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अनपढ़ों के लिए सुनहरा मौक़ा, फिर शुरू हो गया यह बड़ा अभियान

जिले के 100 फीसदी युवा-प्रौढ़ को साक्षर करने फिर चलेगा पढऩा-बढऩा अभियान, पहले चरण में 6 हजार 282 लोगों को परीक्षा में किया जाएगा शामिल, बनी कार्ययोजना डीपीसी ने अधिकारी-कर्मचारियों को दिए निर्देश, सेवाभावी लोगों से सहयोग लेकर हासिल किया जाएगा लक्ष्य

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कटनी

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Balmeek Pandey

Dec 27, 2021

teachers post vacant

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कटनी. शहरी क्षेत्रों में भले ही लगातार साक्षरता का प्रतिशत बढ़ रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी ऐसे लोग हैं, जिन्हें बुनियादी शिक्षा भी नहीं मिली। इन्ही निरक्षर लोगों को विशेष अभियान चलाकर फिर साक्षर किया जाएगा। नई शिक्षा नीति के अनुसार पहले चरण में मार्च 2022 तक पढऩा-लिखना अभियान चलाया जाएगा। साक्षरता कार्यक्रम पढना-लिखना अभियान के क्रियान्वयन के लिए बैठक कार्यशाला का आयोजन हुआ है। यह आयोजन डीपीसी की मुख्य उपस्थिति में हुई है। डीपीसी केके डेहरिया, जिला शिक्षा केन्द्र के बीआरसीसी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। साक्षरता कार्यक्रम के लिए प्रचार-प्रसार की कार्ययोजना, क्रियान्यवयन में अन्य विभागों व अशासकीय संस्थाओं का सहयोग, अक्षर साथियों का चिन्हांकन, प्रशिक्षण कार्ययोजना, सामाजिक चेतना केंद्र, स्थल चयन, केंद्र का संचालन किसके द्वारा किया जाएगा, इसके संचालन में किस प्रकार सहयोग किया जाएगा, जानकारी का संधारण, साक्षरता कार्यक्रम के लिए निगरानी आदि विषय पर कार्ययोजना तैयार की गई है।
समस्त बीआरसीसी को निर्देश दिए गए कि स्थानीय शिक्षकों द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से ग्रामवार सर्वे कर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे निरक्षर जो 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के वयस्क जो औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाए एवं औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने की उम्र पार कर चुके हंै, की सूची तैयार कर अक्षर साथी बनाकर कक्षा संचालन के लिए स्थान चिन्हित करें। अक्षर साथी स्वयं सेवी भाव से निरक्षरों को साक्षर बनाने का कार्य करेंगे। चिहिन्त निरक्षरों की मार्च 2022 में परीक्षा भी कराई जाएगी। जिले में 6 हजार 282 लोगों को परीक्षा में शामिल करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उददेश्य असाक्षरों को बुनियादी साक्षरता प्रदान करना है।

यह है शिक्षा का दर
लक्ष्य वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार प्रदेश की साक्षरता दर 70.06 प्रतिशत है, जिसमें पुरुष साक्षरता दर 80.5 प्रतिशत और महिला साक्षरता दर 60 प्रतिशत है। कुल असाक्षरों की संख्या 1,74,24,138 है जिसमें 60,41,370 पुरुष एवं 1,13,82,768 महिला हैं। बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा के लिए कुल 6 लाख 40 हजार असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें कटनी भी शामिल है।

अक्षर साथियों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी
निरक्षकों को पढ़ाने के लिए छात्र-छात्राओं, सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों, संस्थाओं एवं व्यक्तियों का सहयोग लिया जाएगा जिन्हें अक्षर साथी कहा जाएगा। कार्यक्रम के संचालन के लिण् संगठनों, संस्थाओं, समाजसेवियों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, एनसीसी, एनएसएस एवं स्काऊट गाइड के छात्र छात्राएं, बीएड, डीएड के प्रशिक्षणार्थी समग्र शिक्षा अभियान, उच्च शिक्षा विभाग, विधि विभाग, स्वच्छ भारत मिशन, नेहरू युवा केन्द्र, जन अभियान परिषद् , महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण एवं शहरी आजीविका मिशन, स्वास्थ्य विभाग , आदिम जाति विभाग, बैंकर्स आदि उपरोक्त विभागों के अतिरिक्त राज्य संसाधन केन्द्र, राज्य शिक्षा केन्द्र व अन्य विभागों के साथ लिया जाएगा। इसके अलावा स्वसहायता समूह के शिक्षित कार्यकर्ता, स्थानीय शिक्षक, सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों से भी सहयोग लिया जाएगा।

ये होंगे साक्षर केंद्र
- ग्राम पंचायत भवन
- शासकीय विद्यालय
- आंगनवाड़ी केंद
- शासकीय भवन

इनका कहना है
शिक्षा नीति व विभाग के निर्देशानुसार जिले में निरक्षरों को साक्षर करने के लिए वृहद योजना तैयार की गई है। कार्ययोजना को लेकर बैठक में अधिकारी-कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक तैयारी चल रही है।
केके डेहरिया, डीपीसी।