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समर्थन मूल्य पर धान बेचने रिकॉर्ड पंजीयन: 62,658 किसानों से 4.75 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य

1 दिसंबर से जिले में समर्थन मूल्य पर होगी धान खरीदी, 96 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ी है समर्थन मूल्य की राशि

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कटनी

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Balmeek Pandey

Nov 19, 2025

Paddy procurement

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए पंजीयन अनिवार्य ( Patrika File Photo )

कटनी. जिले में 1 दिसंबर से किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारंभ होने जा रही है। किसानों की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने 89 खरीदी केंद्र बनाए हैं, जिनमें से 86 केंद्रों को स्वीकृति मिल चुकी है। इस बार रिकॉर्ड स्तर पर किसानों ने पंजीयन कराया है, जिससे संकेत मिल रहा है कि खरीदी सीजन में भारी मात्रा में धान की आवक होगी। किसानों ने उम्मीद जताई है कि इस बार समय पर खरीदी, त्वरित भुगतान और उचित परिवहन व्यवस्था से उन्हें राहत मिलेगी और धान बिक्री में कोई समस्या नहीं होगी।
इस वर्ष 62,658 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 53,153 थी। यह आंकड़ा दर्शाता है कि किसानों में इस बार सरकारी खरीदी को लेकर अधिक उत्साह है। समय-समय पर अच्छी बारिश व औसत से अधिक बारिश के कारण जिले में इस बार धान की अच्छी फसल आइ है। जिले में 4.75 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष 4.11 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था।

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समर्थन मूल्य में 96 रुपए की वृद्धि

इस बार धान के समर्थन मूल्य में 96 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई है। वर्ष 2024 में जहां 2,283 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी गई थी, वहीं इस वर्ष 2,369 रुपए प्रति क्विंटल के दर से खरीदी की जाएगी। किसानों को इस बढ़ी राहत से मामूली लाभ मिलेगा, लेकिन अन्नदाता संतुष्ट नहीं हैं। हालांकि किसानों का कहना है कि उत्पादन लागत में वृद्धि के अनुपात में समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी अभी भी सीमित है।

महिला स्वयं सहायता समूहों को मिली जिम्मेदारी

महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से इस बार जिले के तीन खरीदी केंंद्र महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपे गए हैं। इनमें हदरहटा खरीदी केंद्र एक और दो, पिपरिया कला नंबर दो केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों पर समस्त खरीदी, तौल और प्रबंधन की जिम्मेदारी महिलाओं के पास होगी।

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39 वेयरहाउस केंंद्रों में सुरक्षित खरीदी

धान को सुरक्षित रखने के लिए इस बार 39 खरीदी केंंद्र वेयरहाउस परिसरों में स्थापित किए गए हैं, ताकि खरीदी के तुरंत बाद धान का भंडारण सुरक्षित रूप से किया जा सके। शेष केंद्रों पर खरीदी सहकारी समितियों के स्तर पर की जाएगी। कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा प्रशासन द्वारा सभी खरीदी केंंद्रों में बारदाना, तौल मशीन, पेयजल की सुविधा, किसानों के बैठने की व्यवस्था, धान को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल आदि का इंतजाम, प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था जैसे इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को केंद्रों का निरीक्षण कर खरीदी शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

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किसानों में असमंजस की स्थिति बरकरार!

हालांकि खरीदी की तारीख तय हो गई है, लेकिन किसानों में अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दरअसल, कुछ समय पहले राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर धान खरीदी न करने की मंशा व्यक्त की थी, इसमें बढ़ते कर्ज को कारण बताया था, जिससे किसानों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई थी। अब प्रशासन ने साफ किया है कि कटनी जिले में तय कार्यक्रम के अनुसार ही खरीदी शुरू की जाएगी। खाद्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि खरीदी केंद्रों की सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं। किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। खरीदी केंद्रों में सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

वर्जन
धान खरीदी की सभी तैयारियां संबंधित विभागों द्वारा की जा रहीं हैं। जिले में कुल 89 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 86 केंद्रों की स्वीकृति मिल चुकी है। प्रत्येक केंद्र पर बारदाना, तौल मशीन, किसानों के बैठने एवं पेयजल की सुविधा की व्यवस्था कराई जा रही है। हमारा लक्ष्य है कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और भुगतान समय पर कराया जाएगा। महिला स्वयं सहायता समूहों को भी जिम्मेदारी देकर उन्हें सशक्त बनाया जा रहा है। विभाग लगातार निगरानी करेगा ताकि खरीदी कार्य सुचारु रूप से हो।
सज्जन सिंह परिहार, जिला खाद्य अधिकारी।