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सूदखोरों का जाल, ब्याज कर्जदारों के लिए बन रहा मौत का फंदा…

एनकेजे क्षेत्र में कई कर्मचारियों को बना रखा है निशाना, एटीएम, पासबुक तक रख लेते हैं अपने पास

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कटनी

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Mukesh Tiwari

Jan 16, 2020

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मुकेश तिवारी -

कटनी. सूदखोरी का जाल उपनगरीय क्षेत्र एनकेजे के रेलवे कर्मचारियों के बीच बिछा है। शहर सहित स्थानीय आधा दर्जन के लगभग सूदखोर रेलवे कर्मचारियों का वर्षों से खून चूस रहे हैं। उनके डर से कर्मचारी शिकायत नहीं कर पाते हैं और उसका फायदा उठाकर लोगों से दस गुनी तक राशि वसूली जा रही है। रेलवे कर्मचारियों से पैसे वसूलने सूदखोर उनका एटीएम व पासबुक तक अपने पास रख लेते हैं। जिससे परेशान होकर कई लोग अपना घर तक छोडऩे को विवश हो चुके हैं। एक दिन पूर्व रोशनगर में रेलवे कर्मचारी की पत्नी रेखा जानसन घर में बेहोश मिली थी, जिसे स्थानीय जनों की मदद से पुलिस ने दरवाजा काटकर बाहर निकाला था और जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। मामले में महिला के सूदखोरों से परेशान होने की चर्चा सामने आई थी। डर के चलते सूदखोरों के जाल मेंं फंसे लोग सामने नहीं आ रहे हैं लेकिन लोगों के अनुसार क्षेत्र में एनकेजे के ही किसी जायसवाल, भट्ठा मोहल्ला के पोकलिया, शहर के ही एक जायसवाल व गुप्ता सहित दो अन्य लोग सूदखोरी के नाम पर रेलवे कर्मचारियों की मजबूरी का फायदा उठाकर 10 से लेकर 20 प्रतिशत ब्याज में पैसा देते हैं और उसके बाद रंगदारी से वसूली कर रहे हैं।

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खंडहर हो गया रेलवे कर्मचारी का मकान
रोशन नगर में ही रेलवे कर्मचारी रामसहाय तिवारी का मकान है, जो वर्तमान में खंडहर पड़ा है। स्थानीय जनों के अनुसार तिवारी ने किसी सूदखोर से ब्याज पर पैसे ले रखे थे और उसे चुकाते-चुकाते उनकी मृत्यु हो गई। बाद में पत्नी की मौत भी हुई और बेटे दूर रहने लगे। वर्तमान में भी खंडहर पड़ा मकान सूदखोरों के ही कब्जे में है।

उधार लिए पैसे, करा ली रजिस्ट्री
रोशन नगर क्षेत्र में ही एक अन्य मामला सामने आया था। जिसमें मीना डेनियल ने शहर के एक सूदखोर से लगभग तीन लाख रुपये उधार लिए थे। पैसे लेने की लिखा पढ़ी के नाम पर सूद का काम करने वाले ने पॉवर ऑफ अटार्नी ले ली और बाद में मकान अपने नाम करा लिया। महिला को जानकारी लगने के बाद उसने न्यायालय की शरण ली।

खास-खास
- एनकेजे क्षेत्र में 75 प्रतिशत रेलवे कर्मचारी
- जरूरत पर पैसे लेने के बाद सूदखोर वसूलते हैं मनमाना ब्याज
- गुर्गों के सहारे होती है पैसों की वसूली
- पैसा देने पीडि़त दूसरे सूदखोर से लेता है अधिक ब्याज पर राशि
- वेतन आते ही पासबुक व एटीएम के माध्यम से निकाल लेते है पैसे
- गुर्गों की दहशत के चलते परेशान होने पर भी नहीं करते लोग शिकायत
इनका कहना है...
महिला के मामले में वो बेहोश मिली थी और कोई ऐसा कारण सामने नहीं आया है। सूदखोरों को लेकर अभी तक थाना तक कोई शिकायत नहीं पहुंची है। यदि लोग परेशान हैं तो बिना डर के पुलिस को शिकायत करें। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अनिल कांकड़े, थाना प्रभारी एनकेजे

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