया कि पंचायत को कॉलोनी हस्तांतरित नहीं की गई। प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया है। मूलभूत सुविधाएं प्राप्त नहीं हो रही हैं। पूरी सडक़ें गड्ढे में तब्दील हो गई हैं। कॉलोनी को अवैध बताकर शासकीय योजनाओं का भी लाभ नहीं दिया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान आशीष पाठक, राजीव पराशर, श्यामसुंदर पांडेय, अनमोल पाठक, विजय गोखरू, नीरज त्रिपाठी, हरीशंकर शुक्ला, सुनील मिश्रा, राजा जगवानी, शेखर सिंह, पंचम, एलएल परौहा, रश्मि पाठक, कशिश बालानी, अर्चना सिन्हा, विभा गोखरू, भारती चौधरी, ललिता पाठक, आदि मौजूद रहीं।

कॉलोनी को लेकर फैक्ट फाइल
- 2004 में कृपा बिल्डकॉन ने 72 एकड़ में कॉलोनी बनी थी, कॉलोनाइजर आलोक गोयनका पर बंधक प्लाट बेचने के हैं आरोप।
- इडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित जमीन में बनने थे 300 मकान, सिर्फ बनाए गए 10, उनको भी बेच दिया गया।
- स्कूल, पार्क की जमीन को भी बेच देने का लगा है आरोप, सडक़ बेचे जाने का भी रहवासियों ने लगाया आरोपी।
- कॉलोनाइजर की मनमानी पर 2022 में हुई थी जांच, 18 पेज की जांच रिपोर्ट भी बनी थी, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की गई।
- नक्शों में भिन्नता है, 2008 में पूर्णतय प्रमाणपत्र फर्जी तरीके से बनवा लेने का लगाया है आरोप।
- कॉमर्शियल कॉम्पलैक्स की भूमि को रहवासी क्षेत्र में बेच दिया गया है, सीवर लाइन, सीवर टैंक और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की भी व्यवस्था नहीं है।
- रहवासियों का आरोप, प्रथम दृष्टया कलेक्टर ने कॉलोनाइजर को पाया था दोषी, लेकिन आजतक नहीं की कोई कार्रवाई।
- 27 अक्टूबर को कलेक्टर ने गड़बड़ी पाए जाने पर आलोक गोयनका को जारी किया था नोटिस, 14 नवंबर को किया गया था जवाब तलब।

वोट के लिए कई किमी का सफर
लोगों ने बताया कि यहां पर सुविधाएं नहीं हैं। नाली, पानी, बिजली सडक़ आदि की सुविधा नहीं मिल रही। बिजली की भी समस्या, स्कूल, राशन नहीं मिल रहा। वोट के लिए कई किलोमीटर दूर देवरी जाना पड़ता है। लोगों ने चेताया है कि यदि 7 दिवस के अंदर समस्या का समाधान नहीं किया जाता तो आमरण अनशन किया जाएगा और चुनाव का पूरी तरह से बहिष्कार किया जाएगा। जांच दल ने पाया है कि बिल्डर द्वारा स्वीकृत नक्शे के विरुद्ध दूसरा नक्शा बनाकर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बंधक प्लाटों को भी बेच दिया गया है। राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

बहनें सुन रहीं दुखड़ा
विरोध प्रदर्शन के दौरान दद्दाधाम की महिलाओं ने कहा कि वे सीएम की बहनें हैं, अपना दुख लेकर यहां पहुंची हैं। मूलभूत सुविधाओं का वादा पूरा किया जाए। महिलाओं ने कहा कि सुनवाई नहीं तो चुनाव का बहिष्कार करेंगे और अनशन करेंगे।