
People can not find water
कटनी. ढीमरखेड़ा तहसील के देवरी बिछिया गांव में लोगों की सुविधा के लिए देवरी बिछिया गांव में तालाब किनारे बोरिंग कराई गई है। जिसके लिए मशीन भी आ गई है लेकिन आज तक उसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि गांव में पानी के संकट को लेकर तालाब के किनारे बोरिंग पंचायत द्वारा कराई गई है। तालाब के सूखने से गांव के मवेशियों को भी पानी पीने का संकट आ गया है। बोरिंग कराने का उद्देश्य था कि मशीन लगने के बाद तालाब में भी पानी भरा जा सके, जिससे मवेशियों को भी पानी उपलब्ध हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि १५ दिन से अधिक समय बीत गया है और ग्राम पंचायत उस ओर ध्यान नहीं दे रही है। अल्प वर्षा के कारण पहले ही ढीमरखेड़ा क्षेत्र में इस साल नदी-नाले सूख गए हैं और हैंडपम्पों का जलस्तर भी काफी नीचे चला गया है, जिसके चलते लोगों को गर्मी की शुरुआत के साथ पानी के संकट से जूझना पड़ रहा है।
चंदा जोड़कर करा लें काम
वहीं मामले को लेकर पूर्व सरपंच जयकरण पटेल सहित अन्य जनों का आरोप है कि बोरिंग से सप्लाई प्रारंभ कराने जब वर्तमान सरपंच से बात की तो उन्होंने पंचायत के पास व्यवस्था न होने और उल्टे गांववालों से चंदा करके कनेक्शन कराने की बात कही। स्थानीय निवासी अनंत दुबे, विनय त्रिपाठी, गजेन्द्र रजक, ताराचंद यादव, श्रीलाल यादव, रामहेत पटेल, नरेश पटेल, हीरालाल पटेल, कबीर, शिवराम पटेल, मिलन पटेल, हरभजन दुबे, अखिलेश पटेल सहित अन्य जनों ने कलेक्टर से बोरिंग से सप्लाई प्रारंभ कराए जाने की मांग की है।
इनका कहना है...
पीएचई ने बोरिंग कराई है और उसके बाद जो मशीन आई है, वह छोटी है। इसके चलते सप्लाई प्रारंभ नहीं हो पा रही है। ग्रामीण मिलने आए थे लेकिन उनके द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। मेरे द्वारा इस तरह की कोई बात नहीं कही गई है।
शिवसहाय मांझी, सरपंच, ग्राम पंचायत देवरी बिछिया
Published on:
23 Apr 2018 11:51 am
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