25 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बच्ची के साथ किया दुष्कर्म, अब आरोपी मरते दम तक जेल में रहेगा ये हैवान

अत्यधिक घृणित और निदंनीय माना गया कृत्य, विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी की अदालत से हुआ फैसला  
2 min read
Google source verification

कटनी

•

image

Balmeek Pandey

•

Mar 28, 2021

Rape accused Punishment to life imprisonment

Rape accused Punishment to life imprisonment

कटनी. थाना कोतवाली के जघन्य सनसनीखेज मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कटनी द्वारा शनिवार को बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी अनिल गोस्वामी को मृत्यु पर्यंत तक के कारावास एवं जुर्माने से दण्डित किया है। अभियोजन के अनुसार 29 अप्रैल 2018 को शाम करीब 6 बजे आरोपी पीडि़ता के घर में था, जो शराब पिए हुए था, पीडि़ता जिसे उसके घर पहुंचाने के लिए ले गई, अपने घर पहुंचते ही आरोपी ने उसे घर की लाईट चालू करने के लिए कहा और जब पीडि़ता ने लाईट चालू की तो उसने घर का दरवाजा बंद कर दिया। पीडिता को तलवार से मारने का डर दिखाके हुए दुष्कर्म किया। पीडि़ता जब काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो उसकी छोटी बहन मोहल्ले की महिलाओं को बताया। आरोपी के घर जाकर देखी तो दरवाजा बंद था। आरोपी पीडि़ता के साथ दुष्कर्म करते हुए देखा गया, जो लोगों को देखकर छिप गया। घटना की रिपोर्ट मुहल्ले की एक महिला द्वारा थाना कोतवाली कटनी में दर्ज कराई गई। पीडि़ता की शिकायत पर आरोपी अनिल गोस्वामी के विरूद्ध मामला पंजीबद्ध किया गया।
विशेष न्यायाधीश एससी-एस टी के समक्ष 19 गवाहों के कथन कराए गए। न्यायालय द्वारा एमएलसी करने वाले डॉक्टर, एफएसएल प्रयोग शाला की रिपोर्ट से पीडि़ता के कथन को प्रमाणित पाते हुए अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एवं लिखित तर्क से सहमति जताते बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को धारा 376 (एबी) में मृत्युतक के कारावास से, धारा 6 पाक्सो अधिनियम में आजीवन कारावास से, धारा 342 भादवि के लिए 06 माह के सश्रम कारावास से दण्डित किया। अभियुक्त के ऊपर 10 हजार 500 रूपये का अर्थदण्ड भी अधिरोपित किया गया।

माना सबसे घृणित कृत्य
न्यायालय द्वारा निर्णय सुनाते हुए कहा गया कि अभियुक्त का कृत्य अत्यधिक घृणित और निदंनीय है और ऐसे घृणित कृत्यों को किसी भी रूप से प्रोत्साहन दिया जाना उचित नहीं है और अभियुक्त को कड़े दंड से दंडित कर समाज को समुचित संदेश दिया जाना भी पूर्णतया उचित और न्यायसंगत है। प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक हनुमंत किशोर शर्मा एवं सहयोग एडीपीओ नविता पिल्लै द्वारा की गई। उक्त जानकारी मीडिया सेल प्रभारी दिनेश कुमरे ने दी।