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दुस्साहस: नकली माइनिंग अफसर बनकर रोके ट्रक, बिना टीपी-ओवरलोड बताकर कर रहे थे अवैध वसूली

रेत और गिट्टी कारोबारियों से अवैध वसूली के दुस्साहस का बड़ा मामला सामने आया है। गर्ग चौराहे पर ट्रकों को रोककर मांगे 35 हजार रुपए, खुद को पुलिसकर्मी बताकर दी कार्रवाई की धमकी

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कटनी

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Balmeek Pandey

Apr 23, 2026

फर्जी दस्तावेजों से ऑटो के नंबर पर कार रजिस्टर्ड, फोटो मेटा एआइ

फर्जी दस्तावेजों से ऑटो के नंबर पर कार रजिस्टर्ड, फोटो मेटा एआइ

कटनी। शहर में रेत और गिट्टी कारोबारियों से अवैध वसूली के दुस्साहस का बड़ा मामला सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत गर्ग चौराहे पर कुछ युवकों द्वारा खुद को माइनिंग विभाग का अधिकारी और पुलिसकर्मी बताकर वाहनों को रोकने तथा रुपए मांगने का आरोप लगा है। मामले में रेत कारोबारी ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार रेत कारोबारी गिरीश बड़गैंया ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि रविवार देर रात करीब 12:30 बजे उनका 10 चक्का हाइवा वाहन क्रमांक एमपी 16 एएच 1230 रेत भरकर कटनी पहुंचा था। जैसे ही वाहन गर्ग चौराहे के पास पहुंचा, वहां मौजूद कुछ युवकों ने ट्रक को रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने चालक से खुद को माइनिंग विभाग का अधिकारी बताते हुए ओवरलोडिंग और बिल्टी जांच के नाम पर पूछताछ शुरू कर दी।

डराने का कर रहे थे प्रयास

कारोबारी के अनुसार आरोपियों ने वाहन चालक को डराते हुए कहा कि वाहन में गड़बड़ी मिलने पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद कथित तौर पर आरोपियों ने मामला रफा-दफा करने के बदले 35 हजार रुपए की मांग की। जब चालक ने रुपए देने से इनकार किया तो आरोपियों ने वाहन को जबरन रोक लिया और थाने ले जाने की धमकी देने लगे। सूचना मिलने पर कारोबारी गिरीश बड़गैंया मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद तीन से चार युवकों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौज करते हुए वाहन जब्त करने की धमकी दी। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि एक युवक ने अपना नाम अंकुश शुक्ला बताया और खुद को कोतवाली थाना का सिपाही बताया। आरोप है कि उसने वाहन को थाने ले जाने की कोशिश भी की। बाद में समझाइश और रुपए देने का आश्वासन मिलने पर वाहन को छोड़ा गया।

माइनिंग अफसर से संपर्क में हुआ खुलासा

कारोबारी का कहना है कि घटना के बाद उन्हें पूरे मामले पर संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने माइनिंग विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। वहां से जानकारी मिली कि धर्मेंद्र कुमार जैन, राहुल गुप्ता और जितेंद्र बर्मन नाम के लोग विभाग से जुड़े अधिकारी या कर्मचारी नहीं हैं। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि कुछ लोग फर्जी अधिकारी बनकर वसूली का नेटवर्क चला रहे हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी केवल एक वाहन ही नहीं, बल्कि क्षेत्र से गुजरने वाले कई रेत और गिट्टी से भरे वाहनों को रोककर जांच के नाम पर अवैध वसूली का प्रयास कर रहे थे। कारोबारी ने बताया कि घटना के बाद भी उन्हें अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर धमकियां दी गईं और गाली-गलौज की गई। शिकायत में जिन मोबाइल नंबरों का उल्लेख किया गया है, उनमें 9981791929 और 7566428568 शामिल हैं।

दहशत का है माहौल

इस घटना के सामने आने के बाद शहर के रेत और गिट्टी कारोबारियों में दहशत का माहौल है। कारोबारियों का कहना है कि यदि फर्जी अधिकारी बनकर इस तरह खुलेआम वसूली की घटनाएं हो रही हैं तो यह कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कराई जा रही है जांच

मामले को लेकर कोतवाली थाना प्रभारी राखी पांडेय ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। प्रारंभिक जांच में इस तरह की तीन से चार घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस मोबाइल नंबरों की लोकेशन और संदिग्ध कार के नंबर के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।