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सिर में तिरंगा बदन में स्वच्छता का रंग, अलख जगाने देश के शहर-शहर यात्रा

Saifuddin's cleanliness journey

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कटनी

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Balmeek Pandey

Dec 10, 2024

Saifuddin's cleanliness journey

Saifuddin's cleanliness journey

दो अक्टूबर 2015 से सैफुद्दीन कर रहे स्वच्छता यात्रा, दे रहे अनूठा संदेश, नौ साल में की 75 सौ किलोमीटर की यात्रा

कटनी. कहते हैं कि कथनी और करनी में अंतर नहीं होना चाहिए। इस विचार को साकार करते हुए शाजापुर के 69 वर्षीय सैफुद्दीन स्वच्छता का गजब संदेश लेकर देशभर में भ्रमण कर रहे हैं। उनका प्रयास केवल प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता लाना उनकी प्राथमिकता है। उनके पहनावे से लेकर उनके कार्य तक, सबकुछ स्वच्छता के इर्द-गिर्द ही है। सैफुद्दीन ने दो अक्टूबर 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान और अपने धर्मगुरु की प्रेरणा से इस यात्रा की शुरुआत की। उन्होंने अब तक देश के कई नगरों और महानगरों में जाकर स्वच्छता का संदेश दिया है। दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, रायपुर, जबलपुर, इंदौर, रतलाम, दमोह, सागर, रीवा, सतना की यात्रा करते हुए कटनी पहुंचे हैं।
सैफुद्दीन का पहनावा भी उनके संदेश का हिस्सा है। वे तीन रंगों के कपड़े पहनते हैं, जो डस्टबिन के रंगों और उनके उपयोग को दर्शाते है। पीला रंग में जैव अपशिष्ट जैसे सेनेटरी पैड, पीपीई किट, टिश्यू पेपर, डायपर, ग्लव्स आदि, नीला रंग सूखा कचरा जैसे कांच, प्लास्टिक, पैकेजिंग, कपड़े, खिलौने, हरा रंग गीला कचरा जैसे किचन वेस्ट, सब्जियों और फलों के छिलके, पत्तियां।


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लहरा रहा तिरंगा
सैफुद्दीन का सिर पर तिरंगा लहराता है और गले में सीटी टंगी रहती है। वे गंदगी फैलाने वालों को टोकते हैं और साफ-सफाई बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं। अब तक सैफुद्दीन नौ साल में लगभग 75 सौ किलोमीटर से अधिक की यात्रा कर चुके हैं। वे हर शहर में बैनर, गीत और अपने विशेष परिधान के माध्यम से लोगों को स्वच्छता का महत्व समझाते हैं। पेशे से वॉलपेपर का काम करने वाले सैफुद्दीन अब यात्रा करते हैं और लोगों को साफ-सफाई की शिक्षा देते हैं। उनके प्रयास यह बताते हैं कि अगर हर नागरिक अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाए, तो स्वच्छता एक आदत बन सकती है। कवि राजेंद्र ठाकुर कहते हैं कि सैफुद्दीन की यह यात्रा न केवल एक व्यक्तिगत प्रयास है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है। उनका मानना है कि स्वच्छता से ही देश की तरक्की और लोगों का स्वास्थ्य सुनिश्चित हो सकता है।